आंगनबाड़ी में निर्धारित मेन्यू के अनुसार नहीं मिला भोजन, निर्माणाधीन लैब की गुणवत्ता पर भी जताई नाराजगी
दमोह। शासकीय संस्थानों में व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जानने और अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की निगरानी के लिए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने आज ग्राम मोठा और फुटेरा कलां का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न शासकीय संस्थानों में लापरवाही और अनियमितताएं सामने आने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।कलेक्टर प्रताप नारायण यादव सबसे पहले ग्राम मोठा पहुंचे, जहां उन्होंने प्राथमिक शाला और आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल में बच्चों की पढ़ाई, उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन और अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

इसके बाद कलेक्टर फुटेरा कलां पहुंचे। यहां पंचायत सचिव के संबंध में शिकायत सामने आने पर उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया। कलेक्टर ने शिकायत से संबंधित तथ्यों की जानकारी लेते हुए सीईओ जनपद पंचायत को पंचायत सचिव के तत्काल निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पंचायत स्तर पर आमजन से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा।
आंगनबाड़ी में मेन्यू के अनुसार नहीं मिला भोजन
फुटेरा कलां स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की व्यवस्था भी जांची गई। निरीक्षण में भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार नहीं पाया गया। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित के विरुद्ध तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए।कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार और भोजन की गुणवत्ता तथा निर्धारित मेन्यू का नियमित रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के पोषण से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निर्माणाधीन लैब के काम पर भी उठे सवाल
इसके बाद कलेक्टर ने उच्चतर माध्यमिक शाला फुटेरा कलां का निरीक्षण किया। यहां निर्माणाधीन लैब का भी निरीक्षण किया गया। कलेक्टर को निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिला। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य की जानकारी लेते हुए मामले में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शासकीय भवनों और सुविधाओं के निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही होने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
अनुपस्थित कर्मचारी तत्काल निलंबित
निरीक्षण के दौरान उच्चतर माध्यमिक शाला में सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी भी अनुपस्थित पाया गया। कलेक्टर ने कर्मचारी की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की और कर्मचारी को प्रभाव से निलंबित कर दिया।कलेक्टर के लगातार औचक निरीक्षण से शासकीय संस्थानों में अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर निगरानी बढ़ी है। ग्राम मोठा और फुटेरा कलां के निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जाने से यह स्पष्ट संदेश गया है कि शासकीय सेवाओं में लापरवाही, अनियमितता और ड्यूटी से अनुपस्थिति को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित शासकीय संस्थानों का नियमित निरीक्षण करें और व्यवस्थाओं में कमी मिलने पर जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। औचक निरीक्षण की इस कार्रवाई से संबंधित विभागों में भी हड़कंप की स्थिति रही।
