अधिवक्ता की निर्धारित पोशाक पहनकर न्यायालयीन कार्यवाही में शामिल होने पर भी रोक, संघ की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
दमोह, 14 सितंबर 2026। जिला अधिवक्ता संघ दमोह की कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक संघ अध्यक्ष मुकेश पाण्डेय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में न्यायालयीन कार्यप्रणाली को व्यवस्थित रखने, अधिवक्ता पेशे की गरिमा बनाए रखने और संघ के अनुशासन को प्रभावी बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा के बाद महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में तय किया गया कि न्यायालयीन प्रकरणों में सभी अधिवक्ता जिला अधिवक्ता संघ द्वारा निर्धारित वकालतनामा और मेमो का ही उपयोग करेंगे तथा इन्हीं के माध्यम से न्यायालय के समक्ष अपनी पैरवी प्रस्तुत करेंगे।
बैठक के दौरान संघ के संज्ञान में आए इस विषय पर भी चर्चा की गई कि कुछ ऐसे व्यक्ति न्यायालयों में पैरवी करते हुए पाए जा रहे हैं, जो विधि के अनुसार अधिवक्ता के रूप में नामांकित नहीं हैं। कार्यकारिणी ने स्पष्ट निर्णय लिया कि कोई भी लॉ स्टूडेंट अथवा ऐसा व्यक्ति, जिसका अधिवक्ता के रूप में विधिवत नामांकन नहीं हुआ है, न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में पैरवी या अधिवक्ता से संबंधित न्यायालयीन कार्य नहीं करेगा।
इसके साथ ही ऐसे गैर-अधिवक्ताओं द्वारा अधिवक्ताओं की निर्धारित पोशाक पहनकर न्यायालयीन कार्यवाही में उपस्थित होने पर भी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। संघ ने स्पष्ट किया कि न्यायालयीन परिसर में अधिवक्ता की पहचान और पेशे से संबंधित निर्धारित नियमों का पालन आवश्यक है।
जिला अधिवक्ता संघ की कार्यकारिणी ने कहा कि इन निर्णयों का उद्देश्य किसी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान करना नहीं है, बल्कि न्यायालय की गरिमा, न्यायालयीन अनुशासन और अधिवक्ता पेशे की प्रतिष्ठा को बनाए रखना है। अधिवक्ता के रूप में न्यायालय में पैरवी करने के लिए विधि के अनुरूप आवश्यक पात्रता और नामांकन होना जरूरी है।
संघ की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि कार्यकारिणी द्वारा तय नियमों का उल्लंघन करते हुए कोई व्यक्ति गैर-अधिवक्ता के रूप में न्यायालय में पैरवी करता हुआ पाया जाता है अथवा अधिवक्ता की निर्धारित पोशाक का अनुचित उपयोग करता है, तो उसके संबंध में जिला अधिवक्ता संघ द्वारा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
संघ अध्यक्ष मुकेश पाण्डेय ने अधिवक्ताओं से कार्यकारिणी द्वारा लिए गए निर्णयों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज की गरिमा, अनुशासन और न्यायालय की मर्यादा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। संघ के निर्णयों के पालन से न्यायालयीन कार्यप्रणाली को और अधिक व्यवस्थित बनाने में सहयोग मिलेगा।
बैठक में उपाध्यक्ष राजीव सिंह ठाकुर, सचिव वसंत खरे, सहसचिव कमल सिंह, कोषाध्यक्ष इंदू पाण्डेय, पुस्तकालय प्रभारी सुल्तान सिंह सहित जिला अधिवक्ता संघ की कार्यकारिणी के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
