घर से बिना बताए निकली थीं दो बालिकाएं, परिजनों की सूचना मिलते ही पटेरा पुलिस ने संभाला मोर्चा; त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से टली अनहोनी
दमोह/पटेरा। घर से अचानक बिना बताए दो नाबालिग बालिकाओं के जंगल की ओर चले जाने की सूचना ने परिजनों की चिंता बढ़ा दी। समय बीतने के साथ आशंका और बेचैनी बढ़ती गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पटेरा पुलिस ने बिना समय गंवाए तत्काल तलाश अभियान शुरू किया। रातभर जंगलों और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस टीम बालिकाओं की तलाश करती रही और आखिरकार 2 सितंबर की सुबह दोनों बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर लिया गया।
यह पूरा घटनाक्रम 1 सितंबर 2026 की शाम का है। दोनों नाबालिग बालिकाएं करीब शाम 7 बजे अपने घर से बिना बताए जंगल की तरफ चली गई थीं। काफी तलाश के बाद भी जब उनका पता नहीं चला तो परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया और बालिकाओं के अपहरण की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई।सूचना मिलते ही पटेरा थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने प्रकरण दर्ज करने के साथ ही बालिकाओं की तलाश के लिए अलग-अलग स्तर पर प्रयास प्रारंभ किए। रात का समय होने के बावजूद पुलिस टीम जंगल और आसपास के संभावित स्थानों पर लगातार तलाश करती रही।
सूचना मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस
मामले में थाना पटेरा में अपराध क्रमांक 256/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने संभावित रास्तों, जंगल क्षेत्र और आसपास के स्थानों को ध्यान में रखते हुए सघन तलाश अभियान चलाया।पुलिस टीम की लगातार मेहनत का परिणाम 2 सितंबर की सुबह सामने आया, जब दोनों नाबालिग बालिकाएं सकुशल दस्तयाब कर ली गईं। बालिकाओं के सुरक्षित मिलने की सूचना मिलते ही परिजनों ने राहत की सांस ली।
रातभर जंगलों में तलाश, सुबह मिली सफलता
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दमोह आनंद कलादगि (IPS) के निर्देशन में कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया एवं एसडीओपी हटा कृष्णपाल सिंह के मार्गदर्शन में पटेरा पुलिस ने तत्काल सर्च ऑपरेशन चलाया।पुलिस के सामने चुनौती रात का समय और जंगल का क्षेत्र था, लेकिन टीम ने परिस्थितियों की परवाह किए बिना संभावित स्थानों पर लगातार तलाश जारी रखी। पुलिस की तत्परता और लगातार किए गए प्रयासों से दोनों बालिकाओं को सुरक्षित खोज निकाला गया।
बालिकाओं की सुरक्षा को दी सर्वोच्च प्राथमिकता
पटेरा पुलिस की इस कार्रवाई में केवल कानूनी प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि बालिकाओं की सुरक्षा और उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने को प्राथमिकता दी गई। मामले में पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई एवं विवेचना जारी है।
इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
दोनों बालिकाओं की सकुशल दस्तयाबी और विवेचना कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रचना मिश्रा एवं उप निरीक्षक संतोष सिंह के साथ म.प्र.आर. 276 सुमन यादव, प्र.आर. 96 प्रमोद चौबे, प्र.आर. 303 सुरेश लोधी, प्र.आर. 235 रुपलाल, आरक्षक राघवेन्द्र सिंह, आरक्षक 152 अनिल सिंह एवं महिला आरक्षक 415 मंगला की महत्वपूर्ण भूमिका रही।पटेरा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि किसी भी नाबालिग के अचानक लापता होने की सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण होती है। समय पर शुरू किए गए तलाश अभियान और पुलिस टीम की लगातार सक्रियता के चलते दोनों बालिकाओं को सुरक्षित बरामद किया जा सका।
