दमोह, 5 अगस्त 2026। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार का असर अब प्रदेश स्तर की रैंकिंग में भी दिखाई देने लगा है। नियमित समीक्षा, अधिकारियों के फील्ड भ्रमण और स्वास्थ्य योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग के चलते दमोह ने मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य रैंकिंग में उल्लेखनीय छलांग लगाई है। जिला पहले जहां 51वें स्थान पर था, वहीं अब 28वें स्थान पर पहुंच गया है। कुछ स्वास्थ्य संकेतकों में दमोह ने 18वां स्थान भी हासिल किया है।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य एवं पोषण समिति की समीक्षा बैठक में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने यह जानकारी देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और मैदानी अमले की सतत निगरानी तथा समय-समय पर की गई समीक्षा का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। उन्होंने इसे पूरे जिले के लिए संतोषजनक उपलब्धि बताया।
गर्भवती महिलाओं की देखभाल में बड़ा सुधार
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, जिले में गर्भवती महिलाओं के पंजीयन का प्रतिशत 65 प्रतिशत से बढ़कर 81 प्रतिशत हो गया है। वहीं गर्भवती महिलाओं के समुचित प्रबंधन में 75 से 92 प्रतिशत तक सुधार दर्ज किया गया है। उच्च रक्तचाप से प्रभावित गर्भवती महिलाओं की निगरानी और उपचार भी 77 प्रतिशत से बढ़कर 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
टीकाकरण और टीबी नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में पूर्ण टीकाकरण कवरेज 79 प्रतिशत से बढ़कर 88 प्रतिशत हो गया है। इस उपलब्धि पर बैठक में मौजूद अधिकारियों ने तालियां बजाकर स्वास्थ्य टीम का उत्साहवर्धन किया।
क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रम में भी प्रगति दर्ज की गई है। टीबी स्क्रीनिंग 52 से बढ़कर 61 प्रतिशत, जबकि टीबी मरीजों के एक्स-रे परीक्षण में 44 प्रतिशत से बढ़कर 92 प्रतिशत तक सुधार हुआ है। टीबी मरीजों के संपर्कों की जांच और टीपीटी कवरेज भी 31 प्रतिशत से बढ़कर 55 प्रतिशत तक पहुंच गया है। हालांकि निर्धारित लक्ष्य से पीछे रहने पर कलेक्टर ने अधिकारियों को तेजी से लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य में मिला बेहतर परिणाम
बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रीता चटर्जी ने जानकारी दी कि जुलाई माह में जिले में शून्य मातृ मृत्यु समीक्षा (Zero MDR) दर्ज की गई। साथ ही गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, हाई रिस्क प्रबंधन और पीआईएच प्रबंधन में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। कलेक्टर ने विभागीय टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए सुमन पंचायत योजना के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
दवाओं और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बैठक में सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि जहां दवाओं, कंप्यूटर, ऑपरेटर, बेडशीट अथवा अन्य संसाधनों की कमी हो, वहां तत्काल व्यवस्था कराई जाए ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
आयुष्मान योजना और दस्तक अभियान पर विशेष जोर
बैठक में आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों के शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए। वहीं 14 जुलाई से 31 अगस्त तक चल रहे दस्तक अभियान की समीक्षा करते हुए 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों की स्क्रीनिंग समय-सीमा में पूरी करने और जोखिम वाले बच्चों को तत्काल उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर करने के निर्देश भी दिए गए।
एनसीडी और कुपोषण पर भी फोकस
कलेक्टर ने 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी महिला-पुरुषों की नियमित स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने, चिकित्सकीय जांच बढ़ाने तथा पोषण पुनर्वास केंद्रों (NRC) में कुपोषित बच्चों के उपचार हेतु बेड ऑक्यूपेंसी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के प्रत्येक पात्र नागरिक तक स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश राय, सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रीता चटर्जी, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. विक्रांत चौहान सहित सभी जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं ब्लॉक मेडिकल अधिकारी उपस्थित रहे।
