रैंकिंग में सुधार नहीं होने अथवा समाधान संतोषजनक नहीं मिलने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई : कलेक्टर प्रताप नारायण यादव
दमोह, 10 जून 2026। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट प्रताप नारायण यादव ने बुधवार 10 जून को जानकारी देते हुए बताया कि जिले की CM हेल्पलाइन की मासिक ग्रेडिंग अपेक्षित स्तर पर नहीं पहुंचने तथा शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण में कमी पाए जाने पर विभिन्न विभागों के 31 अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। शिकायतों का समयबद्ध एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करना प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है, लेकिन समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई विभागों में शिकायतों के निराकरण के प्रति गंभीरता का अभाव है। इसके कारण शिकायतें लंबित रह रही हैं और जिले की मासिक रैंकिंग प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि शिकायतों को निर्धारित समय-सीमा में अटेंड नहीं किया जा रहा है तथा कई मामलों में दर्ज किए गए उत्तर समाधानकारक नहीं हैं। ऐसे प्रकरण उच्च स्तर तक पहुंच रहे हैं, जिससे जिले की छवि और ग्रेडिंग दोनों प्रभावित हो रही हैं। यह स्थिति अधिकारियों की उदासीनता और जवाबदेही की कमी को दर्शाती है।
कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगामी समीक्षा में जिले की रैंकिंग में सुधार नहीं पाया गया अथवा शिकायतों के समाधान संतोषजनक नहीं मिले, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित कर सक्षम प्राधिकारी को प्रकरण भेजे जाएंगे।
इन अधिकारियों को जारी हुए कारण बताओ नोटिस
कारण बताओ सूचना पत्र प्राप्त करने वाले अधिकारियों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत हटा हलधर मिश्रा, पथरिया रामेश्वर प्रसाद पटेल, जबेरा मनीष बागरी, तेंदूखेड़ा के.के. पांडे, नगर पालिका अधिकारी राजेन्द्र सिंह लोधी ठाकुर, उप संचालक कृषि ग्यारसी लाल अहिरवार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी उमाशंकर प्रजापति, प्रभारी मंडी सचिव कैलाश चंद कुशवाहा, महाप्रबंधक केंद्रीय सहकारी बैंक अभिषेक मोहन व्यास, कलेक्ट्रेट कार्यालय अधीक्षक भारत कुमार प्रधान, कनिष्ठ अभियंता सपनेश धुर्वे, आईसीआईसीआई बैंक के रीजनल मैनेजर नितिन नेमा, इंडियन बैंक के मुख्य प्रबंधक सतीश चंद्र दीक्षित, आंचलिक प्रबंधक रमेश कुमार, रीजनल मैनेजर वित्त विभाग समीर कुमार, रंजन मिश्रा, आशीष सिंह, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पल्लवी जैन, तहसीलदार तेंदूखेड़ा विवेक व्यास, एकलव्य विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रफुल्ल शर्मा, पंजाब नेशनल बैंक के मंडल प्रमुख प्रबुद्ध शर्मा, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक हेमंत कुमार, जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.के. राय, विकासखंड शिक्षा अधिकारी वाय.के. कोरी, धर्मेंद्र चौबे, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमाशंकर पटेल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश कुमार अठ्या, तत्कालीन तहसीलदार सोनम पांडे, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रभारी परियोजना अधिकारी पूजा मरावी तथा उप संचालक पशुपालन एवं कुक्कुट डॉ. बी.के. असाटी शामिल हैं।
तीन दिवस में मांगा जवाब
कलेक्टर द्वारा जारी कारण बताओ सूचना पत्र में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे तीन दिवस के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। साथ ही सभी लंबित शिकायतों का निराकरण कर उसका प्रतिवेदन पोर्टल पर दर्ज करना सुनिश्चित करें।
सूचना पत्र में कहा गया है कि शिकायतों के निराकरण में बरती जा रही लापरवाही के कारण अनेक प्रकरण अनिराकृत रहकर उच्च स्तर तक पहुंच रहे हैं, जिससे जिले की ग्रेडिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। यह स्थिति अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है।
जवाब नहीं दिया तो होगी एकपक्षीय कार्रवाई
कलेक्टर श्री यादव ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन CM हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है और आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा जारी रहेगी। अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और बेहतर प्रदर्शन करने वाले विभागों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए सभी विभागों को शिकायतों के निराकरण में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा, तभी जिले की रैंकिंग में सुधार संभव हो सकेगा।
