संगीतमय कार्यक्रम में कलाकारों और जेल कर्मचारियों ने दी शानदार प्रस्तुतियां, जेल अधीक्षक विद्याभूषण ने संगीत को बताया मानसिक विकास और पुनर्वास का प्रभावी माध्यम
देवास, 7 सितंबर। जिला जेल देवास में बंदियों के मनोरंजन के साथ-साथ उनके मानसिक विकास, तनाव में कमी और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उज्जैन के ‘हारमोनियम बिट्स ग्रुप’ द्वारा विशेष संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रुप से जुड़े कलाकारों ने विभिन्न गीतों की प्रस्तुतियां देकर जेल परिसर में सकारात्मक और खुशनुमा वातावरण बनाया। इस अवसर पर जेल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अपनी संगीत प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को उनकी परिस्थितियों से कुछ समय के लिए बाहर निकालकर संगीत और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना था। आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि कला, संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियां व्यक्ति के मानसिक एवं भावनात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जेल में रहने वाले बंदियों के लिए इस प्रकार के आयोजन उनके भीतर सकारात्मक ऊर्जा पैदा करने के साथ ही समाज की मुख्यधारा में पुनः लौटने की भावना को मजबूत करने में सहायक हो सकते हैं।
कलाकारों की प्रस्तुतियों से गूंजा जेल परिसर
संगीतमय कार्यक्रम में प्रीति दीक्षित, माधुरी वासनिक, दीपा वर्रा, खुशबु लोधी, संगीता लोधवाल, अभिषेक वैध, रोमेश सिंग और प्रियंका दुबे ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने अलग-अलग गीतों की प्रस्तुति देकर उपस्थित बंदियों का मनोरंजन किया। मधुर गीतों के बीच बंदियों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम का आनंद लिया।कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने संगीत के माध्यम से सकारात्मक सोच, धैर्य और जीवन में उम्मीद बनाए रखने का संदेश भी दिया। जेल परिसर में आयोजित इस आयोजन का वातावरण सामान्य दिनों से अलग नजर आया और बंदियों को अपनी भावनाओं को रचनात्मक माध्यम से अभिव्यक्त करने का अवसर मिला।
जेल कर्मचारियों ने भी दिखाई अपनी संगीत प्रतिभा
कार्यक्रम में जेल कर्मचारियों की सहभागिता भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। विजय सिंह बारिया, बाबूलाल वर्मा, रामस्वरूप राय, हितेश चौहान और पूजा कन्नौजे ने भी गीत प्रस्तुत किए। कर्मचारियों की प्रस्तुतियों को उपस्थित बंदियों ने सराहा।जेल कर्मचारियों और बाहर से आए कलाकारों की संयुक्त सहभागिता ने कार्यक्रम को और अधिक आत्मीय बना दिया। इससे बंदियों और जेल प्रशासन के बीच सकारात्मक संवाद एवं विश्वास का वातावरण बनाने में भी मदद मिली।
संगीत केवल मनोरंजन नहीं, मानसिक विकास का माध्यम : विद्याभूषण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेल अधीक्षक विद्याभूषण ने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास के लिए प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य कर सकता है। संगीत व्यक्ति के मन को शांत करने, तनाव कम करने और सकारात्मक विचारों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन का उद्देश्य केवल बंदियों को दंड की व्यवस्था के अंतर्गत रखना नहीं, बल्कि उनके व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना और उन्हें भविष्य के लिए बेहतर नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करना भी है। इसके लिए जेल में विभिन्न रचनात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है।
विद्याभूषण ने कहा कि संगीत जैसी गतिविधियां बंदियों के मानसिक विकास के साथ उनके भीतर आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद कर सकती हैं। रिहाई के बाद जब बंदी समाज की मुख्यधारा में लौटते हैं, तब सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बंदियों के पुनर्वास पर जोर
कार्यक्रम के दौरान बंदियों के पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापना के महत्व पर भी जोर दिया गया। जेल प्रशासन की ओर से समय-समय पर खेल, सांस्कृतिक, धार्मिक और रचनात्मक गतिविधियों के आयोजन का उद्देश्य बंदियों को सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना है।इस प्रकार के कार्यक्रम बंदियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और अपनी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाने का अवसर प्रदान करते हैं। संगीत के माध्यम से उन्हें यह संदेश भी दिया गया कि जीवन में कठिन परिस्थितियों के बावजूद सकारात्मक बदलाव की संभावना हमेशा बनी रहती है।
‘हारमोनियम बिट्स ग्रुप’ का सम्मान
कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद जेल अधीक्षक विद्याभूषण ने ‘हारमोनियम बिट्स ग्रुप’ के सभी कलाकारों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कलाकारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जेल में आकर बंदियों के बीच संगीतमय कार्यक्रम प्रस्तुत करना सामाजिक सरोकार से जुड़ा सकारात्मक प्रयास है।
उन्होंने संस्था के सदस्यों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के रचनात्मक कार्यक्रमों में सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।
घनश्याम वर्मा ने किया कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम का संचालन प्रहरी घनश्याम वर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित किया और कलाकारों एवं जेल कर्मचारियों की प्रस्तुतियों को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत कराया।कार्यक्रम के अंत में जेलर अनिल दुबे ने उपस्थित अतिथियों, कलाकारों, जेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बंदियों के लिए उपयोगी और प्रेरणादायक साबित होते हैं तथा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
पत्रकारों की भी रही उपस्थिति
संगीतमय कार्यक्रम में पत्रकार योगेश और आभा निगम भी उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम में कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया और जेल प्रशासन द्वारा बंदियों के लिए आयोजित किए जा रहे रचनात्मक कार्यक्रम की सराहना की।कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में विजय सिंह बारिया और बाबूलाल वर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जेल कर्मचारियों ने कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई।
सकारात्मक वातावरण बनाने की पहल
जिला जेल देवास में आयोजित यह संगीतमय कार्यक्रम बंदियों के बीच सकारात्मक वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सुधार और पुनर्वास की प्रक्रिया में केवल अनुशासन ही नहीं, बल्कि कला, संगीत, खेल और अन्य रचनात्मक गतिविधियों की भी अहम भूमिका होती है।
संगीत की प्रस्तुतियों के बीच बंदियों के चेहरों पर दिखाई दिया उत्साह इस बात का संकेत रहा कि ऐसे आयोजन जेल के वातावरण में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक हो सकते हैं। कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों को यह प्रेरणा भी दी गई कि वे अपने भीतर की प्रतिभा और सकारात्मक ऊर्जा को पहचानें तथा भविष्य में समाज की मुख्यधारा में लौटकर बेहतर जीवन की दिशा में आगे बढ़ें।
