दमोह, 13 अप्रैल/ मध्यप्रदेश के दमोह जिले के नवागत कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने पदभार ग्रहण करने से पूर्व जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने सपरिवार भगवान जागेश्वरनाथ के दरबार में विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर जिले की सुख-समृद्धि, शांति और विकास की कामना की।
जागेश्वरनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजन
छमोह क्षेत्र स्थित भगवान जागेश्वरनाथ मंदिर में कलेक्टर यादव ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कराई। मंदिर के पुजारियों द्वारा अभिषेक और विशेष पूजन सम्पन्न कराया गया। इस दौरान कलेक्टर ने जिलेवासियों के कल्याण और प्रशासनिक दायित्वों के सफल निर्वहन के लिए भगवान से आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों ने उनका स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दीं।
बांदकपुर में स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन
इसके पश्चात कलेक्टर प्रताप नारायण यादव बुंदेलखंड के प्रसिद्ध सिद्ध तीर्थ बांदकपुर धाम पहुंचे, जहां उन्होंने स्वयंभू शिवलिंग का पूजन-अभिषेक किया। बांदकपुर में उनकी उपस्थिति को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया। उन्होंने यहां भी जनकल्याण और जिले के सर्वांगीण विकास की प्रार्थना की।
कुंडलपुर में ‘बड़े बाबा’ को नमन

आस्था यात्रा के क्रम में कलेक्टर यादव कुंडलपुर जैन तीर्थ भी पहुंचे, जहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध ‘बड़े बाबा’ की विशाल प्रतिमा के दर्शन कर नमन किया। उन्होंने वहां कुछ समय व्यतीत कर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया और समाज में शांति एवं सद्भाव की कामना की।
आस्था के साथ जनसेवा का संकल्प
नवागत कलेक्टर ने इस दौरान कहा कि धार्मिक स्थलों से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है, जो जनसेवा के कार्यों में नई प्रेरणा देती है। उन्होंने संकेत दिया कि वे जिले के विकास, पारदर्शी प्रशासन और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देंगे।
स्थानीय स्तर पर उत्साह, नई उम्मीदें
कलेक्टर के इस आस्थामय दौरे को लेकर स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों में सकारात्मक माहौल देखा गया। लोगों का मानना है कि उनका यह जुड़ाव प्रशासन और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा।
आज ग्रहण करेंगे पदभार
उल्लेखनीय है that प्रताप नारायण यादव 13 अप्रैल (सोमवार) को दमोह कलेक्टर का औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगे। उनके आगमन को लेकर जिले में नई उम्मीदें और विकास को लेकर आशाएं तेज हो गई हैं।
