कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की अपील—जनता स्वयं आगे आए, समस्याएं बताएं और विकास के सुझाव देकर प्रशासन की भागीदार बने
8 जनवरी 2027 तक चलेगा विशेष अभियान, गांव-गांव पहुंचकर अधिकारी करेंगे निरीक्षण, जनसंवाद और शिकायतों के त्वरित निराकरण का प्रयास
दमोह/शासन और आम नागरिकों के बीच संवाद को और अधिक मजबूत बनाने, जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिले में “मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान” का शुभारंभ 7 अगस्त 2026 से किया जा रहा है। यह विशेष अभियान आगामी 8 जनवरी 2027 तक लगातार संचालित होगा। अभियान के तहत प्रत्येक शुक्रवार को कलेक्टर सहित जिले के सभी विभागों के अधिकारी निर्धारित ग्रामों और क्षेत्रों का भ्रमण करेंगे तथा आमजन से सीधे संवाद स्थापित करेंगे।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका उद्देश्य प्रशासन को सीधे जनता के बीच ले जाना है। अधिकारी गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं को सुनेंगे, योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगे और आवश्यकतानुसार मौके पर ही समाधान कराने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी पंचायत भवन, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र, राशन दुकान, पेयजल योजनाएं, सड़क निर्माण, स्वच्छता व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था, सार्वजनिक वितरण प्रणाली सहित अन्य शासकीय संस्थानों का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान यह भी देखा जाएगा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंच रहा है या नहीं।
कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार ऐसी समस्याएं होती हैं, जिनकी जानकारी प्रशासन तक समय पर नहीं पहुंच पाती। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के माध्यम से अधिकारी स्वयं गांवों में पहुंचेंगे और लोगों से सीधे चर्चा करेंगे। इससे स्थानीय समस्याओं की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और उनके निराकरण में तेजी आएगी।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान प्राप्त होने वाले आवेदन, शिकायतों एवं मांगों का यथासंभव मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव नहीं होगी, उन्हें संबंधित विभागों को समय-सीमा के साथ भेजा जाएगा, ताकि निर्धारित अवधि में उनका समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इसके साथ ही विकास कार्यों की गुणवत्ता, अधूरी परियोजनाओं तथा आवश्यक निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की जाएगी।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि यह अभियान जनता और प्रशासन के बीच विश्वास को और मजबूत करने का माध्यम बनेगा। शासन की मंशा है कि प्रत्येक नागरिक को यह महसूस हो कि प्रशासन उसकी समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील और जवाबदेह है। अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे भ्रमण के दौरान केवल औपचारिकता न निभाएं, बल्कि लोगों से खुलकर संवाद करें और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनें।
उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जिस दिन उनके क्षेत्र में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान आयोजित हो, उस दिन अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपनी व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखें। यदि किसी पात्र व्यक्ति को शासन की किसी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, किसी निर्माण कार्य में अनियमितता है, पेयजल, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, कृषि या अन्य किसी विभाग से संबंधित समस्या है, तो उसकी जानकारी अधिकारियों को दें। साथ ही क्षेत्र के विकास से जुड़े सकारात्मक सुझाव भी प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि विकास योजनाओं को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की सफलता जनभागीदारी पर निर्भर करेगी। जितनी अधिक संख्या में लोग अपनी समस्याएं और सुझाव प्रशासन के साथ साझा करेंगे, उतना ही बेहतर और पारदर्शी प्रशासनिक तंत्र विकसित होगा। यह अभियान केवल शिकायतों के समाधान का माध्यम नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास, पारदर्शिता और सहभागिता को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
कलेक्टर ने विश्वास व्यक्त किया कि जिले के नागरिक इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाकर प्रशासन का सहयोग करेंगे, जिससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचेगा और दमोह जिले के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
