‘मेक इन इंडिया‘ और ‘आत्मनिर्भर भारत‘ को मिलेगा बड़ा बल
रिपोर्ट : आचार्य नारायण वैष्णव
इंदौर/पीथमपुर। मध्यप्रदेश एक बार फिर वैश्विक औद्योगिक निवेश के मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार 8 जुलाई को धार जिले के औद्योगिक नगर पीथमपुर में विश्व की अग्रणी निर्माण उपकरण निर्माता कंपनी लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नए अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का भूमि-पूजन करेंगे। यह परियोजना न केवल प्रदेश में विदेशी निवेश को नई गति देगी, बल्कि पीथमपुर को देश के सबसे बड़े निर्माण उपकरण विनिर्माण केंद्रों में शामिल करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
करीब 20 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाली इस अत्याधुनिक परियोजना में 2.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश किया जा रहा है। प्रारंभिक चरण में इस संयंत्र में प्रतिवर्ष 6500 निर्माण उपकरणों के निर्माण की क्षमता विकसित की जाएगी, जिनमें मुख्य रूप से अत्याधुनिक एक्सकेवेटर तैयार किए जाएंगे। इससे देश में निर्माण उपकरणों के स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, आयात पर निर्भरता घटेगी और भारतीय उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप नई ताकत मिलेगी।
पीथमपुर बनेगा हैवी मशीनरी निर्माण का नया हब
देश के प्रमुख औद्योगिक नगरों में शामिल पीथमपुर पहले से ही ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग उद्योग का मजबूत केंद्र रहा है। अब लियुगोंग इंडिया के नए निवेश के साथ यह क्षेत्र निर्माण एवं खनन उपकरण निर्माण का भी प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे धार, इंदौर और आसपास के जिलों के युवाओं को आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
दुनिया की अग्रणी कंपनियों में शामिल है लियुगोंग
चीन की बहुराष्ट्रीय कंपनी गुआंग्शी लियुगोंग मशीनरी कंपनी लिमिटेड दुनिया की अग्रणी निर्माण उपकरण निर्माता कंपनियों में गिनी जाती है। विशेष रूप से व्हील लोडर निर्माण में कंपनी का वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण स्थान है। इसके अलावा कंपनी एक्सकेवेटर, मोटर ग्रेडर, बुलडोजर, माइनिंग डंप ट्रक, स्किड-स्टियर लोडर, फोर्कलिफ्ट, कोल्ड प्लेनर और अन्य आधुनिक निर्माण एवं खनन उपकरणों का निर्माण करती है, जिनका उपयोग विश्वभर में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में किया जाता है।
18 वर्षों से मध्यप्रदेश में मजबूत औद्योगिक उपस्थिति
लियुगोंग इंडिया वर्ष 2008 से पीथमपुर में अपनी विनिर्माण इकाई संचालित कर रही है। वर्तमान में कंपनी का संयंत्र 44 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है, जहां प्रतिवर्ष लगभग 3000 व्हील लोडर और मोटर ग्रेडर तैयार किए जाते हैं।
वर्ष 2009 में इसी इकाई से पहला ‘मेड इन इंडिया‘ व्हील लोडर तैयार हुआ था, जिसने भारतीय निर्माण उपकरण उद्योग के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा। कंपनी ने यहां अत्याधुनिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) सेंटर तथा ट्रेनिंग सेंटर भी स्थापित किया है, जहां 500 से अधिक भारतीय इंजीनियर, तकनीशियन और युवा पेशेवर कार्यरत हैं। यह केंद्र नई तकनीकों के विकास और कुशल मानव संसाधन तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
देश के इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में अहम भूमिका
देशभर में सड़क निर्माण, एक्सप्रेस-वे, मेट्रो रेल परियोजनाएं, खनन, जलविद्युत परियोजनाएं, पाइपलाइन निर्माण तथा अन्य आधारभूत संरचना विकास कार्यों में लियुगोंग के 4000 से अधिक निर्माण उपकरण उपयोग किए जा रहे हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी ने उत्पादन क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत पीथमपुर में नया संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए संयंत्र के शुरू होने से भारत में आधुनिक निर्माण उपकरणों की उपलब्धता बढ़ेगी, उत्पादन लागत कम होगी और देश का निर्माण उपकरण उद्योग अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की औद्योगिक नीति का दिख रहा असर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने, निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाने, विश्वस्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना विकसित करने तथा निवेशकों को त्वरित सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
राज्य सरकार की निवेशक हितैषी नीतियों के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां मध्यप्रदेश में निवेश के लिए लगातार आगे आ रही हैं। लियुगोंग इंडिया का यह विस्तार इसी बढ़ते विश्वास का प्रमाण माना जा रहा है।
औद्योगिक विकास के साथ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
विशेषज्ञों के अनुसार इस परियोजना से केवल उत्पादन क्षमता ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि परिवहन, लॉजिस्टिक्स, मशीन पार्ट्स निर्माण, सर्विस सेक्टर, होटल व्यवसाय और स्थानीय लघु उद्योगों को भी नई गति मिलेगी। इससे पूरे मालवा-निमाड़ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।
औद्योगिक विकास की इस नई पहल के साथ मध्यप्रदेश देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की श्रेणी में अपनी स्थिति और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाने जा रहा है।
