दमोह, 17 अप्रैल मध्यप्रदेश के दमोह जिला मुख्यालय पर व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त तेवर में नजर आ रहा है। नवागत कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने आज दिनांक 17 अप्रैल, शुक्रवार को अनुसूचित जाति महाविद्यालयीन कन्या छात्रावास का औचक निरीक्षण कर जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान छात्रावास की व्यवस्थाओं में कई खामियां सामने आने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल सुधार के सख्त निर्देश दिए।
छात्राओं से सीधे संवाद, जानी हकीकत
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रावास में रह रही छात्राओं से सीधे बातचीत की और भोजन, पानी, सुरक्षा तथा अन्य सुविधाओं को लेकर उनकी समस्याएं सुनीं। कई छात्राओं ने व्यवस्थाओं में कमियों की ओर इशारा किया, जिस पर कलेक्टर ने गंभीरता दिखाई।
भोजन चखकर परखी गुणवत्ता
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने छात्राओं को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की खुद जांच की। उन्होंने भोजन चखकर देखा और संबंधित अधिकारियों से पूछा कि क्या यही गुणवत्ता रोजाना सुनिश्चित की जाती है। भोजन की गुणवत्ता को लेकर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई और स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में घटिया या असंतुलित भोजन छात्राओं को नहीं दिया जाए।
स्वच्छता और सुरक्षा पर कड़ी आपत्ति
निरीक्षण में छात्रावास परिसर की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए। कई स्थानों पर गंदगी और रखरखाव की कमी देखी गई। कलेक्टर ने कहा कि छात्रावास जैसी संवेदनशील जगह पर इस प्रकार की लापरवाही बेहद गंभीर है और इसे तत्काल सुधारा जाए।
भवन मरम्मत और पानी की समस्या पर सख्ती
छात्रावास भवन की जर्जर स्थिति, मरम्मत कार्यों में लापरवाही और पेयजल की समस्या को लेकर भी कलेक्टर ने अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भवन की आवश्यक मरम्मत कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएं और छात्राओं को नियमित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
सुधार के लिए सख्त निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई तय
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने साफ कहा कि छात्राओं की सुविधाओं और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कमियों को तत्काल दूर किया जाए और व्यवस्थाओं में ठोस सुधार लाया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लापरवाही दोबारा सामने आई, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
इस औचक निरीक्षण के माध्यम से कलेक्टर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल कागजी दावे नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। छात्रावास जैसी संस्थाओं में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा।
