( डॉ. एल.एन.वैष्णव)
दमोह, 26 मई 2026 (मंगलवार)। जिले में बढ़ती गर्मी और पेयजल संकट को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय मोड में आ गया है। ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार सामने आ रही जल समस्या, कम प्रेशर से पानी सप्लाई, कई स्थानों पर टंकियों के समय पर नहीं भरने और कुछ इलाकों में अब तक नियमित जल आपूर्ति शुरू नहीं होने जैसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिले की संपूर्ण पेयजल व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्पष्ट शब्दों में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अगले तीन दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर कर जिले के प्रत्येक परिवार तक नियमित और सुगम पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़े, यह स्थिति किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में ग्राम पंचायत सचिव, जल निगम अधिकारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई), जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगर निकायों के सीएमओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलपगारे भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने गांव-गांव की स्थिति का लिया फीडबैक
बैठक के दौरान कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिले के प्रत्येक गांव की जल आपूर्ति व्यवस्था की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से जानकारी ली कि किन क्षेत्रों में पानी नियमित पहुंच रहा है, किन स्थानों पर तकनीकी समस्याएं हैं और किन गांवों में लोग पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिले के 40 गांव ऐसे हैं जहां पेयजल समस्या गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही के निर्देश देते हुए कहा कि इन गांवों में विशेष प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाए।
उन्होंने कहा कि केवल बैठकों और कागजी योजनाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि अधिकारियों को गांवों में पहुंचकर जमीनी स्थिति समझनी होगी। प्रशासनिक अमला क्षेत्रीय स्तर पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन करे और लोगों को राहत देने के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करे।
संयुक्त टीमें बनेंगी, गांव-गांव होगा निरीक्षण
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय समन्वय के साथ संयुक्त टीमें बनाई जाएं। ये टीमें गांव-गांव पहुंचकर जल आपूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण करेंगी और जहां भी तकनीकी खराबी, पाइपलाइन संबंधी समस्या, कम प्रेशर या टंकी संचालन में बाधा मिले, उसे तत्काल सुधारा जाए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य केवल पानी पहुंचाना नहीं बल्कि हर परिवार तक पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय-सीमा के बाद व्यवस्थाओं की दोबारा समीक्षा की जाएगी और यदि कहीं लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

“जल जीवन का आधार है” — कलेक्टर प्रताप नारायण यादव
बैठक में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है और मानव जीवन की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार जनसुनवाई कार्यक्रमों, भ्रमण और नागरिकों से प्राप्त शिकायतों की निगरानी कर रहा है।
उन्होंने बताया कि कई शिकायतों में जल संकट और अनियमित सप्लाई की समस्या सामने आई थी, जिसके बाद व्यापक रणनीति तैयार कर जमीनी स्तर पर सुधार कार्य प्रारंभ किए जा रहे हैं।
कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि जिले का कोई भी नागरिक पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए परेशान न हो।
जिला पंचायत कार्यालय में बनाया गया कंट्रोल रूम
जल समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला पंचायत कार्यालय में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम के माध्यम से नागरिकों द्वारा प्राप्त शिकायतों का तत्काल निराकरण करने की व्यवस्था बनाई गई है।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि शिकायतों के समाधान में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित विभागों को शिकायत प्राप्त होते ही तत्काल कार्रवाई करनी होगी।
कई स्थानों पर टंकियां नहीं भर रहीं, कम प्रेशर से पहुंच रहा पानी
समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि जिले के कई क्षेत्रों में जल निगम की टंकियां पर्याप्त रूप से नहीं भर पा रही हैं। कुछ स्थानों पर कम प्रेशर के कारण लोगों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है। वहीं कुछ क्षेत्रों में जल आपूर्ति शुरू होने में भी विलंब देखा गया है।
इस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तकनीकी खामियों को तत्काल दूर किया जाए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर जमीनी स्तर पर सुधार दिखाई देना चाहिए।
जल संरक्षण को जन अभियान बनाने की अपील
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने नागरिकों से जल संरक्षण में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि पानी की प्रत्येक बूंद अमूल्य है। उन्होंने लोगों से आवश्यकता अनुसार पानी उपयोग करने, जल बर्बादी रोकने और जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि यदि समाज मिलकर जल संरक्षण की दिशा में कार्य करेगा तो भविष्य में जल संकट जैसी चुनौतियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
गर्मी के मौसम में बढ़ती पेयजल चुनौतियों के बीच कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की प्रशासनिक सख्ती और सक्रियता अब जिले के हजारों परिवारों के लिए राहत की उम्मीद बनकर सामने आई है। आने वाले दिनों में प्रशासनिक अभियान का जमीनी असर कितना दिखाई देता है, इस पर पूरे जिले की नजर बनी हुई है।
