योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में अभी बारिश जारी है, इसलिए सड़कों की स्थिति पर लगातार नजर रखने की जरूरत है। उन्होंने बारिश के कारण नए क्षतिग्रस्त मार्गों का भी सर्वे कराने के निर्देश दिए। आगामी पर्व और त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के आवागमन को देखते हुए उन्होंने प्रमुख मार्गों पर यातायात में किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि त्योहारों से पहले जरूरी मरम्मत और नवीनीकरण के कार्य पूरे किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गड्ढामुक्ति अभियान केवल पैचवर्क तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जहां सड़क तत्काल खराब स्थिति में है, वहां पहले उसे मोटरेबल बनाया जाए और बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद आवश्यकता के अनुसार स्थायी नवीनीकरण कराया जाए।
बैठक में बताया गया कि अतिवृष्टि के अलावा एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय मार्ग और रेलवे सहित निर्माणाधीन परियोजनाओं के कारण भारी वाहनों की आवाजाही से भी कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इन सड़कों का विभागवार सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के आधार पर खराब मार्गों को चिन्हित किया जाएगा और गड्ढामुक्ति के लिए विभागवार लक्ष्य तय किए जाएंगे।
आगामी पर्वों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इनमें गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे पर्वों के दौरान अधिक आवागमन वाले मार्ग शामिल हैं। इन मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर बेहतर स्थिति में रखने की तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों से भी उनकी कार्ययोजना की जानकारी ली। इसके अलावा मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया।
विभागीय प्रस्तुतिकरण के अनुसार गड्ढामुक्ति अभियान में नौ विभागों के अधीन आने वाले मार्ग शामिल हैं। इन विभागों के तहत करीब 4.36 लाख किलोमीटर सड़कें हैं। मौजूदा लक्ष्य के तहत करीब 50 हजार किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाना है। अब तक करीब 5,751 किलोमीटर सड़कों पर काम पूरा होने की जानकारी दी गई।
बैठक में नवीनीकरण और विशेष मरम्मत के कार्यों की भी समीक्षा हुई। नवीनीकरण के लिए करीब 30 हजार किलोमीटर और विशेष मरम्मत के लिए करीब पांच हजार किलोमीटर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक करीब 14 हजार किलोमीटर में नवीनीकरण और करीब 700 किलोमीटर में विशेष मरम्मत की प्रगति बताई गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ी हैं। उन्होंने शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, मुख्य बाजारों, सरकारी कार्यालयों और अधिक जन आवागमन वाले अन्य स्थानों की सड़कों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों से कहा कि जहां मरम्मत की जरूरत है, वहां बिना देरी काम शुरू कराया जाए और सड़क को जल्द आवागमन योग्य बनाया जाए। उन्होंने काम की गति के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
