सागर/मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने 61वें जन्मदिवस के अवसर पर सागर जिले की रहली तहसील स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही) में वन्य-जीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए संरक्षित प्रजाति के कछुओं को जल में विमुक्त किया। साथ ही चीतों के पुनर्वास के लिए बनाए जाने वाले विशेष सॉफ्ट रिलीज बोमा (बाड़े) का भूमि-पूजन कर जैव विविधता संरक्षण का संदेश दिया।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार जंगलों और जल स्रोतों को समृद्ध बनाकर वन्य प्राणियों एवं जलीय जीवों के संरक्षण के लिए सतत प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि साफ पानी वाली नदियों में कछुओं की विभिन्न प्रजातियों का संरक्षण पारिस्थितिक संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है। कछुए जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और जैव विविधता को मजबूत करते हैं।
बामनेर नदी में छोड़े गए 14 कछुए
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली बामनेर नदी में 14 कछुओं को उनके प्राकृतिक आवास में विमुक्त किया। इनमें टेरा प्रिंस प्रजाति के 6 तथा सुंदरी प्रजाति के 8 कछुए शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ये प्रजातियाँ नदी की स्वच्छता बनाए रखने और जलीय जीव तंत्र को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति और वन्य-जीवों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है और इस दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
नौरादेही बनेगा चीतों का तीसरा आवास
मुख्यमंत्री ने कहा कि नौरादेही टाइगर रिजर्व को भविष्य में एक नई पहचान मिलने जा रही है। आने वाले समय में यह क्षेत्र मध्यप्रदेश में चीतों का तीसरा सुरक्षित आवास बनेगा। इसके लिए सॉफ्ट रिलीज बोमा का निर्माण किया जाएगा, जिससे चीतों को प्राकृतिक वातावरण में बसाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से प्रदेश में वन्य-जीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सभी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जंगलों की सुंदरता वन्य जीवों से होती है और राज्य सरकार जीवोदया के संकल्प के साथ जलचर, थलचर और नभचर सभी प्राणियों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इससे पहले कूनो-पालपुर में घड़ियाल, कछुए और गिद्धों को भी मुक्तावास में छोड़ा गया है, जो वन्य-जीव संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बुंदेलखंड की बदलेगी तस्वीर
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व लगभग 2,339 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जिसकी सीमाएं सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों तक विस्तारित हैं। इसे “लैंड ऑफ वुल्व्स” यानी भेड़ियों की धरती के रूप में भी जाना जाता है। वर्तमान में यहां करीब 32 बाघों की उपस्थिति बताई जाती है। टाइगर रिजर्व में चीतों के अनुकूल विस्तृत घासभूमि उपलब्ध है, जो दक्षिण अफ्रीका के प्राकृतिक आवास से मिलती-जुलती मानी जाती है।अभयारण्य में लगभग 240 प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। इसके अलावा यहां टाइगर, पैंथर, भेड़िया, भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, नीलगाय, चौसिंगा, काला हिरण, चिंकारा, मगरमच्छ और विभिन्न जलीय जीवों की उपस्थिति इस क्षेत्र को जैव विविधता की दृष्टि से समृद्ध बनाती है। टाइगर रिजर्व के विकास से पर्यटन के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार की अपार संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
जन्मदिन पर बच्चियों को खिलाई काजू कतली, दिए ड्राइविंग लाइसेंस
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जन्मदिवस रहली में उत्साह के साथ मनाया गया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद बच्चियों को अपने हाथों से काजू कतली खिलाई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर 8 बच्चियों को ड्राइविंग लाइसेंस प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
किसान के खेत पर खाट पर बैठकर किया भोजन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृषक हरदास रैकवार के खेत पर पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने आम के वृक्ष की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीण परिवेश में भोजन किया। भोजन से पहले उन्होंने गौ माता को गुड़-चारा खिलाया। उन्होंने बुंदेली व्यंजनों—कढ़ी, बिर्रा की रोटी, समां के चावल की खीर, खीचला-पापड़—का स्वाद लिया और ग्रामीण संस्कृति की सराहना की।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, रहली विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, देवरी विधायक बृज बिहारी पटेरिया, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रधान सचिव वन विभाग संदीप यादव, वन बल प्रमुख शुभरंजन सिंह सेन, संभागायुक्त अनिल सुचारी, पुलिस महानिरीक्षक हिमानी खन्ना, डीआईजी सचिंद्रनाथ चौहान, कलेक्टर संदीप जीआर, पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल, मुख्य वन संरक्षक दीपू दमन सिंह भदौरिया, डीएफओ रजनीश सिंह एवं वरुण यादव सहित अधिकारी मौजूद रहे।इस आयोजन ने नौरादेही टाइगर रिजर्व को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने के साथ ही बुंदेलखंड क्षेत्र में वन्य-जीव संरक्षण, पर्यटन और रोजगार की संभावनाओं को नई दिशा देने का संदेश दिया।
