एक-एक दुकान पर पहुंचकर जांची अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, दुकानदारों को अग्निशमन यंत्र चलाने का दिया प्रशिक्षण, बाजार में वाहनों के प्रवेश पर रोक के निर्देश
दमोह। दीपावली के त्योहार को देखते हुए दमोह जिला मुख्यालय पर पटाखा बाजार में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। त्योहार के दौरान पटाखों की बिक्री के समय किसी भी प्रकार की आगजनी अथवा दुर्घटना की आशंका को रोकने के उद्देश्य से शुक्रवार, 6 नवंबर को पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने स्थानीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के विशाल प्रांगण में लगाए गए पटाखा बाजार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पूरे बाजार का भ्रमण करते हुए एक-एक दुकान पर पहुंचकर सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और निर्धारित मानकों के पालन की वास्तविक स्थिति देखी।
पुलिस अधीक्षक ने दुकानदारों से अग्नि सुरक्षा के लिए उपलब्ध कराए गए संसाधनों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से यह देखा कि प्रत्येक दुकान पर अग्निशमन यंत्र उपलब्ध हैं या नहीं, आग बुझाने के लिए आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था की गई है अथवा नहीं और आपातकालीन परिस्थिति में इन संसाधनों का तत्काल उपयोग किया जा सकता है या नहीं। निरीक्षण के दौरान जिन दुकानों में अग्नि सुरक्षा से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं अधूरी अथवा अनुपस्थित पाई गईं, वहां दुकानदारों को तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण की खास बात यह रही कि पुलिस अधीक्षक ने केवल औपचारिक रूप से व्यवस्थाओं का जायजा नहीं लिया, बल्कि पटाखा विक्रेताओं को अग्निशमन उपकरणों के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी भी दिलाई। उन्होंने अग्निशमन यंत्रों को चलवाकर दिखाया और दुकानदारों को बताया कि आग लगने की स्थिति में किस प्रकार इनका उपयोग किया जाना चाहिए। साथ ही यह भी समझाया गया कि अग्निशमन उपकरण दुकान में ऐसी जगह रखे जाएं, जहां जरूरत पड़ने पर उन्हें बिना किसी देरी के उठाकर इस्तेमाल किया जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने दुकानदारों को स्पष्ट रूप से चेताया कि पटाखों का व्यवसाय अत्यंत संवेदनशील है। यहां छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए सुरक्षा संबंधी नियमों को केवल कागजी औपचारिकता न समझें, बल्कि उनका वास्तविक रूप से पालन सुनिश्चित करें। जिन दुकानों में फायर सेफ्टी से संबंधित आवश्यक सामग्री उपलब्ध नहीं थी, उनके संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे निर्धारित समय के भीतर सभी कमियों को दूर करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आज ही आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी नहीं की जाती हैं तो संबंधित दुकानों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई प्रारंभ करवाई जाएगी।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने पटाखा बाजार की आवाजाही और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया। निरीक्षण में बाजार के भीतर वाहनों के प्रवेश का विषय सामने आने पर उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पटाखा बाजार में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए। बाजार में अनावश्यक वाहनों की आवाजाही से भीड़ बढ़ने के साथ दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ऐसे में बाजार को व्यवस्थित रखने और लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए वाहनों के प्रवेश पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश संबंधित पुलिस अधिकारियों को दिए गए।
निरीक्षण के पश्चात पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने चर्चा करते हुए बताया कि पटाखा बाजार का निरीक्षण किया गया है। इस दौरान कुछ दुकानों में सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आई हैं, जिन्हें तत्काल पूरा करने के निर्देश दुकानदारों को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी दुकानदारों को अग्नि सुरक्षा के आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने और उनका सही तरीके से उपयोग करने के संबंध में जानकारी दी गई है। बाजार में वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे बाजार में व्यवस्था बनी रहे और किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य में परेशानी न हो।
उन्होंने दुकानदारों से प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपेक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पटाखों की बिक्री के दौरान दुकानदारों के साथ-साथ बाजार में खरीदारी के लिए आने वाले नागरिकों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रत्येक दुकानदार अपनी जिम्मेदारी समझते हुए आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करे।निरीक्षण के दौरान देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय, जबलपुर नाका पुलिस चौकी प्रभारी प्रियंका पटेल सहित पुलिस विभाग का अधीनस्थ अमला उपस्थित रहा।
सुरक्षा मानकों पर पुलिस की सख्ती
पटाखा बाजार में पुलिस अधीक्षक के इस निरीक्षण से स्पष्ट संकेत मिला है कि इस बार सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर किसी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। दुकानों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, उनके उपयोग की जानकारी और बाजार में वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण जैसे विषयों को प्राथमिकता दी जा रही है। अब संबंधित दुकानदारों की जिम्मेदारी है कि वे दिए गए निर्देशों का समय रहते पालन करें, ताकि दीपावली का त्योहार उत्साह और उल्लास के साथ सुरक्षित वातावरण में मनाया जा सके।
