भारतीय रेल ने फिर साबित किया—संकट की घड़ी में यात्रियों की सबसे भरोसेमंद साथी है रेलवे
महिला सफाई कर्मियों, आरपीएफ और स्टेशन स्टाफ की संवेदनशीलता ने टाली बड़ी चुनौती
मैहर/जबलपुर, 23 जून 2026 /कई बार कुछ घटनाएं केवल समाचार नहीं होतीं, बल्कि मानवता, सेवा और संवेदनशीलता की ऐसी मिसाल बन जाती हैं जिन्हें लंबे समय तक याद रखा जाता है। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल अंतर्गत मैहर रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को ऐसा ही एक प्रेरणादायक घटनाक्रम सामने आया, जहां रेलकर्मियों की तत्परता, सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता के कारण चलती ट्रेन में प्रसव के बाद मां और नवजात शिशु को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
यह घटना न केवल भारतीय रेल की आपातकालीन व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि रेलवे कर्मचारियों के लिए यात्रियों की सुरक्षा और जीवन सर्वोपरि है।
चलती ट्रेन में शुरू हुई प्रसव पीड़ा
जानकारी के अनुसार गाड़ी संख्या 15232 में अपने परिवार के साथ यात्रा कर रही लगभग 30 वर्षीय महिला यात्री को भदनपुर स्टेशन के समीप अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति तेजी से गंभीर होती गई और ट्रेन के भीतर ही महिला ने एक नवजात शिशु को जन्म दे दिया।ट्रेन में मौजूद यात्रियों और रेलवे स्टाफ ने तत्काल इसकी सूचना मैहर स्टेशन को दी। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन ने बिना एक पल गंवाए राहत एवं बचाव की कार्यवाही प्रारंभ कर दी।
मैहर स्टेशन प्रशासन तुरंत हुआ सक्रिय
घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन प्रबंधक (वाणिज्य) प्राण मोहन मिश्रा ने तत्काल चेकिंग स्टाफ, महिला सफाई कर्मियों, महिला पॉइंट्समैन तथा रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कर्मचारियों को आवश्यक सहायता के लिए अलर्ट किया।रेलवे कर्मचारियों ने ट्रेन के स्टेशन पहुंचने से पहले ही सभी तैयारियां पूरी कर लीं ताकि महिला और नवजात को बिना किसी विलंब के सहायता प्रदान की जा सके।
महिला सफाई कर्मियों ने निभाई सबसे अहम भूमिका
इस पूरे घटनाक्रम में महिला सफाई कर्मियों ने असाधारण संवेदनशीलता और अनुभव का परिचय दिया। उन्होंने तत्काल जच्चा और नवजात की प्राथमिक देखभाल करते हुए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई तथा उन्हें सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए।उनकी तत्परता और साहस ने यह साबित कर दिया कि रेलवे के हर कर्मचारी की भूमिका यात्रियों की सुरक्षा में कितनी महत्वपूर्ण होती है।
108 एम्बुलेंस की तत्काल व्यवस्था
उप स्टेशन प्रबंधक शोभित शर्मा ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल 108 एम्बुलेंस सेवा से संपर्क किया। ट्रेन के मैहर स्टेशन पहुंचते ही एम्बुलेंस पहले से मौजूद थी।रेलकर्मियों और आरपीएफ जवानों ने पूरी सावधानी और सुरक्षा के साथ प्रसूता महिला एवं नवजात को ट्रेन से उतारकर एम्बुलेंस तक पहुंचाया। इसके बाद दोनों को सिविल अस्पताल मैहर भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार प्रारंभ किया।
सभी विभागों का शानदार समन्वय
इस आपातकालीन स्थिति में रेलवे के विभिन्न विभागों ने एक टीम की तरह कार्य किया। वाणिज्य विभाग, परिचालन विभाग, आरपीएफ, सफाई कर्मी और स्टेशन प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला।यही कारण रहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थिति के बावजूद पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संपन्न हुई तथा मां और नवजात दोनों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी।
परिजनों ने व्यक्त किया भावुक आभार
महिला के परिजनों ने रेलवे प्रशासन और मैहर स्टेशन के कर्मचारियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार संकट की घड़ी में रेलवे कर्मचारियों ने संवेदनशीलता और मानवता का परिचय देते हुए तत्काल सहायता उपलब्ध कराई, वह उनके लिए जीवनभर यादगार रहेगा।परिजनों ने कहा कि यदि समय पर सहायता नहीं मिलती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी, लेकिन रेलकर्मियों की सक्रियता और समर्पण के कारण मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं।
रेलवे की सेवा भावना को मिला सम्मान
जबलपुर रेल मंडल ने इस घटना को रेलवे कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा, सजगता और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है। मंडल प्रशासन ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए रेलवे सदैव तत्पर रहता है।
मानवता का संदेश
मैहर स्टेशन पर घटी यह घटना केवल एक सफल राहत कार्य नहीं, बल्कि मानवता, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा की ऐसी प्रेरक कहानी है जो बताती है कि भारतीय रेल केवल लोगों को उनके गंतव्य तक नहीं पहुंचाती, बल्कि जरूरत पड़ने पर उनके जीवन की रक्षा के लिए भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ खड़ी रहती है।मां और नवजात की सुरक्षित चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित कर मैहर स्टेशन के रेलकर्मियों ने यह साबित कर दिया कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और संकट की घड़ी में संवेदनशीलता ही सबसे बड़ी ताकत बन जाती है।
