व्यापारी बोले — “कार्रवाई नहीं हुई तो बंद होगी मंडी, होगा आंदोलन”

दमोह, 19 मई, मंगलवार/दमोह की कृषि उपज मंडी में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं ने अब व्यापारियों और किसानों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। मंडी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में है और जिम्मेदारों की निष्क्रियता पर व्यापारी खुलकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।18 मई की रात मंडी परिसर में हुई चोरी की घटना ने मंडी प्रबंधन की व्यवस्थाओं की गंभीर पोल खोल दी। चोर बेखौफ होकर मंडी में घुसे, अनाज पर हाथ साफ किया और आराम से निकल गए। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि चोरों के भीतर किसी प्रकार का भय नहीं था। यह दृश्य अपने आप में मंडी की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।
व्यापारियों का आरोप है कि मंडी परिसर लंबे समय से असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। रात के समय संदिग्ध लोगों की आवाजाही लगातार बनी रहती है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित दिखाई देती है। कई बार शिकायतें और ज्ञापन देने के बाद भी न तो निगरानी बढ़ाई गई और न ही चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया गया।
मंडी क्षेत्र में इस बात की चर्चा भी तेज है कि चोरी और अव्यवस्थाओं में शामिल कुछ तत्वों को सत्तारूढ़ दल के कुछ चर्चित नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन व्यापारिक वर्ग में इस प्रकार की चर्चाएं लगातार माहौल को गर्म कर रही हैं।
दाल मिल ऑयल मिल अनाज व्यापारी संघ के अध्यक्ष नरेंद्र बजाज ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंडी में लगातार चोरियां होना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन और मंडी प्रबंधन ने शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की तो व्यापारी मंडी बंद करने के लिए बाध्य होंगे और उग्र आंदोलन किया जाएगा।नरेंद्र बजाज ने कहा कि जब सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात कैद हो रही है और उसके बावजूद चोरों के हौसले टूटने के बजाय बढ़ रहे हैं, तो यह साफ संकेत है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसानों और व्यापारियों की मेहनत की उपज सुरक्षित कैसे रहेगी? क्या प्रशासन केवल घटनाओं के बाद औपचारिक कार्रवाई करता रहेगा, या फिर मंडी में सक्रिय चोरी के नेटवर्क और उन्हें संरक्षण देने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी?मंडी में लगातार हो रही घटनाओं ने व्यापारियों और किसानों के भीतर भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मामला और गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।
