विनोद राय की सुपुत्री सुरभी रामजी ने प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला माला (मनगढ़) में किया वृक्षारोपण, विद्यार्थियों को वितरित किए रजिस्टर एवं कॉपियां
दमोह। आज के समय में जहां जन्मदिन का उत्सव प्रायः भव्य आयोजनों और पार्टियों के रूप में मनाया जाता है, वहीं ग्राम माला की समाजसेवी एवं युवा प्रेरणास्रोत सुरभी रामजी, जो विनोद राय की सुपुत्री हैं, ने अपने जन्मदिन को समाजसेवा, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने अपना जन्मदिन प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला माला (मनगढ़) के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के बीच सादगीपूर्ण वातावरण में मनाया, जिससे बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और समाज को एक सकारात्मक संदेश मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण से हुई। सुरभी रामजी ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थित ग्रामीणजनों के साथ मिलकर विभिन्न छायादार और फलदार पौधों का रोपण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को पौधों के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि आज पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और लगातार कम होते हरित क्षेत्र को देखते हुए प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ अथवा किसी भी विशेष अवसर पर एक पौधा लगाए और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सकेगा।
वृक्षारोपण के बाद विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को रजिस्टर एवं कॉपियों का वितरण किया गया। बच्चों ने अत्यंत उत्साह के साथ अध्ययन सामग्री प्राप्त की और सुरभी रामजी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। विद्यार्थियों ने कहा कि इस प्रकार की पहल से उन्हें पढ़ाई के लिए आवश्यक सामग्री मिलने के साथ-साथ जीवन में समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा भी मिलती है।
विद्यालय के शिक्षकों ने सुरभी रामजी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जन्मदिन जैसे व्यक्तिगत अवसर को समाजहित के कार्यों से जोड़ना वास्तव में प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि बच्चों के बीच अध्ययन सामग्री का वितरण शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है, वहीं विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधे आने वाले वर्षों में बच्चों को स्वच्छ वातावरण और हरियाली प्रदान करेंगे। शिक्षकों ने विद्यार्थियों से इन पौधों की नियमित देखभाल करने और उन्हें सुरक्षित रखने का भी संकल्प दिलाया।
अपने संबोधन में सुरभी रामजी ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव है। यदि प्रत्येक सक्षम व्यक्ति जरूरतमंद विद्यार्थियों की छोटी-छोटी आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रयास करे, तो अनेक बच्चों का भविष्य संवर सकता है। उन्होंने कहा कि समाजसेवा केवल बड़े कार्यों से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे प्रयासों से भी की जा सकती है। जन्मदिन जैसे अवसरों पर जरूरतमंदों की सहायता करना, पौधे लगाना, शिक्षा को बढ़ावा देना और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना ही सच्चे अर्थों में उत्सव मनाना है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार एवं उपस्थित ग्रामीणों ने सुरभी रामजी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सभी ने उनके इस सेवा भाव की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक सोच विकसित करते हैं और नई पीढ़ी को अच्छे संस्कार प्रदान करते हैं।
अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा के प्रसार एवं समाजसेवा के कार्यों में निरंतर सहयोग देने का संकल्प लिया। यह आयोजन केवल जन्मदिन का उत्सव नहीं रहा, बल्कि सेवा, संस्कार, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण का ऐसा प्रेरणादायक संदेश बनकर उभरा, जिसकी पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है।
