अवैध निर्माण नहीं हटाया तो चलेगा बुलडोजर, एफआईआर के साथ खसरे में दर्ज होगा ‘अहस्तांतरणीय’
सागर। बिना अनुमति कृषि भूमि पर प्लॉटिंग कर अवैध कॉलोनी विकसित करने वाले कॉलोनाइजरों के खिलाफ सागर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर न्यायालय से जारी आदेशों के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने और भूखंडों का विक्रय करने वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। संबंधित लोगों को अवैध चिन्हांकन एवं निर्माण हटाने के लिए 15 दिवस की समय-सीमा दी गई है। निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं करने पर प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा में अनाधिकृत निर्माण और अन्य अवैध गतिविधियां नहीं हटाने की स्थिति में संबंधित क्षेत्र में प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण हटाया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित भूमि के खसरे के कॉलम नंबर 12 में ‘अहस्तांतरणीय’ दर्ज किया जाएगा तथा जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर न्यायालय द्वारा की गई कार्रवाई के मामलों में सामने आया है कि संबंधित भूमि पर बिना सक्षम अनुमति, बिना डायवर्जन और बिना कॉलोनाइजर लाइसेंस के प्लॉटिंग कर भूखंडों का विक्रय किया जा रहा था। प्रशासन ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बीना क्षेत्र के मौजा इटावा में कार्रवाई
बीना तहसील के मौजा इटावा में खसरा नंबर 514/2/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1, रकबा 0.717 हेक्टेयर भूमि पर बिना आवश्यक अनुमति के अवैध प्लॉटिंग किए जाने का मामला सामने आया। इस मामले में आदित्य पिता देवेन्द्र सिंह ठाकुर के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।प्रशासन के अनुसार संबंधित भूमि पर बिना व्यपवर्तन यानी डायवर्जन और बिना कॉलोनाइजर लाइसेंस के 28 भूखंडों का विक्रय किया गया। मामले में कलेक्टर न्यायालय द्वारा आदेश जारी करते हुए संबंधित पक्ष को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है।
रहली के खमरिया में अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई
रहली क्षेत्र के मौजा खमरिया में खसरा नंबर 221/1/1, रकबा 0.164 हेक्टेयर कृषि भूमि पर बिना डायवर्जन और सक्षम स्वीकृति के कॉलोनी विकसित करने का मामला सामने आया। इस मामले में महेंद्र उर्फ मुन्ना पिता रामनाथ घोषी के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कृषि भूमि का निर्धारित प्रक्रिया के तहत डायवर्जन कराए बिना उसका कॉलोनी विकास और भूखंडों का विक्रय नियमों के विपरीत है। इसी के चलते संबंधित भूमि और निर्माण को लेकर कार्रवाई की गई है।इसी क्षेत्र में खसरा नंबर 537/2, रकबा 0.394 हेक्टेयर भूमि पर बिना आवश्यक अनुज्ञा और विकास कार्यों के भूखंडों का विक्रय करने के मामले में श्रीमती पुष्पा पति विनोद जैन के विरुद्ध भी आदेश जारी किया गया है।
रहलीखास और बमूराजैसिंह में भी कार्रवाई
रहली क्षेत्र के मौजा रहलीखास में खसरा नंबर 309/42/1/1/1, रकबा 0.2845 हेक्टेयर भूमि पर बिना अनुमति प्लॉटिंग किए जाने के मामले में चंद्रभान पिता द्वारकाप्रसाद शर्मा के खिलाफ आदेश पारित किया गया है।वहीं मौजा बमूराजैसिंह में खसरा नंबर 10/6/1/1/1/1/1/1, रकबा 1.227 हेक्टेयर भूमि पर बिना सक्षम अनुज्ञा के भूखंडों का विक्रय किए जाने के मामले में श्रीमती संजना पति संतोष तिवारी के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।प्रशासन ने इन सभी मामलों में संबंधित पक्षों को नियमों का पालन करने और अनाधिकृत निर्माण एवं गतिविधियों को हटाने के निर्देश दिए हैं।
क्रय-विक्रय पर भी लगाई जाएगी रोक
कलेक्टर ने संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन जमीनों पर अवैध कॉलोनी विकास अथवा बिना अनुमति प्लॉटिंग के मामले सामने आए हैं, उनकी सूची तैयार कर संबंधित उप-पंजीयक कार्यालय को भेजी जाए। इसका उद्देश्य ऐसी जमीनों के क्रय-विक्रय पर रोक लगाना है, ताकि अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों में लोगों को भूखंड बेचने की प्रक्रिया पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।प्रशासन की कार्रवाई का उद्देश्य बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करने वालों पर रोक लगाने के साथ-साथ उन लोगों को भी अवैध प्लॉट खरीदने से बचाना है, जो बिना दस्तावेजों और सक्षम स्वीकृतियों की जांच किए भूखंड खरीद लेते हैं।
15 दिन बाद होगी कठोर कार्रवाई
प्रशासन ने संबंधित कॉलोनाइजरों और भूमि स्वामियों को 15 दिवस की समय-सीमा दी है। इस अवधि में यदि अनाधिकृत निर्माण, अवैध चिन्हांकन अथवा नियम विरुद्ध किए गए विकास कार्यों को नहीं हटाया गया तो प्रशासन द्वारा अपने स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।ऐसी स्थिति में अवैध निर्माण को बुलडोजर के माध्यम से हटाने के साथ-साथ संबंधित भूमि के खसरे के कॉलम नंबर 12 में ‘अहस्तांतरणीय’ दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी।
कलेक्टर के निर्देशों के बाद प्रशासनिक अमले ने अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत प्लॉटिंग के मामलों पर निगरानी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी इस प्रकार की कार्रवाई किए जाने की संभावना है।प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति कृषि भूमि पर प्लॉटिंग, कॉलोनी विकास और भूखंडों का विक्रय करने वालों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। कलेक्टर की इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप की स्थिति है।
