दमोह। शहर की पेयजल व्यवस्था बीते एक सप्ताह से लड़खड़ा गई है। बिजली कटौती, कम दबाव से पानी की आपूर्ति और जुझारघाट के मोटर पंप बंद होने से टंकियां समय पर नहीं भर पा रही हैं, जिसके कारण कई क्षेत्रों में जल वितरण प्रभावित हो गया है। फिलहाल राजनगर जलाशय से सप्लाई की जा रही है, लेकिन पर्याप्त फोर्स नहीं मिलने से समस्या बनी हुई है।
जुझारघाट के दो मोटर पंप एक माह से बंद
जानकारी के अनुसार, शहर से करीब 18 किमी दूर व्यारमा नदी के जुझारघाट से पहले सीधे शहर में पेयजल सप्लाई होती थी। यहां लगी तीन मोटर पंपों में से दो के स्टार्टर करीब एक माह पहले खराब हो गए, जिससे सीधी सप्लाई ठप पड़ गई। वर्तमान में केवल एक मोटर पंप चालू है, जिससे पानी राजनगर जलाशय में छोड़ा जा रहा है। इसी जलाशय से अब पूरे शहर में जल आपूर्ति की जा रही है, लेकिन दबाव कम होने से टंकियां समय पर नहीं भर पा रही हैं।
पुराने फिल्टर प्लांट से अब भी हो रही सप्लाई
इधर एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आया है कि इंदौर की घटना के बाद जिला प्रशासन ने पुराने फिल्टर प्लांट से सप्लाई बंद करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद शहर के कुछ क्षेत्रों में अभी भी पुराने फिल्टर प्लांट से जल आपूर्ति जारी है। रविवार को निरीक्षण के दौरान पाया गया कि प्लांट से न केवल सप्लाई हो रही थी बल्कि वहीं से टैंकरों में भी पानी भरा जा रहा था। हालांकि हाल ही में प्लांट की सफाई कराई गई है और पानी साफ दिखाई दे रहा है।
फिल्टर प्लांट में पानी शुद्ध करने की प्रक्रिया
फिल्टर प्लांट में जुझारघाट से आने वाला पानी सबसे पहले इरीगेशन टैंक में फव्वारे के रूप में छोड़ा जाता है। इसके बाद पानी फ्लैश मिक्सर टैंक में पहुंचता है, जहां एलम मिलाया जाता है। यहां से पानी फ्लेकुलेटर टैंक में जाता है, जिसमें लगभग 31 एमएलडी पानी संग्रहित रहता है। टैंक में लगी मशीन 1 घंटे 15 मिनट में पूरा चक्र लगाकर अशुद्धियों को नीचे बैठाती है। इसके बाद पानी को विभिन्न टैंकों से गुजारते हुए अंतिम चरण में क्लोरीन गैस मिलाई जाती है। जांच के बाद पानी शहर की टंकियों में भेजा जाता है। यह प्रक्रिया 24 घंटे चलती रहती है।
गर्मियों के लिए रिजर्व रहता है राजनगर जलाशय
राजनगर जलाशय का पानी सामान्यतः गर्मियों के लिए सुरक्षित रखा जाता है, ताकि मानसून देर से आने की स्थिति में दो-तीन माह तक जल संकट न हो। अभी जुझारघाट से सीमित मात्रा में पानी इसी जलाशय में छोड़ा जा रहा है, जिससे स्तर बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
बिजली कटौती से और बिगड़ रही स्थिति
फिल्टर प्लांट पर अलग सब-स्टेशन होने के बावजूद लाइन फॉल्ट के कारण बिजली आपूर्ति घंटों बाधित हो जाती है। इससे पंपिंग प्रभावित होती है और टंकियां समय पर नहीं भर पातीं, जिसके कारण शहर में जल वितरण गड़बड़ा जाता है।
दो-तीन दिन में सुधरने की उम्मीद
नगर पालिका के उपयंत्री एवं जल वितरण प्रभारी सुशील सोनी ने बताया कि जुझारघाट में खराब दो मोटर पंपों के सुधार का कार्य शुरू हो गया है। अगले दो से तीन दिनों में सीधी पेयजल सप्लाई पुनः शुरू होने की संभावना है, जिससे स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
