
दमोह/ भगवान महावीर जन्मकल्याणक के पावन अवसर पर दमोह नगर धर्ममय वातावरण में सराबोर हो उठा। श्री दिगम्बर जैन पंचायत दमोह के नेतृत्व एवं जैन मिलन नगर प्रमुख शाखा दमोह के संयोजन में आयोजित यह भव्य महोत्सव पूज्य मुनि श्री पद्म सागर जी महाराज ससंघ, गणनी आर्यिका सौम्यनंदनी माता जी ससंघ एवं आर्यिका श्री साधू मति माता जी ससंघ के सानिध्य में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ।
भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब
प्रातःकाल सिटी नल से भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई नसिया जी मंदिर पहुंची, जहां 32 इंद्रों के माध्यम से भगवान श्रीजी का भव्य मस्तकाभिषेक संपन्न हुआ। अभिषेक के उपरांत यात्रा पुनः पलंदी मंदिर होते हुए सिटी नल पहुंचकर सम्पन्न हुई। इसके बाद सिंघई मंदिर में भगवान का पुनः अभिषेक किया गया।
झांकियां, भक्ति गीत और आकर्षक प्रस्तुतियां
शोभायात्रा में विभिन्न मंदिरों की पाठशालाओं, महिला मंडलों एवं बालिका मंडलों द्वारा अनुशासित और आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं। दिव्य घोष, भक्ति गीत एवं एकरूप वेशभूषा में प्रदर्शन ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। भगवान महावीर के जीवन प्रसंगों पर आधारित सुंदर झांकियां विशेष आकर्षण रहीं। सुधा सागर व्यायामशाला द्वारा शस्त्र प्रदर्शन एवं गौशाला की झांकियां भी केंद्र में रहीं, जबकि लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने आयोजन को और भव्य बना दिया।
प्रवचनों में अहिंसा और सद्भाव का संदेश
इस अवसर पर क्षुल्लक श्री तात्पर्य सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि तीर्थंकर भगवान का जन्म समस्त जीवों के कल्याण के लिए होता है और यह उनका अंतिम जन्म होता है। उन्होंने भगवान महावीर के “जियो और जीने दो” सिद्धांत को आज भी मानवता के लिए मार्गदर्शक बताते हुए समाज में शांति और अहिंसा अपनाने का संदेश दिया।
आर्यिका श्री साधू मति माता जी ने कहा कि गुरु आज्ञा का पालन ही सच्ची साधना है और समय के साथ धर्ममार्ग पर दृढ़ रहना आत्मकल्याण का मार्ग है। वहीं गणनी आर्यिका सौम्यनंदनी माता जी ने कहा कि धर्ममार्ग पर किया गया छोटा प्रयास भी महान फल देता है और श्रद्धा से उठाया गया प्रत्येक कदम पापों के क्षय का कारण बनता है।
चिकित्सकों का सम्मान, शाम को पुरस्कार समारोह
कार्यक्रम के दौरान समाज सेवा में सक्रिय एवं साधु-संतों की सेवा में समर्पित चिकित्सकों—डॉ. स्वदेश जैन, डॉ. गौरव नायक, डॉ. सौरभ चौधरी, डॉ. अभय जैन तथा आनंद जैन पैथोलॉजी सहित फिजियोथेरेपी सेवाएं देने वाले चिकित्सकों का श्री दिगम्बर जैन पंचायत दमोह द्वारा सम्मान किया गया।
सांध्यकाल में पारस पैलेस में महिला मंडलों एवं पाठशालाओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उत्साहवर्धन किया गया।
सम्पूर्ण आयोजन में समाज के सभी वर्गों—पुरुष, महिलाएं, युवक-युवतियां एवं बच्चों—की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। पूरा नगर भक्ति, उल्लास और धार्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत नजर आया। इस भव्य आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ समाज में एकता, अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों का भी प्रभावी संदेश दिया।
