इंदौर, 25 मार्च 2026। आम जनमानस के मन में चिकित्सा क्षेत्र के प्रति बन रही नकारात्मक धारणाओं को सकारात्मक दिशा देने और मेडिकल छात्रों में सेवा, संवेदना एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के उद्देश्य से “मालवांकुर” द्वारा जनजातीय क्षेत्र में आयोजित अनुभूति यात्रा का सफल समापन हुआ। इस पहल का प्रमुख लक्ष्य मेडिकल छात्रों को समाज के वंचित वर्गों से जोड़ना तथा विशेष रूप से सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर आनुवांशिक बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
मालवांकुर द्वारा श्री गुरुजी सेवा न्यास के सहयोग से पिछले तीन वर्षों से जनजातीय क्षेत्रों में अनुभूति यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में इस वर्ष 21 मार्च से 25 मार्च तक यात्रा का आयोजन अलीराजपुर जिले के श्री चंद्रशेखर आजाद नगर (भावरा) में किया गया। पांच दिवसीय इस यात्रा में 14 मेडिकल कॉलेजों के लगभग 120 मेडिकल छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इनमें एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं डेंटल कॉलेजों के विद्यार्थी शामिल रहे।
यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने भावरा स्थित महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली पर पहुंचकर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और उनके जीवन से प्रेरणा ली। इसके साथ ही जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, घर-घर संपर्क और सिकल सेल एनीमिया पर व्यापक सर्वेक्षण अभियान चलाया गया। यात्रा के दौरान लगभग 1200 मरीजों का सर्वेक्षण कर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एकत्र की गई तथा स्थानीय लोगों को बीमारी के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जागरूक किया गया।
समापन समारोह में प्रतिभागी मेडिकल छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए। विद्यार्थियों ने बताया कि इस यात्रा ने उन्हें समाज के अंतिम व्यक्ति तक चिकित्सा सेवा पहुंचाने की प्रेरणा दी है। साथ ही जनजातीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य चुनौतियों को समझने और सेवा भाव के साथ कार्य करने का अवसर मिला।
आयोजकों ने कहा कि मालवांकुर का उद्देश्य केवल चिकित्सकीय ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि मेडिकल छात्रों में मानवीय संवेदना, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास करना है। भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और सिकल सेल एनीमिया के खिलाफ अभियान जारी रखा जाएगा।
