(दमोह)। नगर परिषद पटेरा स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के बंसी बाले तालाब में प्रस्तावित निर्माण कार्य को लेकर उठे विवाद के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। दमोह कलेक्टर श्री प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर शनिवार, 27 जून 2026 को राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तालाब की भूमि का सीमांकन कार्य प्रारंभ कर दिया। प्रशासन का कहना है कि सीमांकन की संपूर्ण तकनीकी प्रक्रिया निर्धारित चरणों में पूरी की जाएगी और उसके बाद ही किसी भी प्रकार के निर्माण संबंधी निर्णय लिए जाएंगे।
गौरतलब है कि तालाब क्षेत्र में बिना सीमांकन कराए निर्माण कार्य शुरू होने की आशंका को लेकर नगरवासियों द्वारा लगातार आपत्ति जताई जा रही थी। इस विषय को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों ने आवाज उठाई थी। इसके बाद 23 जून 2026 को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर प्रताप नारायण यादव को ज्ञापन सौंपकर मांग की थी कि पहले राजस्व अभिलेखों के आधार पर तालाब की वास्तविक सीमा तय की जाए तथा तब तक किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य रोक दिया जाए।
कलेक्टर के निर्देश पर मौके पर पहुंचा राजस्व अमला
कलेक्टर के आदेश के बाद राजस्व निरीक्षक मंडल पटेरा के जागेश्वर पटेल के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सीमांकन की प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान पटवारी धर्मेंद्र चक्रवर्ती, मंकेश अग्रवाल, अमित दुबे, शैलेंद्र जायसवाल एवं मनीष मिश्रा सहित राजस्व अमला मौजूद रहा। अधिकारियों ने बताया कि सीमांकन की शेष तकनीकी कार्रवाई नियमानुसार आगामी निर्धारित तिथि पर पूरी की जाएगी, जिसके बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार होगी।
सामाजिक सौहार्द का भी दिखा संदेश
सीमांकन की कार्रवाई के दौरान नगर में सामाजिक सौहार्द और एकता की मिसाल भी देखने को मिली। दशहरा उत्सव समिति, गणेश उत्सव समिति, मोहर्रम उत्सव समिति सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौके पर उपस्थित रहे। सभी ने प्रशासनिक कार्रवाई का शांतिपूर्वक अवलोकन करते हुए निष्पक्ष सीमांकन की मांग का समर्थन किया।
इस दौरान नदे लाल चौरसिया, नितिन ताम्रकार, वार्ड पार्षद रशीदा चंदा बी, धर्मेंद्र चौधरी, मुस्लिम समाज के अध्यक्ष रहबर खान, कलीमुद्दीन खान, हनी ताम्रकार, रामस्वरूप (रम्मू) असाटी, छत्रपाल राजपूत, यशु सोनी, फैसु खान, दानिश खान, रिजवान खान, सामी खान सहित सैकड़ों नागरिक उपस्थित रहे।
सीमांकन पूरा होने तक निर्माण रोकने की मांग
मौजूद नागरिकों ने प्रशासन से मांग की कि जब तक तालाब की वास्तविक सीमा स्पष्ट नहीं हो जाती और सीमांकन की संपूर्ण प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ न किया जाए। नागरिकों का कहना है कि तालाब नगर की ऐतिहासिक धरोहर है और इसकी मूल सीमा सुरक्षित रहना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से समयबद्ध, पारदर्शी एवं निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी निगाहें
फिलहाल पूरे मामले पर नगरवासियों की नजर बनी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देशानुसार राजस्व अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होगी और उसके बाद ही कानून एवं नियमों के अनुरूप किसी भी निर्माण कार्य पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन की इस पहल को तालाब संरक्षण, पारदर्शिता और संभावित विवाद के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
