कहा—देश और प्रदेश में रसोई गैस की कोई कमी नहीं, वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाना प्रशासन की प्राथमिकता; उपभोक्ताओं से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील

दमोह, 14 मार्च/मध्य प्रदेश के दमोह जिला मुख्यालय पर नवागत कलेक्टर अनिल राठौड़ ने शनिवार 14 मार्च को शहर की कई रसोई गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। हाल के दिनों में गैस एजेंसियों पर बढ़ती भीड़ और वितरण व्यवस्था को लेकर सामने आई शिकायतों के मद्देनजर कलेक्टर स्वयं प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे।निरीक्षण के दौरान उनके साथ दमोह एसडीएम सौरव गंधर्व, तहसीलदार रॉबिन जैन, कोतवाली थाना प्रभारी सहित पुलिस और जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने गैस एजेंसी संचालकों से एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता, उपभोक्ताओं को किए जा रहे वितरण और स्टॉक की स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। साथ ही एजेंसियों पर मौजूद उपभोक्ताओं से भी बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
गैस की कोई कमी नहीं, केवल वितरण व्यवस्था में सुधार की जरूरत
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अनिल राठौड़ ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले में रसोई गैस की किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा एलपीजी की आपूर्ति को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है और प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध है।उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर वितरण व्यवस्था में असंतुलन या अफवाहों के कारण एक साथ बड़ी संख्या में लोग एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं, जिससे भीड़ की स्थिति बन रही है। प्रशासन का प्रयास है कि वितरण प्रणाली को और अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जाए ताकि प्रत्येक उपभोक्ता को समय पर गैस सिलेंडर मिल सके।
उपभोक्ताओं की सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
कलेक्टर राठौड़ ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक घरेलू उपभोक्ता को बिना किसी परेशानी के समय पर रसोई गैस उपलब्ध हो। इसके लिए प्रशासन लगातार एजेंसियों की निगरानी कर रहा है और आवश्यक निर्देश भी जारी किए जा रहे हैं।उन्होंने एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए कि वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित होनी चाहिए। उपभोक्ताओं के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई

कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा रसोई गैस की कालाबाजारी, जमाखोरी या घरेलू गैस का अवैध व्यावसायिक उपयोग किया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में विशेष जांच दल भी गठित किए गए हैं, जो लगातार गैस एजेंसियों और अन्य स्थानों पर निगरानी रख रहे हैं। यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अफवाह फैलाने वालों पर भी प्रशासन की नजर
कलेक्टर अनिल राठौड़ ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व गैस की कमी को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाकर लोगों में अनावश्यक डर और भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है और यदि कोई व्यक्ति अफवाह फैलाते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल प्रशासन या अधिकृत स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।
सरकार और प्रशासन लगातार कर रहे प्रयास
कलेक्टर राठौड़ ने कहा कि भारत सरकार, मध्य प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन मिलकर यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं कि प्रदेश के प्रत्येक परिवार तक रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति बनी रहे। गैस वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए समय-समय पर आवश्यक निर्देश जारी किए जा रहे हैं और जमीनी स्तर पर निगरानी भी की जा रही है।उन्होंने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को गैस वितरण से संबंधित कोई समस्या आती है तो वह संबंधित एजेंसी या जिला प्रशासन से संपर्क कर सकता है। प्रशासन हर समस्या के समाधान के लिए तत्पर है।
निरीक्षण जारी रहेंगे
कलेक्टर ने बताया कि आगे भी जिले की गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया जाता रहेगा, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और गैस वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रहे।उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरी सजगता के साथ कार्य कर रहा है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर घर तक समय पर रसोई गैस पहुंचे तथा किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अव्यवस्था को सख्ती से रोका जाए।
