सुभाष कॉलोनी, हृदयपुर सहित कई क्षेत्रों में जलभराव; घरों तक पहुंचा पानी, प्रशासन और एसडीआरएफ ने संभाला मोर्चा

दमोह, 11 सितंबर। शुक्रवार को दमोह शहर में करीब 8 घंटे तक लगातार हुई बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया। लगातार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई। सुभाष कॉलोनी, हृदयपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में बारिश का पानी सड़कों पर भर गया और कई स्थानों पर लोगों के मकानों तक पानी पहुंच गया। जलभराव के कारण लोगों को आवागमन सहित रोजमर्रा के कामकाज में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
लगातार बारिश के चलते कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न नजर आईं। निचले इलाकों में पानी बढ़ने के साथ ही रहवासियों की चिंता भी बढ़ गई। कई रास्तों पर पानी भर जाने से लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार इन क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। तेज बारिश होते ही पानी जमा होने के कारण रहवासियों को हर वर्ष इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जलभराव की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ। तहसीलदार रॉबिन जैन सहित प्रशासन की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। वहीं एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची और जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित निकालने तथा जरूरतमंद लोगों तक राहत पहुंचाने के प्रयास किए।
नगर पालिका की टीम ने भी जल निकासी के लिए आवश्यक प्रयास शुरू किए। मुख्य नगर पालिका अधिकारी राजेंद्र सिंह लोधी ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया तथा जल निकासी को लेकर संबंधित अमले को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बारिश के बाद सामने आई स्थिति ने एक बार फिर दमोह शहर की जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के कई निचले क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान अब भी चुनौती बना हुआ है। बारिश से पहले नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को लेकर तैयारियां की जाती हैं, लेकिन तेज बारिश के दौरान कई क्षेत्रों में पानी जमा होने की स्थिति फिर सामने आ जाती है।
सुभाष कॉलोनी और हृदयपुर क्षेत्र के रहवासियों का कहना है कि केवल बारिश के समय पानी निकालने की व्यवस्था करना पर्याप्त नहीं है। जलभराव की समस्या से स्थायी रूप से निजात दिलाने के लिए जल निकासी के मार्गों की क्षमता बढ़ाने, नालियों की नियमित सफाई और पानी के प्राकृतिक बहाव को बाधित करने वाले स्थानों को चिन्हित कर आवश्यक सुधार किए जाने की जरूरत है।
शहर के अन्य हिस्सों में भी लगातार बारिश का असर दिखाई दिया। कई मार्गों पर पानी जमा होने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को परेशानी हुई। बारिश के चलते सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी।
प्रशासन और राहत दल की सक्रियता से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को राहत पहुंचाने के प्रयास जारी रहे। हालांकि, हर वर्ष बारिश के दौरान सामने आने वाली जलभराव की स्थिति ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि शहर के निचले इलाकों की जल निकासी व्यवस्था का स्थायी समाधान कब होगा।
दमोह शहर के लगातार विस्तार को देखते हुए प्रभावी जल निकासी व्यवस्था अब महत्वपूर्ण आवश्यकता बन गई है। यदि जल निकासी के मार्गों की क्षमता बढ़ाने, नालियों की नियमित सफाई करने और जलभराव वाले क्षेत्रों की स्थायी योजना पर गंभीरता से काम किया जाए तो भविष्य में ऐसी स्थिति से काफी हद तक बचा जा सकता है।
फिलहाल प्रशासन और नगर पालिका की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों को उम्मीद है कि इस बारिश के बाद जलभराव वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर स्थायी जल निकासी की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
