दमोह/आगामी जनगणना को सुव्यवस्थित और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से आयोजित प्रथम चरण का प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के मार्गदर्शन एवं अपर कलेक्टर मीना मसराम के निर्देशन में आयोजित किया गया, जिसमें जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जनगणना प्रक्रिया की बारीकियों, तकनीकी पहलुओं और फील्ड स्तर पर होने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और परिवारों के चिन्हांकन की प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इसी आधार पर आगे की गणना का कार्य किया जाता है।
प्रशिक्षण में मुख्य प्रशिक्षक मास्टर ट्रेनर मुकेश द्विवेदी तथा राज्य जनगणना निदेशालय की मोना चौहान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने प्रतिभागियों को जनगणना के प्रथम चरण की संवेदनशीलता, डेटा की शुद्धता और समयबद्ध कार्य निष्पादन के बारे में विस्तार से बताया। प्रशिक्षकों ने कहा कि सटीक जानकारी ही जनगणना की विश्वसनीयता का आधार होती है, इसलिए फील्ड स्तर पर सावधानीपूर्वक कार्य करना आवश्यक है।
मकान सूचीकरण पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। इसमें घरों के चिन्हांकन, क्रमांक निर्धारण, भवनों के प्रकार की पहचान, परिवारों की संख्या का निर्धारण और सूची तैयार करने की मानक पद्धति के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि प्रत्येक भवन और परिवार का सही रिकॉर्ड तैयार करना आवश्यक है, जिससे आगे की जनगणना प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।
मोबाइल ऐप के माध्यम से होगा डेटा संग्रह
इस बार जनगणना कार्य में डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जाएगा। प्रशिक्षण में डेटा संग्रह के लिए तैयार किए गए विशेष मोबाइल ऐप का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को ऐप में लॉगिन करने, डेटा एंट्री करने, जानकारी सुरक्षित रखने तथा सिंकिंग (Syncing) की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया गया। साथ ही नेटवर्क समस्या की स्थिति में ऑफलाइन डेटा सुरक्षित रखने और बाद में अपलोड करने की जानकारी भी दी गई।
फील्ड स्टाफ को दी गई आवश्यक दिशा-निर्देश
प्रशिक्षण के दौरान फील्ड स्टाफ को निर्देश दिए गए कि वे जनगणना के दौरान घर-घर जाकर जानकारी सावधानीपूर्वक एकत्र करें और किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचें। साथ ही नागरिकों से सहयोगात्मक व्यवहार रखने और उन्हें जनगणना के महत्व से अवगत कराने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सही और अद्यतन आंकड़े शासन की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें जनगणना कार्य को जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ संपन्न करने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद अब जनगणना के प्रथम चरण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
