इस बचत चुनौती का नियम सीधा है। महीने की जिस तारीख को जितना अंक हो, उतने ही दस रुपये गुल्लक में जमा करने होते हैं। यानी हर दिन जमा होने वाली राशि तारीख के साथ बढ़ती जाती है। इससे शुरुआत में बचत की रकम छोटी रहती है और महीने के आखिर में धीरे-धीरे बढ़कर ज्यादा हो जाती है।
उदाहरण के तौर पर महीने की 1 तारीख को 10 रुपये जमा करने होंगे। 5 तारीख को 50 रुपये, 10 तारीख को 100 रुपये, 15 तारीख को 150 रुपये, 20 तारीख को 200 रुपये और 25 तारीख को 250 रुपये गुल्लक में डालने होंगे। इसी क्रम को महीने की 30 तारीख तक जारी रखा जा सकता है, जब उस दिन 300 रुपये जमा होंगे।
अगर महीने की 1 से 31 तारीख तक इसी नियम के अनुसार रोज बचत की जाए, तो एक व्यक्ति एक महीने में कुल 4,960 रुपये जमा कर सकता है। इस तरह लगातार 12 महीने तक यही तरीका अपनाने पर एक व्यक्ति के पास करीब 59,520 रुपये का फंड तैयार हो जाएगा।
इस चुनौती की खास बात यह है कि इसे पति-पत्नी मिलकर भी पूरा कर सकते हैं। दोनों लोग अपने-अपने स्तर पर तारीख के हिसाब से समान रकम गुल्लक में जमा करें तो एक साल में दोनों की संयुक्त बचत करीब 1,19,040 रुपये तक पहुंच सकती है। इस तरह एक लाख रुपये का लक्ष्य पार किया जा सकता है।
इस तरीके में किसी निवेश योजना में पैसा लगाने की जरूरत नहीं होती। बचत की रकम सीधे गुल्लक में जमा की जाती है, इसलिए इसका उद्देश्य नियमित तौर पर पैसे अलग रखना और बचत की आदत विकसित करना है। रोजाना छोटी रकम जमा करने से एक साथ बड़ी राशि बचाने का दबाव भी कम किया जा सकता है।
हालांकि, इस तरीके को बाजार निवेश का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या अन्य निवेश साधनों में पैसे लगाने पर रिटर्न बाजार के प्रदर्शन से जुड़ा होता है और उसमें जोखिम भी रहता है। वहीं, गुल्लक में रखी रकम से निवेश रिटर्न नहीं मिलता। यह मूल रूप से बचत का तरीका है।
इस चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए जरूरी है कि तय तारीख पर निर्धारित रकम अलग रखी जाए। महीने की शुरुआत में छोटी रकम से शुरू होने वाली बचत महीने के अंत तक बढ़ती जाती है। पति-पत्नी दोनों नियमितता बनाए रखें तो 12 महीने में संयुक्त रूप से करीब 1.19 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं।
