फुटपाथ और सड़कों पर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को चेतावनी, छोटे हों या बड़े व्यापारी, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने दिए निर्देश, सड़क के गड्ढे भरने से लेकर पुलों की खामियां दूर करने तक की बनेगी कार्ययोजना
दमोह। दीपावली का पर्व नजदीक आते ही दमोह शहर के बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है। ऐसे में बाजार क्षेत्रों में यातायात का दबाव, सड़कों पर वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग और फुटपाथों पर दुकानदारों द्वारा सामान फैलाकर रखने जैसी समस्याएं आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने दीपावली के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
इसी सिलसिले में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर में यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि धरातल पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। बैठक में पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि विशेष रूप से मौजूद रहे।
कलेक्टर ने कहा कि नागरिकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। दीपावली के दौरान बाजारों में भीड़ बढ़ने के कारण यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए पहले से आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं। उन्होंने सड़कों की मरम्मत, पार्किंग स्थलों को चालू कराने, फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त रखने और व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।
छोटे हों या बड़े व्यापारी, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
बैठक में फुटपाथ और सड़कों पर दुकानदारों द्वारा सामान रखकर किए जाने वाले अतिक्रमण का विषय प्रमुखता से सामने आया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि फुटपाथ आम नागरिकों के पैदल चलने के लिए हैं, न कि दुकानों का सामान फैलाने या दुकानें लगाने के लिए। इसी प्रकार सड़क का उपयोग भी आवागमन के लिए होना चाहिए। जब दुकानदार निर्धारित सीमा से बाहर सामान रखते हैं या फुटपाथ पर दुकानें लगाते हैं, तो पैदल चलने वालों को सड़क पर उतरना पड़ता है। इससे दुर्घटनाओं और यातायात जाम की आशंका बढ़ जाती है।
कलेक्टर ने व्यापारियों से अपील की कि वे अपनी दुकानों की निर्धारित सीमा के भीतर ही सामान रखें और सड़क अथवा फुटपाथ पर किसी प्रकार का अतिक्रमण न करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यातायात एवं अतिक्रमण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। चाहे छोटा दुकानदार हो अथवा बड़ा व्यापारी, सभी के लिए नियम समान रहेंगे। जो भी व्यापारी निर्धारित सीमा से बाहर सामान रखकर या सार्वजनिक स्थान पर अतिक्रमण कर यातायात बाधित करेगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की मंशा है कि व्यवस्था लागू करने में किसी के साथ पक्षपात न हो और प्रभावशाली अथवा छोटे-बड़े व्यापारी होने के आधार पर कार्रवाई का मापदंड अलग-अलग न रखा जाए। नियमों का पालन सभी को करना होगा। हालांकि प्रशासन ने व्यापारियों की समस्याओं को भी ध्यान में रखते हुए उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार किया है।
तहसील परिसर में फुटपाथी दुकानदारों को मिलेगी जगह
कलेक्टर ने कहा कि फुटपाथ पर दुकानें लगाने से यातायात प्रभावित होता है। इस समस्या के समाधान के लिए दुकानदारों को तहसील परिसर में दुकानें लगाने की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य फुटपाथों को खाली कराना और छोटे दुकानदारों को कारोबार के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराना है।
प्रशासन का मानना है कि यदि दुकानदारों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जाता है तो बाजार की सड़कों और फुटपाथों पर होने वाले अतिक्रमण को कम किया जा सकता है। इससे व्यापारियों का कारोबार भी चलता रहेगा और आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी भी नहीं होगी।
दीपावली पर तीन नए पार्किंग स्थल होंगे शुरू
दीपावली के दौरान बाजारों में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की संख्या बढ़ने से सबसे बड़ी समस्या पार्किंग को लेकर सामने आती है। लोग बाजार के आसपास सड़क किनारे वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे सड़कों की चौड़ाई कम हो जाती है और जाम की स्थिति निर्मित होती है।इस समस्या के निराकरण के लिए कलेक्टर ने शहर में चयनित तीन नए पार्किंग स्थलों को शुरू कराने के निर्देश नगरपालिका सीएमओ को दिए हैं। इन पार्किंग स्थलों के चालू होने से बाजार आने वाले नागरिकों को अपने वाहन खड़े करने के लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही बाजार की मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने में भी सहायता मिलेगी।
श्रीखंड स्कूल परिसर को पार्किंग के रूप में विकसित करने के निर्देश
बैठक में श्रीखंड स्कूल परिसर में पार्किंग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने परिसर में मौजूद अतिक्रमण हटाने और वहां स्थित खराब हालत वाली इमारत का निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि परिसर की स्थिति का परीक्षण कर उसे पार्किंग के उपयोग के योग्य बनाने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जाए।
यदि इस परिसर को व्यवस्थित पार्किंग स्थल के रूप में विकसित किया जाता है तो बाजार क्षेत्र में आने वाले लोगों को अपने वाहन खड़े करने के लिए एक अतिरिक्त स्थान मिल सकेगा। इससे बाजार की सड़कों पर अनावश्यक वाहन खड़े होने की समस्या कम होगी और खरीदारी करने आने वाले नागरिकों को सुविधा मिलेगी।
अंबेडकर चौराहे की ऑटो पार्किंग भी होगी व्यवस्थित
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने अंबेडकर चौराहे के पास निर्धारित ऑटो पार्किंग व्यवस्था को भी बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऑटो संचालन के लिए निर्धारित स्थान का उचित प्रबंधन किया जाए, ताकि ऑटो के कारण यातायात बाधित न हो और यात्रियों को भी अनावश्यक दूरी तक पैदल न चलना पड़े।
प्रशासन का प्रयास है कि ऑटो चालकों को निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित तरीके से वाहन खड़े करने की सुविधा मिले तथा चौराहे पर आवागमन सुचारु बना रहे।
सड़कों के गड्ढे और पुलों की खामियां भी होंगी दूर
बैठक में केवल बाजारों की यातायात व्यवस्था ही नहीं, बल्कि सड़कों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी कलेक्टर ने अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने निर्देश दिए कि शहर और प्रमुख मार्गों पर जहां भी सड़कें खराब हैं तथा गड्ढे बने हुए हैं, उनकी समय रहते मरम्मत कराई जाए।इसके साथ ही पुलों पर कई स्थानों पर सरिया और तार निकले होने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित विभागों को इन खामियों का परीक्षण कर आवश्यक सुधार कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सड़क और पुलों की छोटी-छोटी खामियां भी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं, इसलिए इनकी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
व्यापारियों की समस्याएं सुनकर समाधान पर भी जोर
बैठक में मौजूद व्यापारियों ने भी बाजार की व्यवस्थाओं और कारोबार से जुड़ी अपनी समस्याएं रखीं। कलेक्टर ने उनकी बातों को सुना और संबंधित अधिकारियों के साथ उनके समाधान को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य व्यापारियों के कारोबार को प्रभावित करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाना है जिसमें व्यापारिक गतिविधियां भी सुचारु रूप से चलें और आम नागरिकों को भी किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए व्यापारियों का सहयोग भी आवश्यक है। दुकानदार स्वयं अपनी जिम्मेदारी समझें और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण न करें। बाजार की व्यवस्था केवल प्रशासनिक कार्रवाई से नहीं, बल्कि नागरिकों, व्यापारियों और संबंधित विभागों के सामूहिक सहयोग से ही बेहतर बनाई जा सकती है।
कार्रवाई में समानता और व्यवस्था के पालन की होगी परीक्षा
दीपावली के अवसर पर दमोह शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन द्वारा बनाई जा रही योजना के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसके निष्पक्ष क्रियान्वयन की होगी। फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराना, सड़क पर सामान रखने से रोकना, अव्यवस्थित पार्किंग पर नियंत्रण करना और वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराना ऐसे विषय हैं, जिन पर निरंतर निगरानी की आवश्यकता रहेगी।कलेक्टर के निर्देशों के अनुसार यदि छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारियों तक सभी पर समान रूप से नियम लागू किए जाते हैं और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध बिना भेदभाव कार्रवाई होती है, तभी शहर में स्थायी रूप से बेहतर यातायात व्यवस्था विकसित हो सकेगी।अब देखना यह होगा कि दीपावली के दौरान प्रशासन की यह योजना कितनी प्रभावी ढंग से जमीन पर उतरती है और बाजारों में पैदल चलने वाले नागरिकों, वाहन चालकों तथा व्यापारियों को कितनी राहत मिल पाती है।
