दमोह/ सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर भगवान श्री मुनिसुब्रतनाथ जी का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर देशभर से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति में धार्मिक आयोजन पूरे विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुए।प्रातःकालीन कार्यक्रमों की शुरुआत भक्तामर महामंडल विधान से हुई। इसके पश्चात पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक, शांतिधारा, रिद्धि कलश एवं पूजन विधान सम्पन्न कराया गया। भक्तों ने श्रद्धा भाव से भगवान का पालना झुलाकर उत्सव को और भी भावपूर्ण बना दिया।
इस अवसर पर परम पूज्य मुनि श्री मंगलानंद सागर जी महाराज एवं परम पूज्य मुनि श्री मंगलसागर जी महाराज का सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में मंगल प्रवेश हुआ। मुनि संघ की भव्य अगवानी की गई तथा पाद प्रक्षालन कर उनका सम्मान किया गया। मुनि संघ के सानिध्य में ही भगवान मुनिसुब्रतनाथ जी का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव संपन्न हुआ।अपने मंगल प्रवचन में मुनि श्री मंगलानंद सागर जी महाराज ने कहा कि कुंडलपुर के बड़े बाबा के चरणों में पहुंचना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि वास्तविक सुख संयम और त्याग में निहित है, भौतिक साधनों में नहीं।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालुओं को अभिषेक, शांतिधारा एवं रिद्धि कलश का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इनमें इंदौर, गुवाहाटी, अहमदाबाद, ब्यावर, गंजबासौदा, असम, ललितपुर, सतना, आगरा, एटा, जयपुर, किशनगढ़ सहित कई स्थानों से आए परिवार शामिल रहे।सांयकालीन कार्यक्रम में भक्तामर दीप अर्चना एवं पूज्य बड़े बाबा की संगीतमय महा आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे दिन चले धार्मिक आयोजनों से कुंडलपुर का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
