हत्या, लूट, बलात्कार और अन्य गंभीर अपराधों में मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की बढ़ेगी क्षमता, एसपी आनंद कलादगि ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
दमोह, 14 सितंबर 2026। अपराध की बदलती चुनौती के बीच दमोह पुलिस ने अपनी जांच व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। अब गंभीर और जटिल आपराधिक घटनाओं के बाद घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन और संरक्षण के लिए पुलिस के पास अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध रहेगी। इस वैन के माध्यम से आवश्यक फॉरेंसिक संसाधन सीधे घटनास्थल तक पहुंचाए जा सकेंगे।
पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने सोमवार को विधिवत पूजन-अर्चन के बाद मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने वैन में उपलब्ध विभिन्न तकनीकी संसाधनों का बारीकी से निरीक्षण किया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों और तकनीकी कर्मचारियों से चर्चा करते हुए उन्होंने उपकरणों के उपयोग, घटनास्थल पर उनकी उपयोगिता और साक्ष्य संरक्षण की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली।

घटनास्थल पर ही जुटाए जा सकेंगे महत्वपूर्ण साक्ष्य
गंभीर अपराधों की विवेचना में घटनास्थल सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होता है। मौके पर मौजूद कोई फिंगरप्रिंट, पैरों के निशान, जैविक नमूना, रक्त के निशान, हथियार से जुड़ा साक्ष्य अथवा कोई अन्य सूक्ष्म सामग्री अपराध की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। ऐसे साक्ष्यों के समय पर सुरक्षित नहीं होने अथवा उनके दूषित होने से जांच प्रभावित हो सकती है।मोबाइल फॉरेंसिक वैन इसी चुनौती को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। घटनास्थल पर पहुंचने वाली जांच टीम को आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध होने से साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से चिन्हित करने, उनका दस्तावेजीकरण करने, नमूने एकत्र करने और उन्हें सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
कई प्रकार के फॉरेंसिक उपकरणों से लैस है वैन
मोबाइल फॉरेंसिक वैन में फिंगरप्रिंट और फुटप्रिंट लिफ्टिंग के लिए विशेष किट उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही हथियारों और गोलीबारी से जुड़े मामलों में उपयोगी बैलिस्टिक जांच किट, जैविक नमूनों के संग्रहण के लिए आवश्यक संसाधन तथा नारकोटिक्स और टॉक्सिकोलॉजी से संबंधित प्राथमिक जांच उपकरण भी इसमें शामिल हैं।घटनास्थल का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण करने के लिए उच्च क्षमता वाले डिजिटल कैमरे और सर्च लाइट उपलब्ध हैं। इनकी सहायता से घटनास्थल की स्थिति, महत्वपूर्ण वस्तुओं और सूक्ष्म साक्ष्यों का विस्तृत फोटो एवं वीडियो रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा।
जैविक साक्ष्यों के संरक्षण पर भी जोर
अपराध की जांच में जैविक साक्ष्यों का विशेष महत्व होता है। रक्त, जैविक नमूने अथवा अन्य संवेदनशील साक्ष्यों को सुरक्षित तापमान पर रखना कई मामलों में आवश्यक होता है। इसी उद्देश्य से मोबाइल फॉरेंसिक वैन में डीप-फ्रीजर और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधा उपलब्ध कराई गई है।इसके अलावा रक्त, विस्फोटक और विभिन्न रासायनिक पदार्थों की पहचान के लिए पोर्टेबल रैपिड टेस्टिंग उपकरण भी वैन में मौजूद हैं। इन उपकरणों से घटनास्थल पर प्राथमिक स्तर की जांच में सहायता मिल सकेगी।
वैज्ञानिक जांच से मजबूत होगी विवेचना
पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने कहा कि आधुनिक समय में अपराधों की जांच केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रह सकती। वैज्ञानिक साक्ष्यों का सही तरीके से संकलन और संरक्षण विवेचना की गुणवत्ता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से पुलिस टीमों को गंभीर और जटिल अपराधों के घटनास्थल पर तत्काल आवश्यक तकनीकी सहायता उपलब्ध हो सकेगी।उन्होंने कहा कि हत्या, डकैती, बलात्कार सहित अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्य जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इसलिए साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, उनका वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण कराने और विवेचना में उनका उचित उपयोग सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
न्यायालयीन प्रक्रिया में भी उपयोगी होंगे वैज्ञानिक साक्ष्य
किसी भी आपराधिक मामले में पुलिस की विवेचना के बाद न्यायालय में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्यों की विश्वसनीयता महत्वपूर्ण होती है। घटनास्थल से वैज्ञानिक तरीके से एकत्र किए गए और उचित प्रक्रिया के तहत संरक्षित साक्ष्य अभियोजन को मामले की विवेचना और न्यायालयीन प्रक्रिया में मजबूत आधार उपलब्ध कराने में सहायक हो सकते हैं।मोबाइल फॉरेंसिक वैन की उपलब्धता से दमोह पुलिस की अपराध अनुसंधान व्यवस्था में तकनीकी क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। विशेष रूप से ऐसे मामलों में जहां घटनास्थल से मिलने वाले सूक्ष्म साक्ष्य जांच की महत्वपूर्ण कड़ी बन सकते हैं, वहां यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है।
पुलिस अधिकारियों ने किया निरीक्षण
वैन की रवानगी के अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया, रक्षित निरीक्षक राघवेन्द्र सिंह कुशवाहा सहित पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने भी वैन में उपलब्ध तकनीकी संसाधनों की जानकारी ली।दमोह पुलिस के लिए यह सुविधा ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब अपराधों की जांच में तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। अब गंभीर घटनाओं में घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया को और अधिक वैज्ञानिक तथा व्यवस्थित बनाने की दिशा में पुलिस के पास एक नया संसाधन उपलब्ध हो गया है।
