दमोह, 09 जुलाई (गुरुवार)मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने गुरुवार को दमोह जिले के बटियागढ़ विकासखंड स्थित प्रसिद्ध जरारूधाम गौ अभ्यारण का भ्रमण कर 17 जुलाई को आयोजित होने वाले वृहद वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पूर्व वर्षों में लगाए गए पौधों का अवलोकन किया और कहा कि तीन-चार वर्ष पहले लगाए गए पौधे आज घने वृक्ष बन चुके हैं, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों की सफलता का जीवंत उदाहरण हैं।
निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जरारूधाम में प्रतिवर्ष बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया जाता है। यहां केवल पौधे लगाए ही नहीं जाते, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। इसी का परिणाम है कि पहले लगाए गए पौधे अब विकसित होकर हरित वातावरण का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मंत्री श्री पटेल ने बताया कि गत वर्ष दादा गुरुजी महाराज के निराहार के 1750 दिन पूर्ण होने के अवसर पर 1750 फलदार पौधों का रोपण किया गया था। इस वर्ष दादा गुरुजी महाराज के निराहार के 2100 दिन पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 जुलाई को 2100 फलदार पौधे लगाए जाएंगे। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्रकृति के प्रति समाज की आस्था और जिम्मेदारी का भी प्रतीक बनेगा।
उन्होंने बताया कि दादा गुरुजी महाराज 16 जुलाई की रात्रि में जरारूधाम गौ अभ्यारण में प्रवास करेंगे तथा 17 जुलाई को उनके सान्निध्य में विशाल वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न होगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और पर्यावरण प्रेमियों के शामिल होने की संभावना है।
मंत्री श्री पटेल ने आयोजन स्थल का निरीक्षण करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और नियमित देखभाल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आने वाले वर्षों में यह पौधे भी विशाल वृक्ष बनकर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
उन्होंने जरारूधाम संस्थान के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पण के कारण जरारूधाम आज प्रदेश में हरित अभियान का प्रेरणास्रोत बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां का मॉडल अन्य क्षेत्रों के लिए भी अनुकरणीय है, जहां वृक्षारोपण के साथ पौधों के संरक्षण को भी समान महत्व दिया जाता है।
मंत्री श्री पटेल ने जरारूधाम से जुड़े सभी श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे 17 जुलाई को आयोजित होने वाले इस वृहद वृक्षारोपण अभियान में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर पर्यावरण संरक्षण के इस संकल्प को मजबूत बनाएं। उन्होंने बताया कि 15 और 16 जुलाई को आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भोजन, आवास, पेयजल तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन और बढ़ते पर्यावरणीय संकट को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षारोपण और वृक्ष संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। प्रकृति की रक्षा ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है।
