महानगरी एक्सप्रेस में बिगड़ी नौ माह की गर्भवती महिला की तबीयत, जबलपुर स्टेशन पर रेलवे कर्मियों ने संभाला मोर्चा; एम्बुलेंस से एल्गिन अस्पताल पहुंचाया
जबलपुर, 17 अक्टूबर 2026। रेल यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों में समय पर सहायता उपलब्ध कराना रेलवे प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी का उदाहरण पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल में देखने को मिला, जहां रेल मदद के माध्यम से मिली सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए नौ माह की गर्भवती महिला यात्री को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। महिला की तबीयत खराब होने और प्रसव पीड़ा की सूचना मिलते ही संबंधित रेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आपसी समन्वय से आवश्यक व्यवस्थाएं कीं। जब ट्रेन जबलपुर स्टेशन पहुंची तो महिला को सुरक्षित उतारकर रेलवे एम्बुलेंस के माध्यम से रानी दुर्गावती चिकित्सालय (एल्गिन अस्पताल), जबलपुर भेजा गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 22177 महानगरी एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक महिला यात्री की तबीयत अचानक बिगड़ने की सूचना रेल मदद के माध्यम से रेलवे प्रशासन को मिली। महिला ट्रेन के एस-6 कोच की सीट संख्या 39 पर यात्रा कर रही थी। वह नौ माह की गर्भवती थी और उसे प्रसव पीड़ा हो रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सूचना मिलते ही रेलवे अस्पताल, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), इमरजेंसी मेडिकल रूम (ईएमआर) के कर्मचारियों तथा टिकट जांच दल को तत्काल सूचित किया गया, ताकि ट्रेन के जबलपुर पहुंचते ही महिला को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
सूचना मिलते ही सक्रिय हुआ रेलवे तंत्र
गर्भवती महिला की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने के बाद रेलवे कर्मचारियों ने बिना देरी किए आपसी समन्वय के साथ चिकित्सा सहायता की व्यवस्था शुरू की। संबंधित विभागों को सूचना देकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि ट्रेन के स्टेशन पहुंचने पर महिला को तत्काल चिकित्सकीय जांच और आगे के उपचार के लिए अस्पताल भेजा जा सके।ट्रेन के जबलपुर स्टेशन पहुंचने पर रेलवे की चिकित्सा कर्मी गुंजन ने महिला यात्री के स्वास्थ्य की जांच की। महिला की स्थिति को देखते हुए उन्हें ट्रेन से आगे की यात्रा स्थगित करने तथा चिकित्सकीय देखरेख में जाने की सलाह दी गई। इसके बाद महिला को उनके पति और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सुरक्षित रूप से ट्रेन से उतारा गया।
रेलवे प्रशासन ने रेलवे एम्बुलेंस के माध्यम से महिला को रानी दुर्गावती चिकित्सालय, जिसे एल्गिन अस्पताल के नाम से भी जाना जाता है, जबलपुर भेजने की व्यवस्था की। इस दौरान उप स्टेशन अधीक्षक (Dy. SS), टिकट जांच दल और रेलवे सुरक्षा बल के कर्मचारी मौजूद रहे। संबंधित कर्मचारियों के बीच समन्वय के चलते महिला को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
पति ने रेलकर्मियों के सहयोग के प्रति जताया आभार
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान महिला यात्री के परिजनों को भी सहयोग उपलब्ध कराया गया। महिला के पति संदीप ने रेलवे कर्मचारियों की तत्परता, सहयोग और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। आपात स्थिति में रेलवे के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का एक साथ सक्रिय होना यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सहायता साबित हुआ।
रेल मदद से आपातकालीन सहायता तक पहुंच आसान
रेल यात्रा के दौरान किसी यात्री की तबीयत बिगड़ने, चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होने अथवा अन्य आपात स्थिति उत्पन्न होने पर समय पर सूचना देना महत्वपूर्ण होता है। रेल मदद के माध्यम से प्राप्त शिकायतों और सूचनाओं पर संबंधित रेल मंडल द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाती है। इस घटना में भी सूचना मिलने के बाद संबंधित कर्मचारियों को सक्रिय कर महिला यात्री के लिए चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की गई।
जबलपुर रेल मंडल ने यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई है। रेल प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की समस्याओं पर समयबद्ध कार्रवाई और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय से जरूरत के समय आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
महानगरी एक्सप्रेस में हुई यह घटना रेल मदद व्यवस्था, रेलवे चिकित्सा कर्मियों और अन्य रेल कर्मचारियों के समन्वय की उपयोगिता को सामने लाती है। गर्भवती महिला को सुरक्षित ट्रेन से उतारकर अस्पताल भेजने की व्यवस्था ने यह भी रेखांकित किया कि यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में समय पर सूचना और त्वरित कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण होती है।
