26 वर्षीय पृथ्वी शॉ ने स्वीकार किया कि भारतीय टीम में दोबारा जगह बनाने का विचार उनके मन में हमेशा रहता है। हालांकि, वह भविष्य को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचने के बजाय वर्तमान पर ध्यान देना चाहते हैं। उनके मुताबिक, क्रिकेट में आगे क्या होगा, इसकी चिंता करने से बेहतर है कि खिलाड़ी अपने रोजमर्रा के काम और प्रदर्शन पर ध्यान दे। वह मैच जीतने, नियमित ट्रेनिंग करने और खानपान का ध्यान रखने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
पृथ्वी का कहना है कि उन्होंने अपने क्रिकेट करियर में काफी अनुभव हासिल किया है और अब वह हर मुकाबले को अलग तरीके से देखते हैं। उनके लिए फिलहाल सबसे जरूरी है कि वह मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करें और अपनी तैयारी जारी रखें। टीम इंडिया में वापसी की इच्छा होने के बावजूद वह इस लक्ष्य के दबाव को अपने खेल पर हावी नहीं होने देना चाहते।
सात पारियों में दो अर्धशतक
रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में पृथ्वी शॉ का प्रदर्शन अब तक उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने सात पारियों में दो अर्धशतक लगाए हैं। दिल्ली के खिलाफ महाराष्ट्र के शुरुआती मुकाबले में उन्होंने 70 रन बनाए थे। इसके बाद उनका प्रदर्शन लगातार एक जैसा नहीं रहा। अगली पारियों में उन्होंने 7, 21, 0, 17 और 12 रन बनाए। बंगाल के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने नाबाद 53 रन की पारी खेलकर टीम की जीत में योगदान दिया।
हालांकि, पृथ्वी अपनी बल्लेबाजी को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हैं। उनका मानना है कि उनकी पारियों में शुरुआत अच्छी रही है और तकनीक या बल्लेबाजी में कोई बड़ी परेशानी नहीं दिख रही। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में कभी अच्छी गेंद पर विकेट गंवाना पड़ता है, तो कभी अपने शॉट खेलने के प्रयास में बल्लेबाज आउट हो जाता है। इसलिए वह खराब पारियों के बाद अनावश्यक तनाव नहीं लेते। उन्हें भरोसा है कि एक बड़ी पारी उनके प्रदर्शन में बदलाव ला सकती है।
मुंबई छोड़ महाराष्ट्र से जुड़ने का अनुभव
पृथ्वी शॉ ने पिछले सीजन में मुंबई की टीम छोड़कर महाराष्ट्र का रुख किया था। नई टीम के साथ अपने अनुभव को उन्होंने सकारात्मक बताया। उनका कहना है कि मुंबई और पुणे के बीच दूरी बहुत ज्यादा नहीं है और महाराष्ट्र की टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनके साथ वह पहले भी खेल चुके हैं।
उन्होंने ऋतुराज गायकवाड़ और अंकित बावने का जिक्र करते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों के साथ उनका पुराना तालमेल है। इसी वजह से नई टीम में शामिल होने के बाद उन्हें किसी तरह की असहजता महसूस नहीं हुई। पृथ्वी के मुताबिक, वह महाराष्ट्र की टीम में सहज हैं और इस नए अनुभव का आनंद ले रहे हैं।
मोहम्मद शमी की गेंदबाजी की तारीफ
बंगाल के खिलाफ मुकाबले में भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का सामना करना पृथ्वी के लिए बड़ी चुनौती रहा। उन्होंने शमी की रफ्तार, अनुभव और गेंदबाजी के अंदाज की जमकर तारीफ की। पृथ्वी ने कहा कि शमी अब भी उसी तरह प्रभावशाली गेंदबाजी कर रहे हैं, जैसे पहले करते थे। तेज गेंदबाज की गति और अनुभव को देखते हुए बल्लेबाजों को उनके खिलाफ विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है।
पृथ्वी के मुताबिक, तेज गेंदबाजों की मददगार पिच पर शमी का सामना करना आसान नहीं था। वह बंगाल के सबसे महत्वपूर्ण गेंदबाजों में शामिल थे और भारतीय क्रिकेट के लिए उनका अनुभव भी काफी बड़ा है।
महाराष्ट्र ने 10 विकेट से जीता मुकाबला
बंगाल के खिलाफ महाराष्ट्र की जीत में गेंदबाजों का योगदान अहम रहा। पृथ्वी ने बताया कि पिच पर तेज गेंदबाजों को मदद मिल रही थी और पहली पारी में दोनों टीमों के बीच मुकाबला बराबरी का था। हालांकि, दूसरी पारी में बंगाल के 25 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद महाराष्ट्र को जीत की उम्मीद मजबूत हो गई। आखिरकार महाराष्ट्र ने 10 विकेट से मुकाबला अपने नाम किया। पृथ्वी के लिए यह जीत और उनकी नाबाद अर्धशतकीय पारी घरेलू क्रिकेट में आगे बढ़ने के लिहाज से अहम रही।
