राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने दिखाई हरी झंडी, सांसद राहुल सिंह लोधी, विधायक जयंत मलैया सहित जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं; वरिष्ठ नागरिकों के लिए एसी ट्रेन, भोजन, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं की गई व्यवस्था
दमोह, 03 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को उनकी धार्मिक आस्था के अनुरूप प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना लगातार लोगों के जीवन में नई खुशियां लेकर आ रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को दमोह रेलवे स्टेशन से हरिद्वार एवं ऋषिकेश के लिए विशेष तीर्थ दर्शन ट्रेन को विधिवत हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस विशेष ट्रेन में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के लगभग 750 श्रद्धालु, जिनमें अधिकांश वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं, भगवान के दर्शन और आध्यात्मिक यात्रा के लिए रवाना हुए।
दमोह रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही श्रद्धालुओं और उनके परिजनों की भारी भीड़ देखने को मिली। स्टेशन परिसर धार्मिक वातावरण से सराबोर नजर आया। कई श्रद्धालु हाथों में पूजा सामग्री और भगवान के चित्र लेकर पहुंचे तो वहीं परिजनों ने पुष्पमालाओं एवं तिलक लगाकर यात्रियों को विदा किया। स्टेशन परिसर में “हर-हर महादेव”, “जय श्री राम” और “गंगा मैया की जय” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने किया शुभारंभ
प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें निःशुल्क तीर्थ यात्रा का अवसर उपलब्ध करा रही है। यह योजना केवल यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि बुजुर्गों के सम्मान, सेवा और उनकी आस्था को सशक्त बनाने का माध्यम भी है।
उन्होंने कहा कि दमोह से इस पवित्र यात्रा का प्रारंभ होना पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है। शासन का प्रयास है कि आर्थिक कारणों से जो लोग वर्षों से तीर्थ यात्रा नहीं कर पाए, उन्हें सम्मानपूर्वक धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएं।
यात्रियों की सुविधा का रखा गया विशेष ध्यान
राज्यमंत्री श्री लोधी ने बताया कि शासन द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरी ट्रेन वातानुकूलित (एसी) है, जिससे गर्मी और मौसम की परेशानियों से राहत मिलेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता के साथ सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल श्रद्धालुओं को गंतव्य तक पहुंचाना नहीं, बल्कि उन्हें पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षित, सम्मानजनक और सुखद अनुभव प्रदान करना है। इसके लिए रेलवे, स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
सनातन संस्कृति के संरक्षण का माध्यम बनी योजनाएं
इस अवसर पर दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति, धार्मिक विरासत और आध्यात्मिक पर्यटन को नई पहचान मिली है। काशी विश्वनाथ धाम, श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या, महाकाल लोक सहित देशभर के अनेक धार्मिक स्थलों का भव्य विकास इसका प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। बांदकपुर धाम कॉरिडोर का निर्माण भी इसी सोच का हिस्सा है, जिससे प्रदेश की धार्मिक पहचान और अधिक मजबूत होगी।
सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो आर्थिक कठिनाइयों या अन्य कारणों से जीवनभर तीर्थ यात्रा का सपना पूरा नहीं कर पाए। अब सरकार स्वयं उन्हें सम्मानपूर्वक यात्रा कराकर उनकी वर्षों पुरानी इच्छा पूरी कर रही है।
बुजुर्गों के सम्मान की अनूठी पहल
दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि बुजुर्गों के सम्मान और उनकी धार्मिक आस्था को समर्पित एक संवेदनशील पहल है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रत्येक यात्री स्वस्थ, सुरक्षित एवं सुखद यात्रा कर अपने घर लौटे, यही सभी की कामना है।
उन्होंने कहा कि समाज में वरिष्ठ नागरिकों का अनुभव और आशीर्वाद सबसे बड़ी पूंजी है। ऐसे में सरकार द्वारा उनके लिए इस प्रकार की योजनाएं संचालित करना समाज के प्रति संवेदनशील सोच को दर्शाता है।
अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंच रहा लाभ
भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेन में यात्रा कर रहे अधिकांश श्रद्धालु ऐसे परिवारों से हैं, जिनके लिए अपने संसाधनों से तीर्थ यात्रा करना संभव नहीं था।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू कर रही है, जिससे समाज के हर वर्ग को लाभ मिल रहा है।
भावुक हुए श्रद्धालु, सरकार का जताया आभार
ट्रेन में सवार होने से पहले कई वरिष्ठ श्रद्धालुओं ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्षों से हरिद्वार और ऋषिकेश जाने की इच्छा थी, लेकिन आर्थिक स्थिति के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना ने उनका सपना साकार कर दिया।
कई श्रद्धालु अपने परिवार के सदस्यों के साथ रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। परिजनों ने यात्रियों को तिलक लगाकर, फूल-मालाएं पहनाकर और शुभकामनाएं देकर विदा किया। विदाई के समय कई बुजुर्ग भावुक भी नजर आए।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही उपस्थिति
दमोह रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्यमंत्री, दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी, दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रशासन की ओर से एसडीएम सौरभ गंधर्व, डिप्टी कलेक्टर ब्रजेश सिंह, तहसीलदार रॉबिन जैन, तहसीलदार उमेश तिवारी, नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने यात्रियों की सुविधाओं का निरीक्षण किया और यात्रा प्रारंभ होने तक सभी व्यवस्थाओं की निगरानी की।
आस्था और सेवा का संगम बनी योजना
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना आज प्रदेश के हजारों वरिष्ठ नागरिकों के लिए केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि उनकी धार्मिक आस्था को सम्मान देने वाला एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। नि:शुल्क यात्रा, बेहतर सुविधाएं और प्रशासनिक व्यवस्था के साथ यह योजना उन लोगों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है, जो जीवनभर तीर्थ यात्रा का सपना देखते रहे। दमोह से हरिद्वार-ऋषिकेश के लिए रवाना हुई यह विशेष ट्रेन भी उसी संकल्प की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसने सैकड़ों श्रद्धालुओं के चेहरों पर आस्था और संतोष की मुस्कान बिखेर दी।
