हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा शहर, श्री राम मंदिर से जटाशंकर धाम तक निकली भव्य कावड़ यात्रा
दमोह। सकल असाटी समाज दमोह के तत्वावधान में रविवार को विशाल कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया। भारी बारिश के बावजूद शिवभक्तों का उत्साह और श्रद्धा देखते ही बनी। हर-हर महादेव के जयघोष के साथ निकली कावड़ यात्रा ने शहर में धार्मिक और सामाजिक एकता का संदेश दिया। बारिश तेज होने के बावजूद श्रद्धालुओं के कदम नहीं रुके और यात्रा पूरे उत्साह के साथ अपने निर्धारित मार्ग से होते हुए श्री देव जटाशंकर धाम पहुंची।
कावड़ यात्रा का शुभारंभ टाकीज तिराहा स्थित श्री राम मंदिर से विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना के बाद हुआ। यात्रा प्रारंभ होने से पहले मातृशक्तियों द्वारा पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने नर्मदा जी का पवित्र जल कांवड़ों में भरा और भगवान भोलेनाथ के पूजन के उपरांत कावड़ यात्रा के लिए रवाना हुए।
श्री राम मंदिर से प्रारंभ हुई यात्रा बकौली चौक, घंटाघर, अस्पताल चौराहा, कोतवाली चौराहा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए श्री देव जटाशंकर धाम पहुंची। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों द्वारा कावड़ यात्रियों का स्वागत किया गया। फल, पानी और पुष्प वर्षा के माध्यम से शिवभक्तों का अभिनंदन किया गया।
बारिश ने बढ़ाया उत्साह, नहीं रुके शिवभक्त
कावड़ यात्रा के दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश इतनी तेज थी कि कुछ समय के लिए पूरा शहर पानी से सराबोर नजर आया, लेकिन शिवभक्तों की आस्था और उत्साह पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। श्रद्धालु बारिश में भी कांवड़ लेकर हर-हर महादेव और भोले बाबा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।यात्रा में छोटे बच्चों से लेकर युवाओं, महिलाओं, मातृशक्तियों और वरिष्ठजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कावड़ यात्रियों की भक्ति और उत्साह ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया। बड़ी संख्या में लोग भक्ति गीतों पर झूमते और नाचते हुए जटाशंकर धाम की ओर आगे बढ़ते नजर आए।
डमरू दल और बच्चों ने बढ़ाया आकर्षण
कावड़ यात्रा की शुरुआत में सबसे आगे समाज का बैनर रहा। इसके पीछे जटाशंकर धाम का डमरू दल अपनी प्रस्तुति देता हुआ चल रहा था। डमरू की गूंज और भगवान भोलेनाथ के जयकारों से पूरा मार्ग भक्तिमय नजर आया।यात्रा में समाज के छोटे-छोटे बच्चे भी कांवड़ लेकर शामिल हुए। बच्चों के चेहरे पर उत्साह और श्रद्धा देखते ही बन रही थी। वहीं बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी कांवड़ उठाकर यात्रा में हिस्सा लिया। महिलाएं भजन और जयकारों के साथ नाचते-गाते हुए भोले बाबा की भक्ति में लीन नजर आईं।
शहर में जगह-जगह हुआ स्वागत
कावड़ यात्रा के दौरान बकौली चौक, घंटाघर, अस्पताल चौराहा और कोतवाली चौराहा सहित कई स्थानों पर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। लोगों ने कावड़ यात्रियों को फल और पानी वितरित किया तथा पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया।भारी बारिश के बीच भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। मार्ग में मौजूद लोगों ने कावड़ यात्रियों का उत्साह बढ़ाया और भगवान भोलेनाथ के जयकारों में शामिल हुए।
जटाशंकर धाम पहुंचकर किया जलाभिषेक
लंबे मार्ग से होते हुए कावड़ यात्रा श्री देव जटाशंकर धाम पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने नर्मदा जल से भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक किया। इसके बाद मंदिर परिसर में भगवान भोलेनाथ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
एकता और सामाजिक समरसता का दिया संदेश
सकल असाटी समाज के लोगों ने कहा कि कावड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज की एकता और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। यात्रा में बच्चों, महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठजनों की भागीदारी ने समाज की एकजुटता को प्रदर्शित किया।समाजजनों ने कहा कि बारिश हो या कोई भी परिस्थिति, दमोह का असाटी समाज एकजुट होकर धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में अपनी सहभागिता निभाता रहेगा। इस आयोजन के माध्यम से समाज ने एकता का संदेश देते हुए कहा कि दमोह हमेशा एक था, एक है और एक रहेगा।
महिला समिति और युवा टीम की रही अहम भूमिका
कावड़ यात्रा को सफल बनाने में दमोह असाटी समाज महिला समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। महिला समिति की सदस्यों ने यात्रा की व्यवस्थाओं को संभालने के साथ श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग किया।वहीं समाज की युवा टीम ने भी पूरे आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई। युवाओं ने यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं को संभाला और श्रद्धालुओं के साथ कदम से कदम मिलाकर यात्रा को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।भारी बारिश के बीच सकल असाटी समाज की विशाल कावड़ यात्रा का सफल आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता का संदेश देते हुए संपन्न हुआ। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्ति ने पूरे शहर को शिवमय कर दिया।
