भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार की पहल से युवाओं को मिला रोजगार, स्वरोजगार, अप्रेंटिसशिप और कौशल विकास का एक ही मंच
दमोह, 28 जुलाई 2026/बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने, स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने तथा कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार लगातार कार्य कर रही हैं। इसी उद्देश्य को धरातल पर उतारते हुए मध्यप्रदेश शासन के कौशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा कलेक्टर एवं जिला प्रशासन दमोह के निर्देशन में सोमवार को शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में “युवा संगम–रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेंटिसशिप मेला” आयोजित किया गया। यह आयोजन जिले के हजारों युवाओं के लिए उम्मीदों का नया द्वार बनकर सामने आया।
802 युवाओं ने कराया पंजीयन, 361 को मिला रोजगार का सुनहरा अवसर
रोजगार मेले में भाग लेने के लिए 562 युवाओं ने ऑनलाइन और 240 युवाओं ने ऑफलाइन पंजीयन कराया। इस प्रकार कुल 802 बेरोजगार युवक-युवतियों ने मेले में भाग लिया। विभिन्न प्रतिष्ठित निजी कंपनियों द्वारा आयोजित साक्षात्कार के बाद 361 अभ्यर्थियों का प्राथमिक चयन कर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान किए गए।
वर्धमान यार्न मंडीदीप (भोपाल), यज़ाकी इंडिया लिमिटेड, पुखराज हेल्थकेयर, ग्रेट ऑर्गेनिक एग्रो, पुष्कल एग्रो इंडिया लिमिटेड, ग्रो फास्ट एग्रो इंडिया लिमिटेड, हैडलबर्ग मायसेम सीमेंट, आरएफएमआई ग्रुप, भारतीय जीवन बीमा निगम, सिटी जॉब्स, माई लाइफ ग्लोबल मार्केटिंग तथा सावित्री फाउंडेशन जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों ने युवाओं का साक्षात्कार लेकर रोजगार के लिए चयन किया।
सरकार का लक्ष्य—हर युवा बने आत्मनिर्भर
भारत सरकार की राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप, पीएम इंटर्नशिप जैसी योजनाओं तथा मध्यप्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना, कौशल विकास कार्यक्रमों और रोजगार मेलों का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी दिलाना ही नहीं, बल्कि उन्हें उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाना भी है। इसी सोच के साथ रोजगार, प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप और स्वरोजगार की सुविधाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि युवाओं को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
116 हितग्राहियों को मिला स्वरोजगार का सहारा
मेले में केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि स्वरोजगार को भी विशेष प्राथमिकता दी गई। जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र, लीड बैंक तथा मध्यप्रदेश डे-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा 116 हितग्राहियों के प्रकरण स्वीकृत कर उन्हें ऋण राशि वितरित की गई। इसके अलावा जिला अंत्यव्यवसाय, आदिम जाति कल्याण, पंचायत एवं कल्याण, श्रम विभाग तथा बैंकिंग संस्थाओं ने युवाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए मार्गदर्शन दिया।
जिला रोजगार अधिकारी बोले—एक मंच पर मिल रहे रोजगार से लेकर करियर तक के अवसर
जिला रोजगार अधिकारी एल.पी. लड़िया ने बताया कि युवा संगम का उद्देश्य जिले के शिक्षित एवं प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार, अप्रेंटिसशिप, कौशल विकास और करियर काउंसलिंग की सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक युवा अपनी योग्यता के अनुरूप रोजगार प्राप्त करे या स्वयं का रोजगार स्थापित कर आर्थिक रूप से सशक्त बने। रोजगार मेले इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
अप्रेंटिसशिप, जॉब लेटर और करियर काउंसलिंग का भी मिला लाभ
शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था दमोह द्वारा मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के अंतर्गत 5, प्रधानमंत्री नेशनल अप्रेंटिसशिप योजना के अंतर्गत 9 तथा पीएम इंटर्नशिप योजना के अंतर्गत 4 युवाओं का पंजीयन कर जॉब लेटर प्रदान किए गए। आईटीआई के नए प्रवेश सत्र के लिए भी ऑनलाइन पंजीयन किया गया।
रोजगार विभाग की करियर काउंसलिंग योजना के अंतर्गत सोनू कुमार सोनी ने प्रतियोगी परीक्षाओं, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों की जानकारी दी। वहीं उमंग स्वास्थ्य चिकित्सा विभाग की काउंसलर विधि गुप्ता ने 37 युवाओं की काउंसलिंग कर मानसिक स्वास्थ्य एवं जीवन कौशल संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया।
नशा मुक्त भारत अभियान से भी जोड़े गए युवा
पंचायत एवं कल्याण विभाग द्वारा संचालित नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 80 से अधिक युवाओं एवं कंपनी प्रतिनिधियों को नशे के दुष्प्रभावों तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक किया गया।
विकसित भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में अहम पहल
कार्यक्रम के समापन पर जिला रोजगार अधिकारी एल.पी. लड़िया, संतोषी सिंह, बहादुर सिंह तथा विवेक सोनी ने सभी प्रतिभागियों, कंपनियों एवं विभागीय अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
रोजगार, स्वरोजगार, अप्रेंटिसशिप, कौशल विकास, करियर मार्गदर्शन, बैंक ऋण और सरकारी योजनाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराकर आयोजित युवा संगम ने यह साबित किया कि सरकार की योजनाएं यदि प्रभावी ढंग से युवाओं तक पहुंचें, तो बेरोजगारी कम करने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। दमोह में आयोजित यह मेला न केवल सैकड़ों युवाओं के लिए रोजगार का माध्यम बना, बल्कि हजारों युवाओं को अपने बेहतर भविष्य की नई दिशा भी दे गया।
