डॉ. मोहन भागवत और दत्तात्रेय होसबाले ने किया शुभारंभ, देशभर से करीब 400 प्रतिनिधि हुए शामिल

पंच परिवर्तन, शाखा विस्तार और सामाजिक सहभागिता की आगामी कार्ययोजना पर होगा मंथन
इंदौर, 2 नवंबर 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित डेली कॉलेज के संत श्री रविदास जी महाराज सभागार में प्रारंभ हुई। संघ के शताब्दी वर्ष के बीच आयोजित इस बैठक को संगठनात्मक गतिविधियों, सामाजिक सहभागिता और आगामी कार्ययोजना की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत एवं सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन कर किया।
बैठक में देशभर से लगभग 400 प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इनमें संघ के सभी प्रमुख अखिल भारतीय पदाधिकारी, 11 क्षेत्रों के क्षेत्र संघचालक, क्षेत्र कार्यवाह एवं क्षेत्र प्रचारक तथा 46 प्रांतों के प्रांत संघचालक, प्रांत कार्यवाह, प्रांत प्रचारक और उनके सहयोगी कार्यकर्ता सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त संघ से प्रेरित विभिन्न संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री एवं सह संगठन मंत्रियों को भी बैठक में आमंत्रित किया गया है।यह बैठक 4 नवंबर की सायंकाल तक चलेगी। इसमें संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत विजयादशमी 2025 से विजयादशमी 2026 तक देशभर में आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही इन कार्यक्रमों के आगामी क्रियान्वयन, निरंतरता और समाज के विभिन्न वर्गों तक उनकी पहुंच को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श होगा।
पंच परिवर्तन को सामाजिक व्यवहार में उतारने पर विशेष जोर
बैठक के प्रमुख विषयों में संघ द्वारा प्रस्तुत पंच परिवर्तन की अवधारणा को समाज के दैनिक व्यवहार और जीवनशैली में प्रभावी रूप से स्थापित करना शामिल है। इसके लिए अब तक हुए प्रयासों की समीक्षा के साथ आगामी कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा होगी।पंच परिवर्तन के अंतर्गत सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व का बोध तथा नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों को प्रमुखता दी जा रही है। संघ की ओर से इन विषयों को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने और इन्हें केवल विचार तक सीमित न रखते हुए व्यवहार में उतारने पर जोर दिया जा रहा है।बैठक में इस बात पर भी विचार किया जाएगा कि स्वयंसेवकों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से इन विषयों पर स्थानीय स्तर पर किस प्रकार निरंतर गतिविधियां संचालित की जा सकती हैं।
शताब्दी वर्ष में शाखा विस्तार की समीक्षा, नियमित संचालन पर मंथन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की संगठनात्मक गतिविधियों में शाखा का विशेष महत्व है। शताब्दी वर्ष के दौरान स्वयंसेवकों द्वारा देशभर में किए गए शाखा विस्तार की भी बैठक में समीक्षा की जाएगी।विस्तारित शाखाओं को नियमित एवं अधिक प्रभावी बनाने, उनके संगठनात्मक दृढ़ीकरण और नए स्थानों पर शाखाएं प्रारंभ करने के संबंध में विचार-विमर्श होगा। इसके साथ ही शाखाओं के माध्यम से अधिकाधिक लोगों को जोड़ने और स्थानीय समाज में संघ की गतिविधियों को व्यापक बनाने के विषय पर भी चर्चा की जाएगी।संघ की आगामी संगठनात्मक दिशा निर्धारित करने में यह समीक्षा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सरसंघचालक के विजयादशमी उद्बोधन पर भी होगी चर्चा
बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के विजयादशमी उद्बोधन में उठाए गए समसामयिक राष्ट्रीय एवं सामाजिक विषयों पर भी विचार किया जाएगा।इन विषयों को समाज के विभिन्न वर्गों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा उनके अनुरूप भविष्य की गतिविधियों की रूपरेखा तैयार करने पर चर्चा होगी। देश की वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों, राष्ट्रीय चुनौतियों और समाज की सामूहिक भूमिका के संदर्भ में भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
तीन ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्वों पर सरकार्यवाह जारी करेंगे वक्तव्य
बैठक के दौरान सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की ओर से तीन महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्वों के जीवन और योगदान पर विशेष वक्तव्य जारी किए जाएंगे।इनमें राष्ट्रीय चेतना के अग्रदूत श्री राजनारायण बोस की 200वीं जयंती के अवसर पर उनके जीवन और राष्ट्र के प्रति योगदान को रेखांकित किया जाएगा।
दूसरे वक्तव्य में शुद्धिकरण आंदोलन के प्रमुख व्यक्तित्व स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान के 100वें वर्ष के अवसर पर उनके जीवन, कार्य और सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला जाएगा।तीसरा वक्तव्य वेदांत केसरी स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के जन्म के 100वें वर्ष के अवसर पर होगा। स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती ने ओडिशा के कंधमाल जनजातीय क्षेत्र में समाज के बीच स्वाभिमान, स्वावलंबन और स्वधर्म की जागृति के लिए अपना जीवन समर्पित किया था।संघ की ओर से बताया गया है कि इन तीनों व्यक्तित्वों के संबंध में मीडिया को समय-समय पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
दिवंगत प्रमुख हस्तियों एवं कार्यकर्ताओं को दी श्रद्धांजलि
बैठक के प्रारंभ में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने पिछले कुछ महीनों में दिवंगत हुई समाज की प्रमुख हस्तियों, संतों, कलाकारों, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।श्रद्धांजलि सूची में फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर, गायिका आशा भोसले, संत पद्मश्री रमेश बाबा, विवेकानंद केंद्र के पूर्व अध्यक्ष बालकृष्ण, बलवीर पुंज, एस. वेदांतम्, पत्रकार विराग पाचपोर, पराग वेदिक, पूर्व कुलपति देवेंद्र प्रताप सिंह, सच्चिदानंद महंती, प्रसिद्ध गायिका एस. जानकी, सुमन कल्याणपुरीकर और संघ के वरिष्ठ प्रचारक रहे विनोद कुमार सहित अन्य प्रमुख नाम शामिल रहे।इस अवसर पर समाज, संस्कृति, कला, पत्रकारिता एवं संगठनात्मक क्षेत्र में उनके योगदान का स्मरण किया गया।
संघ की 100 वर्षों की यात्रा और मालवा में संगठनात्मक विकास की प्रदर्शनी
बैठक स्थल पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा और मालवा क्षेत्र में संघ कार्य के क्रमिक विकास को प्रदर्शित करने वाली विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई है।इस प्रदर्शनी का उद्घाटन सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने 31 अक्टूबर को किया था। इसमें संघ की स्थापना से लेकर अब तक की संगठनात्मक यात्रा, विभिन्न गतिविधियों और मालवा क्षेत्र में संघ कार्य के विस्तार को दर्शाया गया है।
2 नवंबर से यह प्रदर्शनी मीडिया प्रतिनिधियों के अवलोकन के लिए भी उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से संघ की ऐतिहासिक यात्रा और क्षेत्रीय स्तर पर हुए कार्यों को समझने का अवसर मिलेगा।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र कुमार ने मीडिया प्रतिनिधियों को बैठक के प्रारंभ, इसमें शामिल प्रतिनिधियों और प्रस्तावित विषयों की जानकारी दी।कुल मिलाकर, इंदौर में आयोजित यह तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक संघ के शताब्दी वर्ष की गतिविधियों की समीक्षा के साथ संगठनात्मक विस्तार, पंच परिवर्तन के सामाजिक क्रियान्वयन और आगामी वर्षों की कार्यदिशा निर्धारित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
