सूचना देने वाले को 1.25 करोड़ रुपये तक का इनाम, सजा से पहले अमेरिका छोड़कर मैक्सिको और फिर जर्मनी भागने का आरोप
वॉशिंगटन। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में दोषी ठहराए गए टेक कंपनी के पूर्व सीईओ बर्नहार्ड यूजिन फ्रिट्स को अपनी ‘मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स’ सूची में शामिल किया है। फ्रिट्स को अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने से पहले अमेरिका से फरार होने के बाद वांछित घोषित किया गया है। एफबीआई ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली विश्वसनीय सूचना देने वाले व्यक्ति के लिए करीब 1.25 करोड़ रुपये तक के इनाम की घोषणा की है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, फ्रिट्स सांता मोनिका स्थित स्टारक्लब इंक के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहे हैं। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि उन्होंने ‘स्टारसाइट’ एप से जुड़ी तकनीक को लेकर निवेशकों के सामने कंपनी की संभावनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया और इसी आधार पर उनसे बड़ी रकम जुटाई।
आरोपों के मुताबिक, फ्रिट्स ने निवेशकों को बताया था कि उनकी कंपनी में बड़ी मीडिया कंपनियां निवेश करने जा रही हैं। उन्होंने वर्ष 2015 में कंपनी को 15 मिलियन डॉलर का मुनाफा होने का दावा भी किया था। इन दावों के चलते कई निवेशकों ने कंपनी में धन लगाया।
जांच के अनुसार, एक निवेशक ने करीब दो वर्षों में कंपनी में 20 मिलियन डॉलर से अधिक की राशि लगाई और अन्य निवेशकों को भी इसमें शामिल कराया। अभियोजन पक्ष ने फ्रिट्स पर निवेशकों से जुटाए गए धन के संबंध में धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया। मामले में कुल 2.68 मिलियन डॉलर से अधिक की वित्तीय धोखाधड़ी का उल्लेख किया गया है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, निवेशकों से प्राप्त धन का इस्तेमाल कंपनी के कारोबार को आगे बढ़ाने के बजाय फ्रिट्स ने निजी खर्चों में किया। आरोप है कि उन्होंने महंगी मैकलारेन और रोल्स-रॉयस जैसी कारें खरीदीं। इसके अलावा यॉट तथा मालिबू स्थित आलीशान मकान के नवीनीकरण पर भी रकम खर्च की गई। बाद में जांच के दौरान अधिकारियों ने उनकी यॉट और कुछ लग्जरी कारें जब्त कर ली थीं।
अप्रैल 2025 में लॉस एंजिल्स की जूरी ने फ्रिट्स को मामले में दोषी करार दिया। हालांकि, अदालत में सजा सुनाए जाने से पहले ही वह जून 2025 में अमेरिका से निकलकर मैक्सिको पहुंच गया।
मैक्सिको में सितंबर 2025 में स्थानीय अधिकारियों ने उसे कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के साथ हिरासत में लिया था। इसके बावजूद वह वहां से फरार होने में सफल रहा। इसके बाद वह 6 अक्टूबर 2025 को जर्मनी के म्यूनिख पहुंच गया। अमेरिकी एजेंसियां इसके बाद से उसकी तलाश कर रही हैं।
20 अक्टूबर 2025 को अमेरिकी अदालत ने फ्रिट्स को उसकी गैरमौजूदगी में 15 वर्ष की संघीय जेल की सजा सुनाई। अदालत ने उसे निवेशकों को 2.68 करोड़ डॉलर से अधिक की क्षतिपूर्ति राशि देने का आदेश भी दिया।
मामले की जांच के दौरान फ्रिट्स की मदद करने वाली उसकी महिला साथी की भूमिका भी सामने आई। जून 2026 में 63 वर्षीय लुसिंडा जेन वीस्ट मानेरा ने अदालत में स्वीकार किया कि उसने फ्रिट्स को मैक्सिको में छिपने तथा वहां से जर्मनी पहुंचने में सहायता की थी।
एफबीआई ने इस वर्ष जून में गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में फरार आरोपियों की तलाश के लिए ‘मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स’ सूची शुरू की थी। एजेंसी के मुताबिक, इस सूची में अब तक 15 भगोड़ों को शामिल किया जा चुका है। इनमें से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
एफबीआई ने लोगों से अपील की है कि फ्रिट्स के ठिकाने या उसकी गतिविधियों से संबंधित कोई विश्वसनीय जानकारी मिलने पर एजेंसी को उपलब्ध कराएं। सूचना देने वाले व्यक्ति को घोषित इनाम भी इसी अभियान के तहत दिया जाएगा।
