ऑनलाइन तकनीकी मूल्यांकन में प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन, कई खिलाड़ियों को नई बेल्ट से किया गया सम्मानित
आत्मरक्षा, अनुशासन और आत्मविश्वास की मिसाल बने युवा खिलाड़ी, वरिष्ठ ब्लैक बेल्ट खिलाड़ियों ने निभाई अहम भूमिका
दमोह। खेलों के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और आत्मरक्षा की भावना विकसित करने के उद्देश्य से संचालित दमोह ताइक्वांडो अकादमी में रविवार को बेल्ट प्रमोशन टेस्ट का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर अकादमी के विभिन्न आयु वर्ग के खिलाड़ियों ने अपनी तकनीकी दक्षता, शारीरिक क्षमता और आत्मरक्षा कौशल का शानदार प्रदर्शन कर प्रशिक्षकों एवं अभिभावकों को प्रभावित किया।
बेल्ट प्रमोशन टेस्ट केवल खिलाड़ियों की अगली बेल्ट प्राप्त करने की प्रक्रिया नहीं रहा, बल्कि यह उनकी मेहनत, नियमित अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास की परीक्षा भी साबित हुआ। खिलाड़ियों ने पंच, किक, ब्लॉक, स्टांस, पैटर्न (पूमसे) तथा आत्मरक्षा तकनीकों का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी योग्यता का परिचय दिया।
जबलपुर से ऑनलाइन हुआ तकनीकी मूल्यांकन
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण यह रहा कि मानव क्रीड़ा एवं कला अकादमी, जबलपुर के संचालक एवं वरिष्ठ ताइक्वांडो प्रशिक्षक मास्टर राजकुमार यादव ने ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खिलाड़ियों का तकनीकी मूल्यांकन किया। उन्होंने प्रत्येक खिलाड़ी की तकनीक, संतुलन, गति, अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रदर्शन का बारीकी से परीक्षण किया।
दमोह ताइक्वांडो अकादमी के मुख्य प्रशिक्षक मास्टर नीरज दुबे ने मौके पर खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करते हुए उनकी तकनीकी कमियों को सुधारने के सुझाव दिए। ऑनलाइन और ऑफलाइन मूल्यांकन के समन्वय से परीक्षा पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ संपन्न हुई।
कड़ी मेहनत का मिला इन खिलाड़ियों को पुरस्कार
बेल्ट प्रमोशन टेस्ट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उनकी योग्यता के अनुसार नई बेल्ट प्रदान किए जाने की घोषणा की गई।
रेड से हाई रेड बेल्ट
- अर्णिका शर्मा
हाई ग्रीन से ब्लू बेल्ट
- इंतखाब खान
- प्रियांशु रजक
ग्रीन से हाई ग्रीन बेल्ट
- गौरवी जैन
- दिव्या सोनी
- अनामिका ठाकुर
हाई येलो से ग्रीन बेल्ट
- विराज चेनपुरिया
- अमेंद्र चंदपुरिया
- उजेर खान
येलो से हाई येलो बेल्ट
- अक्षांश सोनी
- खुशबू ठाकुर
व्हाइट से येलो बेल्ट
- देवांश सोनी
- किशन रैकवार
- तपस्विनी पटेल
नई बेल्ट प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों ने इसे अपनी मेहनत का परिणाम बताते हुए भविष्य में और अधिक मेहनत कर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प व्यक्त किया।
सीनियर ब्लैक बेल्ट खिलाड़ियों ने बढ़ाया जूनियर्स का उत्साह
कार्यक्रम को सफल बनाने में अकादमी के वरिष्ठ एवं ब्लैक बेल्ट खिलाड़ियों का विशेष योगदान रहा। उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं के साथ-साथ जूनियर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया और उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया।
इस दौरान आद्रिका दुबे (ब्लैक बेल्ट फर्स्ट डान), जया रैकवार (ब्लैक बेल्ट फर्स्ट डान), गुंजन जैन, समृद्धि रजक एवं ऋतिक पारोचे ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ताइक्वांडो केवल खेल नहीं, जीवन जीने की कला भी
प्रशिक्षकों ने कहा कि ताइक्वांडो केवल पदक जीतने का खेल नहीं है, बल्कि यह आत्मरक्षा, अनुशासन, साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम है। नियमित अभ्यास से बच्चों में शारीरिक मजबूती के साथ मानसिक संतुलन और निर्णय क्षमता का भी विकास होता है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्रत्येक बच्चे के लिए आवश्यक है और ताइक्वांडो इस दिशा में सबसे प्रभावी खेलों में से एक है।
अध्यक्ष निधि दुबे ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह
दमोह ताइक्वांडो अकादमी की अध्यक्ष श्रीमती निधि दुबे ने सभी सफल खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि बच्चों की उपलब्धियां पूरे जिले के लिए गर्व का विषय हैं। उन्होंने कहा कि अकादमी लगातार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है, ताकि दमोह के खिलाड़ी प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ खेल भी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
जिले में बढ़ रहा ताइक्वांडो का दायरा
पिछले कुछ वर्षों में दमोह में ताइक्वांडो के प्रति युवाओं और बच्चों का रुझान लगातार बढ़ा है। दमोह ताइक्वांडो अकादमी के खिलाड़ी विभिन्न जिला, संभाग, राज्य एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। बेल्ट प्रमोशन टेस्ट जैसे आयोजन खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें आगामी प्रतियोगिताओं के लिए भी तैयार करते हैं।
