दमोह, 17 जुलाई 2026/मध्यप्रदेश पुलिस के प्रदेशव्यापी जनजागरूकता अभियान “नशे से दूरी है जरूरी 2.0″ के तहत शुक्रवार को दमोह के सेंट नॉर्बर्ट स्कूल में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि (आईपीएस) ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से संवाद करते हुए नशे के दुष्प्रभावों, उससे बचाव और समाज की जिम्मेदारी पर विस्तार से चर्चा की।
अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने कहा कि नशा किसी एक व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि तंबाकू, सिगरेट, गुटखा, शराब और अन्य मादक पदार्थ न केवल शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर, पारिवारिक जीवन और सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी गहरा प्रभाव डालते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए अनुशासन, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना आवश्यक है। युवा यदि नशे से दूर रहेंगे तो वे अपने परिवार, समाज और देश के बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकेंगे।
संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें
पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि उनके आसपास किसी भी प्रकार की अवैध नशे की बिक्री, मादक पदार्थों का सेवन या अन्य संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दें तो बिना किसी डर के इसकी जानकारी अपने शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन या पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि समय पर दी गई एक सूचना कई युवाओं का भविष्य बचा सकती है और समाज को नशे के दुष्चक्र से मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस की प्राथमिकता केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक कर नशे से दूर रखना भी है।
शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण
कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों को संबोधित करते हुए एसपी आनंद कलादगि ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के सबसे निकट होते हैं और उनके व्यवहार में आने वाले बदलावों को सबसे पहले पहचान सकते हैं। यदि किसी छात्र में नशे की लत या गलत संगति के संकेत दिखाई दें तो समय रहते उसके अभिभावकों और संबंधित अधिकारियों को सूचित कर उचित मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्कूल, परिवार और पुलिस यदि मिलकर कार्य करें तो युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से काफी हद तक रोका जा सकता है।
विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने यह भी वचन दिया कि वे अपने आसपास नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
जिलेभर में जारी है जागरूकता अभियान
दमोह पुलिस के अनुसार “नशे से दूरी है जरूरी 2.0″ अभियान के तहत जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्रामीण क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, उन्हें नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करना और समाज में जागरूकता का व्यापक वातावरण तैयार करना है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनभागीदारी के बिना नशे के खिलाफ लड़ाई सफल नहीं हो सकती। इसलिए प्रशासन, शिक्षा संस्थानों, अभिभावकों और समाज के सभी वर्गों से अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की जा रही है।
