जून के पहले सप्ताह में हैंडओवर, नर्सिंग कॉलेज व 140 सीटर हॉस्टल को ₹14.80 करोड़ की मंजूरी

दमोह, 03 अप्रैल 2026। दमोह जिले के विकास को नई दिशा देने वाली बड़ी पहल सामने आई है। “विकसित दमोह, बेहतर दमोह और समृद्ध दमोह” के संकल्प के साथ मेडिकल कॉलेज परियोजना तेजी से अंतिम चरण में पहुंच रही है। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करते हुए सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में दमोह को मजबूत बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और तय समय सीमा में कार्य पूर्ण कराया जाएगा।
सांसद श्री लोधी ने बताया कि निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज को 31 मई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि जून के पहले सप्ताह में इसका हैंडओवर ले लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की शुरुआत 100 मेडिकल छात्रों के साथ होगी और चरणबद्ध तरीके से सीटें बढ़ाई जाएंगी। आने वाले वर्षों में यहां लगभग 600 मेडिकल छात्र अध्ययनरत रहेंगे। इसके साथ ही नर्सिंग छात्रों की संख्या 100 से 190 तक रहने की संभावना है। इस प्रकार मेडिकल और नर्सिंग को मिलाकर करीब 800 विद्यार्थियों की उपस्थिति परिसर में रहेगी।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी, डॉक्टर और स्टाफ सहित लगभग 2000 लोगों का नियमित आवागमन रहेगा। वहीं दूसरे चरण में जब अस्पताल पूरी क्षमता से संचालित होगा, तब प्रतिदिन करीब 5000 लोगों का मूवमेंट पूरे परिसर में होगा। इससे दमोह शहर की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और स्थानीय व्यापार को बड़ा लाभ मिलेगा। होटल, किराए के मकान, परिवहन, मेडिकल स्टोर और अन्य सेवाओं की मांग बढ़ने से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
सांसद श्री लोधी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के साथ ही नर्सिंग कॉलेज की स्थापना को भी मंजूरी मिल गई है। नर्सिंग कॉलेज और 140 सीटर हॉस्टल के निर्माण के लिए ₹14 करोड़ 80 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। लोक निर्माण विभाग की परियोजना इकाई द्वारा टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है और टेंडर खुलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज में 196 सीटों का प्रावधान किया गया है, जिससे जिले के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर ही नर्सिंग शिक्षा का अवसर मिलेगा।सांसद ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज शुरू होने से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि दमोह और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को अब तक इलाज के लिए बड़े शहरों में जाना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। समन्ना, मड़ियादो, पटेरा, पथरिया, जबेरा और तेंदूखेड़ा सहित ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। वहीं पन्ना, पवई और बकस्वाहा जैसे क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को भी दमोह में ही उपचार मिलेगा, जिससे दमोह क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित होगा।
सांसद श्री लोधी ने अधिकारियों के साथ मेडिकल कॉलेज परिसर के शैक्षणिक भवन, छात्रावास और अन्य निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज शुरू होने से जिले के युवाओं को उच्च शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध होने से दमोह जिले के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
