इंदौर। शहर में चलती स्कूटी सवार महिला के गले से सोने का मंगलसूत्र झपटकर फरार होने वाले दो आरोपियों को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास और दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
यह फैसला 31 जुलाई 2026 को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, इंदौर श्रीमती श्वेता अग्रवाल की अदालत ने सुनाया। दोषी ठहराए गए आरोपियों में प्रीत मालवीय (24 वर्ष) और धर्मेंद्र परिहार (19 वर्ष) शामिल हैं। दोनों इंदौर के निवासी हैं। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती रीना राठौर ने की।
स्कूटी से लौट रही महिला को बनाया निशाना
अभियोजन के अनुसार, 22 जुलाई 2025 की शाम करीब 5:15 बजे पीड़िता अपने दो वर्षीय बच्चे के साथ स्कूटी से पोलोग्राउंड स्थित घर लौट रही थी। जैसे ही वह कान्ह नदी पुल, एमआर-4 रोड के पास पहुंची, पीछे से मोटरसाइकिल पर आए दो युवकों ने उसका पीछा किया। बाइक पर पीछे बैठे युवक ने झपट्टा मारकर महिला के गले से करीब 11 ग्राम 20 मिलीग्राम वजन का सोने का मंगलसूत्र छीन लिया, जिसकी कीमत 56,332 रुपये बताई गई।
घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़िता की शिकायत पर थाना बाणगंगा में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
मुखबिर की सूचना पर दबिश, बरामद हुआ मंगलसूत्र
जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से आरोपियों के संबंध में सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने वारदात करना स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर चोरी किया गया मंगलसूत्र भी बरामद कर लिया गया।
न्यायालय ने सुनाई सजा
पुलिस ने साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास तथा 2,000-2,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
उपनिदेशक अभियोजन राजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि इस मामले में प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई।
