44 पंचायतों और नगर पंचायत के 15 वार्डों के लोगों से सीधा संवाद, हितलाभ वितरण से लेकर गांवों में शिक्षा-स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्थाओं का कलेक्टर ने लिया जायजा
दमोह, 21 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत पथरिया विकासखंड में आयोजित संवाद-समाधान शिविर में शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणजन पहुंचे। अभियान के चतुर्थ दिवस बारातघर में आयोजित शिविर में 44 ग्राम पंचायतों के साथ नगर पंचायत के 15 वार्डों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को शासन की योजनाओं और जनकल्याणकारी सेवाओं की जानकारी दी गई तथा प्राप्त आवेदनों और शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया मौके पर शुरू की गई।
शिविर में प्रशासन का फोकस इस बात पर रहा कि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ उनके क्षेत्र में ही उपलब्ध कराया जा सके। अधिकारियों ने विभागवार प्राप्त आवेदनों को दर्ज करते हुए संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि जनता का विश्वास प्रशासन की सबसे बड़ी पूंजी है। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान का मूल उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा ग्रामीणों की समस्याओं का मैदानी स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद करें, उनकी समस्याएं सुनें और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाएं।
हितलाभ और स्वीकृति पत्र मिलने से खिले हितग्राहियों के चेहरे
शिविर के दौरान पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के हितलाभ और स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। संबल योजना के तहत पार्वती गौंड, कटारे बसोड़, शारदा सिंह और गुलाब रानी को दो-दो लाख रुपये के स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।हितलाभ और स्वीकृति पत्र प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। शिविर में मौजूद अधिकारियों ने पात्र हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें उपलब्ध सुविधाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया से भी अवगत कराया।
एक ही स्थान पर कई विभागों की सेवाएं
जनसमस्या निराकरण शिविर में आधार, समग्र, फार्मर आईडी, खाद्य, कृषि, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉलों पर ग्रामीणों को संबंधित योजनाओं की जानकारी देने के साथ उनके आवेदन और समस्याएं भी दर्ज की गईं।कलेक्टर ने विभिन्न ग्राम पंचायतों में भ्रमण कर लौटे अधिकारियों से ग्रामीण क्षेत्रों में सामने आई समस्याओं, पात्र हितग्राहियों को अब तक नहीं मिले लाभ और शिविर में प्राप्त आवेदनों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं को केवल दर्ज करने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके निराकरण की समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
स्वैच्छिक रक्तदान में युवाओं ने दिखाई भागीदारी
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा पथरिया में रक्तदान शिविर भी आयोजित किया गया। जिला ब्लड बैंक की टीम, चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की निगरानी में नागरिकों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया। शिविर में पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी, सीबीएमओ डॉ. जतिन दुबे सहित स्थानीय युवाओं ने रक्तदान कर अभियान में सहभागिता की।रक्तदान शिविर के दौरान कुल छह यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नागरिकों को रक्तदान के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया।
गांवों में पहुंचकर कलेक्टर ने जानी जमीनी हकीकत
जनसमस्या निराकरण शिविर के बाद कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने विभिन्न गांवों और संस्थानों का भ्रमण कर जमीनी स्तर पर सरकारी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने ख्वाजाखेड़ी, परसोरिया और कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास सहित विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया।ख्वाजाखेड़ी में ग्रामीणों ने मुक्तिधाम तक पहुंचने वाले मार्ग और ट्रांसफार्मर से जुड़ी समस्या कलेक्टर के सामने रखी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उचित मूल्य की दुकान के निरीक्षण के दौरान उन्होंने राशन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हितग्राही को राशन देते समय ही पर्ची उपलब्ध कराई जाए और उसमें वितरित सामग्री तथा मात्रा की स्पष्ट जानकारी दर्ज हो।
स्वास्थ्य केंद्र और आंगनवाड़ी की व्यवस्थाएं देखीं
कलेक्टर ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इसके बाद आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के पोषण की स्थिति की जानकारी ली। कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में भोजन और छात्राओं की उपस्थिति व्यवस्था का भी जायजा लिया।छात्रावास में निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं, इसकी जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने भोजन के सैंपल को 24 घंटे सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने को कहा।
स्कूल में बच्चों से सीधे संवाद, मध्यान्ह भोजन की भी जांच
परसोरिया स्कूल में कलेक्टर ने कक्षा सातवीं की विज्ञान विषय की मासिक परीक्षा का जायजा लिया। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई को लेकर बातचीत की और उनकी शैक्षणिक स्थिति के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही कक्षा पहली और तीसरी के बच्चों से भी आत्मीय संवाद किया।मध्यान्ह भोजन व्यवस्था के निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों को दिए जा रहे भोजन में दाल, रोटी और सब्जी की गुणवत्ता देखी। ख्वाजाखेड़ी के स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को फल भी वितरित किए।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने शिक्षा और पोषण दोनों व्यवस्थाओं को बच्चों के भविष्य से जोड़ते हुए संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
29 करोड़ के सांदीपनि स्कूल निर्माण में धीमी गति पर नाराजगी
कलेक्टर ने पथरिया में करीब 29 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन सांदीपनि स्कूल का भी निरीक्षण किया। निर्माण कार्य की गति धीमी पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों तथा निर्माण एजेंसी को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान टाइल्स, नालियों, ड्रेनेज, सीवेज सहित अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की भी जांच की गई। कलेक्टर ने आवश्यक सुधार कराने के निर्देश देते हुए कहा कि विद्यालय का निर्माण हजारों बच्चों के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।उन्होंने कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर भी जोर दिया, ताकि विद्यार्थियों को विद्यालय की सुविधाओं का समय पर लाभ मिल सके।

फिल्टर प्लांट पहुंचकर पेयजल व्यवस्था की जांच
कलेक्टर ने फिल्टर प्लांट का निरीक्षण कर जल शोधन, भंडारण और वितरण से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने जल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित लैब टेस्टिंग की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पेयजल को किसी भी प्रकार की अशुद्धि से सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सावधानियां बरती जाएं। नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
वृद्ध महिला और बच्चों को देखकर रुकवाया वाहन
जनविश्वास अभियान के दौरान प्रशासनिक गतिविधियों के साथ कलेक्टर का मानवीय पक्ष भी सामने आया। शिविर से लौटते समय सड़क किनारे एक वृद्ध महिला और कुछ बच्चों को देखकर उन्होंने अपना वाहन रुकवाया। कलेक्टर ने वृद्ध महिला और बच्चों से आत्मीयता से बातचीत कर उनका हाल जाना और उन्हें केले वितरित किए।कलेक्टर का यह सहज व्यवहार मौके पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा। जनविश्वास अभियान के तहत प्रशासन और आमजन के बीच सीधे संवाद और संवेदनशीलता को महत्व दिए जाने का संदेश भी इस दौरान देखने को मिला।
प्रशासन का दावा—शिविरों के जरिए गांवों तक पहुंचेगा समाधान
पथरिया में आयोजित संवाद-समाधान शिविर और इसके बाद गांवों में किए गए निरीक्षण के माध्यम से प्रशासन ने शासन की योजनाओं और सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया। एक ओर जहां ग्रामीणों की समस्याएं शिविर में सुनी गईं, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों को गांवों में पहुंचकर वास्तविक स्थिति समझने और समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए गए।मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत प्रशासन का जोर अब इस बात पर है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिले, मूलभूत सुविधाओं की कमियां सामने आएं और उनका समयबद्ध निराकरण हो। पथरिया में आयोजित शिविर इसी दिशा में प्रशासन की मैदानी सक्रियता का हिस्सा रहा।
