भाई सत्येंद्र सिंह और नितेंद्र सिंह लोधी सहित परिजन भी कर रहे पदयात्रा, शिवभक्तों और मां नर्मदा के श्रद्धालुओं की बड़ी सहभागिता; 121 किलोमीटर की यात्रा पांच दिन में पहुंचेगी बांदकपुर
तेंदूखेड़ा। मध्यप्रदेश शासन के मंत्री एवं जबेरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक धर्मेंद्र सिंह लोधी की संकल्प कांवड़ यात्रा का द्वितीय दिवस जबेरा विधानसभा क्षेत्र में पहुंचने के साथ ही श्रद्धा, भक्ति और जनभागीदारी का अद्भुत नजारा देखने को मिला। पंचवटी-भेड़ाघाट से प्रारंभ हुई 121 किलोमीटर लंबी संकल्प कांवड़ यात्रा के विधानसभा क्षेत्र में प्रवेश करते ही जगह-जगह श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने कांवड़ियों एवं पदयात्रियों का पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। यात्रा मार्ग पर हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया।
हजारों श्रद्धालुओं के साथ प्रारंभ हुई यह यात्रा पांच दिनों में देव श्री जागेश्वर धाम बांदकपुर पहुंचेगी। यात्रा को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह बना हुआ है। रास्ते में पड़ने वाले गांवों और कस्बों में स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में यात्रा के स्वागत के लिए पहुंच रहे हैं। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर कांवड़ियों का स्वागत किया तो कहीं यात्रा में शामिल लोगों के लिए सेवा और सहयोग की व्यवस्थाएं भी की गईं।

मंत्री के साथ भाई और परिजन भी कर रहे पदयात्रा
इस संकल्प कांवड़ यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक यह है कि यात्रा में मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के साथ उनके परिवार की भी सक्रिय सहभागिता है। मंत्री के भाई सत्येंद्र सिंह लोधी और नितेंद्र सिंह लोधी सहित परिवार के अन्य सदस्य भी श्रद्धालुओं के साथ लगातार पदयात्रा कर रहे हैं।सत्येंद्र सिंह लोधी कंधे से कंधा मिलाकर पांचों दिनों की यात्रा में सक्रिय रूप से नेतृत्व की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं नितेंद्र सिंह लोधी और परिवार के सदस्य भी यात्रा में सहभागी बनकर कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं।परिवार के सदस्यों की इस तरह की सहभागिता से यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह दिखाई दे रहा है। यात्रा में शामिल लोगों के लिए यह संदेश भी सामने आ रहा है कि धार्मिक आस्था केवल मंच या आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वयं पदयात्रा कर कठिनाइयों के बीच श्रद्धा और संकल्प के साथ आगे बढ़ना भी आस्था का हिस्सा है।
शिवभक्तों के साथ मां नर्मदा के भक्तों की भी भागीदारी
संकल्प कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्तों के साथ मां नर्मदा के श्रद्धालु भी सहभागी बने हुए हैं। पंचवटी-भेड़ाघाट से प्रारंभ हुई यात्रा में नर्मदा तट की आस्था और भगवान शिव की भक्ति का अनूठा संगम दिखाई दे रहा है।मां नर्मदा के प्रति श्रद्धा रखने वाले भक्त भी पदयात्रा करते हुए कांवड़ यात्रा का हिस्सा बने हैं। श्रद्धालुओं की यह सहभागिता यात्रा को व्यापक धार्मिक स्वरूप प्रदान कर रही है। अलग-अलग क्षेत्रों और पृष्ठभूमि से आए भक्त एक साथ पदयात्रा करते हुए भगवान शिव की आराधना और सामाजिक संकल्पों के संदेश को आगे बढ़ा रहे हैं।यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के बीच भक्ति और उत्साह का माहौल है। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ रही है, स्थानीय क्षेत्रों के लोग भी इससे जुड़ते जा रहे हैं।
121 किलोमीटर का सफर, पांच दिन में बांदकपुर पहुंचेंगे कांवड़िए
पंचवटी-भेड़ाघाट से शुरू हुई संकल्प कांवड़ यात्रा कुल 121 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। पांच दिनों की इस यात्रा का अंतिम पड़ाव देव श्री जागेश्वर धाम बांदकपुर है। यात्रा के अंतिम चरण में श्रद्धालु बांदकपुर पहुंचकर भगवान शिव को जल अर्पित करेंगे।लंबी पदयात्रा के बावजूद श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर स्थानीय लोगों का सहयोग और स्वागत कांवड़ियों का उत्साह बढ़ा रहा है। धार्मिक जयकारों और भक्ति गीतों के बीच यात्रा लगातार अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही है।
धर्म के साथ समाज के लिए पांच बड़े संकल्प
मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि इस यात्रा को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रखा गया है। यात्रा के माध्यम से पांच प्रमुख सामाजिक संकल्पों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इनमें शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, गौ संरक्षण और नशामुक्ति प्रमुख हैं।यात्रा के दौरान इन विषयों पर लोगों को जागरूक करने के लिए अलग-अलग गतिविधियां की जा रही हैं। उद्देश्य यह है कि धार्मिक आस्था के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी मजबूत हो और यात्रा जिस क्षेत्र से गुजरे वहां सकारात्मक संदेश पहुंचे।
विद्यालयों में विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर बढ़ाया जा रहा उत्साह
यात्रा मार्ग में आने वाले विद्यालयों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विद्यालयों में पुरस्कार वितरण किया जा रहा है।विद्यार्थियों को मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।यात्रा के माध्यम से यह संदेश भी दिया जा रहा है कि समाज के विकास की आधारशिला शिक्षा है और प्रत्येक बच्चे को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलना चाहिए।
पौधरोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
संकल्प कांवड़ यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रा मार्ग में पौधरोपण किया जा रहा है और लोगों को पेड़ों के संरक्षण के लिए जागरूक किया जा रहा है।श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाएं और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करें। यात्रा के माध्यम से पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
यात्रा के पीछे चल रही स्वच्छता टीम

धार्मिक यात्रा के दौरान स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक विशेष टीम यात्रा के पीछे लगातार चल रही है। यह टीम मार्ग में साफ-सफाई करने के साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रही है।यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं से भी अपील की जा रही है कि वे मार्ग में कचरा न फैलाएं और यात्रा समाप्त होने के बाद भी आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने में सहयोग करें। इस पहल के जरिए धार्मिक आयोजन के साथ स्वच्छता का संदेश भी लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
नशामुक्ति को लेकर युवाओं को किया जा रहा जागरूक
संकल्प कांवड़ यात्रा के पांच प्रमुख उद्देश्यों में नशामुक्ति भी शामिल है। यात्रा के दौरान लोगों को नशीले पदार्थों से दूर रहने और युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।विशेष रूप से युवाओं को अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल, रोजगार और समाज निर्माण में लगाने का संदेश दिया जा रहा है। नशे के कारण परिवार और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को लेकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
गौशालाओं में पहुंचकर गौसेवा
यात्रा मार्ग में आने वाली गौशालाओं में पहुंचकर गौसेवा भी की जा रही है। गौ संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए श्रद्धालुओं को पशुओं के प्रति सेवा और संवेदनशीलता का संदेश दिया जा रहा है।यात्रा में शामिल श्रद्धालु धार्मिक आस्था के साथ सेवा कार्यों में भी भाग ले रहे हैं। इससे यात्रा का स्वरूप केवल कांवड़ लेकर चलने तक सीमित न रहकर सामाजिक सहभागिता का रूप ले रहा है।
जगह-जगह हुआ पुष्पवर्षा से स्वागत
जबेरा विधानसभा क्षेत्र में यात्रा के प्रवेश के दौरान जगह-जगह स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने कांवड़ियों एवं पदयात्रियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। यात्रा के पहुंचते ही हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।कई स्थानों पर लोग घंटों तक यात्रा के पहुंचने का इंतजार करते दिखाई दिए। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों में भी यात्रा को लेकर उत्साह नजर आया। स्थानीय नागरिकों द्वारा यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का स्वागत और सहयोग किया गया।
धार्मिक आस्था से सामाजिक चेतना तक पहुंच रही यात्रा
संकल्प कांवड़ यात्रा की खासियत यह है कि इसमें धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जागरूकता को भी समान महत्व दिया गया है। एक ओर हजारों शिवभक्त भगवान शिव की आराधना करते हुए पदयात्रा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यात्रा के माध्यम से शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण, गौ संरक्षण और नशामुक्ति जैसे विषयों को समाज के बीच पहुंचाया जा रहा है।मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के साथ उनके भाई सत्येंद्र सिंह लोधी, नितेंद्र सिंह लोधी और परिवार के अन्य सदस्यों की सक्रिय भागीदारी ने यात्रा को पारिवारिक और सामूहिक आस्था का स्वरूप दिया है। वहीं शिवभक्तों तथा मां नर्मदा के श्रद्धालुओं की सहभागिता ने इसे और व्यापक बना दिया है।
अब यह यात्रा अपने अगले पड़ावों की ओर बढ़ रही है। पांच दिनों के सफर के बाद जब हजारों श्रद्धालु देव श्री जागेश्वर धाम बांदकपुर पहुंचेंगे, तब भगवान शिव के जलाभिषेक के साथ यात्रा का धार्मिक संकल्प पूर्ण होगा।जबेरा विधानसभा क्षेत्र में यात्रा को मिल रहा भव्य जनस्वागत और श्रद्धालुओं की बढ़ती सहभागिता इस बात का संकेत है कि यह संकल्प कांवड़ यात्रा क्षेत्र में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जागरूकता और जनभागीदारी का भी बड़ा संदेश लेकर आगे बढ़ रही है।
