इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र का मामला, न्यायालय ने पांच हजार रुपये के अर्थदंड से भी किया दंडित
इंदौर। चाय-नाश्ते के पैसे नहीं देने की बात को लेकर हुए विवाद के बाद हुई हत्या के मामले में इंदौर की अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। माननीय न्यायालय श्री विवेक कुमार चंदेल, नवम अपर सत्र न्यायाधीश, इंदौर ने 29 सितंबर 2026 को थाना बाणगंगा के सत्र प्रकरण क्रमांक 443/2024 में निर्णय पारित करते हुए आरोपी सुरेश उर्फ बिल्लू पिता छेदीलाल कैथवास, उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम नागदा, जिला उज्जैन को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास एवं पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।अभियोजन की ओर से प्रकरण में विशेष लोक अभियोजक सुरेन्द्र सिंह वास्केल ने पैरवी की।
उपनिदेशक अभियोजन राजेन्द्र सिंह भदौरिया के अनुसार प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसे चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरणों की सूची में शामिल किया गया था। प्रकरण की प्रगति की प्रत्येक माह उपनिदेशक अभियोजन द्वारा समीक्षा की गई। अभियोजन की ओर से न्यायालय में आठ साक्षियों के बयान कराए गए, जिनके आधार पर न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करते हुए आरोपी को दोषसिद्ध किया।
अभियोजन के अनुसार घटना 5 मार्च 2024 की रात करीब 8.30 बजे बाणगंगा थाना क्षेत्र में स्थित एक चाय-नाश्ते की दुकान पर हुई थी। फरियादी मनोज चौबे द्वारा पुलिस को दी गई प्रथम सूचना के अनुसार घटना के समय लल्ला उर्फ कार्तिक और उसका मामा का लड़का बिल्लू चाय-नाश्ते की दुकान पर आए थे। उन्होंने सुनील चौबे से नाश्ता मांगा था। नाश्ता करने के बाद जब उसके पैसे मांगे गए तो इस बात को लेकर विवाद हो गया।अभियोजन के अनुसार विवाद के दौरान लल्ला उर्फ कार्तिक ने सुनील चौबे के साथ कथित रूप से गाली-गलौज की और रिश्तेदार के सामने बेइज्जती करने की बात कही। इसी दौरान बिल्लू द्वारा अपने पास रखा चाकू निकालने की बात सामने आई। बताया गया कि सुनील चौबे अपनी जान बचाने के लिए दुकान से घर की ओर भागे, तभी दोनों उनके पीछे गए।
अभियोजन के अनुसार इसी दौरान लल्ला उर्फ कार्तिक ने सुनील चौबे को पकड़ लिया और बिल्लू ने चाकू से उन पर हमला कर दिया। हमले में सुनील चौबे गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें रक्तस्राव होने लगा। घटना के दौरान दुकान पर मौजूद अन्य लोगों के बीच भी विवाद और तोड़फोड़ की स्थिति बनी।फरियादी के अनुसार सुनील को बचाने के प्रयास में अरविंद के बाएं हाथ की हथेली पर भी चोट आई। शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तथा बीच-बचाव किया। इसके बाद परिवार के लोग घायल सुनील चौबे को उपचार के लिए एमवाय अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।घटना की सूचना मिलने पर बाणगंगा थाना पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट के आधार पर अपराध क्रमांक 0341/2024 में धारा 302 एवं 34 भारतीय दंड संहिता के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा घटनास्थल का नक्शा-मौका तैयार किया गया तथा मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने संबंधित साक्षियों के बयान दर्ज किए और आरोपियों को गिरफ्तार किया। अभियोजन के अनुसार घटना में प्रयुक्त चाकू भी जब्त किया गया।विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं तथा आयुध अधिनियम की धारा 25 का भी इजाफा किया गया। संपूर्ण विवेचना के बाद पुलिस द्वारा अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय में प्रकरण के विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा साक्षियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने आरोपी सुरेश उर्फ बिल्लू को हत्या के आरोप में दोषसिद्ध पाया और धारा 302 भारतीय दंड संहिता के तहत आजीवन कारावास एवं पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।अभियोजन के अनुसार प्रकरण में अन्य आरोपों और धाराओं के संबंध में भी विवेचना एवं न्यायिक परीक्षण की प्रक्रिया हुई, जबकि न्यायालय द्वारा आरोपी सुरेश उर्फ बिल्लू को धारा 302 के तहत दोषसिद्ध करते हुए उक्त दंड से दंडित किया गया।
