कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा, अनुपस्थित कर्मचारियों पर तीन-तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश; कहा- आमजन के काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
दमोह, 24 अगस्त 2026। जिले में सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति तथा आमजन से जुड़े कार्यों के त्वरित निराकरण को लेकर दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव लगातार सख्ती बरत रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को कलेक्टर ने जिले में अलग-अलग स्थानों पर अचानक पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर के औचक निरीक्षण से कई विभागों में हड़कंप की स्थिति बनी रही। निरीक्षण के दौरान जहां वृद्धाश्रम में उन्होंने बुजुर्गों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं, वहीं जिला सहकारी बैंक में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के अनुपस्थित मिलने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव सोमवार, 24 अगस्त को एआर कार्यालय भी पहुंचे। निरीक्षण के दौरान एक कर्मचारी को छोड़कर सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित पाए गए। सभी कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति पर कलेक्टर ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी इसी प्रकार समयबद्धता और अनुशासन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि आमजन से जुड़े कार्यों का समय पर निराकरण सुनिश्चित हो सके।
वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों से सीधे किया संवाद

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव सोमवार को अचानक वृद्धाश्रम पहुंचे। उनके अचानक पहुंचने पर वृद्धाश्रम में मौजूद कर्मचारियों के बीच भी सक्रियता बढ़ गई। कलेक्टर ने यहां केवल व्यवस्थाओं का निरीक्षण ही नहीं किया, बल्कि वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों के बीच पहुंचकर उनसे सीधे संवाद किया।उन्होंने बुजुर्गों से उनकी दिनचर्या, भोजन, स्वास्थ्य, रहने की व्यवस्था तथा उन्हें उपलब्ध कराई जा रही अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने बुजुर्गों से बातचीत करते हुए यह भी पूछा कि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं है और उनकी आवश्यकताओं के अनुसार व्यवस्थाएं उपलब्ध हो रही हैं या नहीं।बुजुर्गों द्वारा बताई गई समस्याओं और आवश्यकताओं को कलेक्टर ने गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उनकी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और उनकी शिकायतों का समय पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
बेहतर भोजन और सुविधाओं पर विशेष जोर
कलेक्टर ने वृद्धाश्रम में भोजन व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को गुणवत्तापूर्ण और बेहतर भोजन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वृद्धाश्रम में साफ-सफाई की व्यवस्था नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए तथा बुजुर्गों की सुविधा के लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जाए।वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए कलेक्टर ने दो अतिरिक्त कर्मचारियों को बढ़ाने की अनुमति भी प्रदान की। इससे वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों की देखभाल और दैनिक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि वृद्धाश्रम जैसी संस्थाओं में रहने वाले बुजुर्गों की देखभाल केवल एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि संवेदनशील दायित्व भी है। इसलिए यहां किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
जिला सहकारी बैंक का भी अचानक निरीक्षण

वृद्धाश्रम के निरीक्षण के बाद कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिला सहकारी बैंक का भी औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर के अचानक बैंक पहुंचने से कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति बन गई।सुबह लगभग 10:30 बजे किए गए निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यालय में अनुपस्थित पाए गए। जांच के दौरान कुल 22 कर्मचारियों की अनुपस्थिति सामने आई। एक ही कार्यालय में इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के अनुपस्थित मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की।कलेक्टर ने अधिकारियों से कर्मचारियों की उपस्थिति के संबंध में जानकारी ली और अनुपस्थित कर्मचारियों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
22 अनुपस्थित कर्मचारियों का तीन-तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने अनुशासनहीनता और समय पर कार्यालय में उपस्थित नहीं होने को गंभीरता से लेते हुए अनुपस्थित पाए गए सभी 22 कर्मचारियों के तीन-तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश जारी किए।कलेक्टर की इस कार्रवाई से सरकारी कार्यालयों में समय पर उपस्थित नहीं होने वाले कर्मचारियों के बीच स्पष्ट संदेश गया है कि ड्यूटी के समय अनुपस्थित रहना अब प्रशासन की नजर में गंभीर विषय माना जाएगा।कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था को गंभीरता से लिया जाए और कार्यालयीन समय में सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने कार्यालय में मौजूद रहें। आम नागरिक अपने काम के लिए सरकारी कार्यालयों में आते हैं। ऐसे में कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण यदि किसी नागरिक को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं तो इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
स्वच्छता और समयबद्धता पर भी दिया जोर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केवल कर्मचारियों की उपस्थिति ही नहीं देखी, बल्कि कार्यालय की स्वच्छता व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर भी जोर दिया।उन्होंने कहा कि प्रत्येक सरकारी कार्यालय में स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण होना चाहिए। कार्यालय में आने वाले आम नागरिकों को बेहतर वातावरण मिले और उनके कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।कलेक्टर ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं और आमजन से जुड़े कार्यों का समय-सीमा के भीतर निराकरण किया जाए। किसी भी व्यक्ति को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।
कलेक्टर कार्यालय में भी जांची उपस्थिति

जिला सहकारी बैंक के बाद कलेक्टर प्रताप नारायण यादव अपने कार्यालय भी पहुंचे और वहां कर्मचारियों की उपस्थिति की स्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान एक कर्मचारी अनुपस्थित पाया गया, जबकि अन्य सभी कर्मचारी उपस्थित मिले।अन्य कर्मचारियों के समय पर उपस्थित मिलने पर कलेक्टर ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि कार्यालयीन समय का विशेष ध्यान रखा जाए और अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जाए।कलेक्टर का स्वयं अपने कार्यालय में कर्मचारियों की उपस्थिति देखना भी प्रशासनिक व्यवस्था में समय की पाबंदी को लेकर उनकी गंभीरता को दर्शाता है।
औचक निरीक्षण आगे भी रहेंगे जारी
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्पष्ट किया कि जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में इस प्रकार के आकस्मिक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को आगाह किया कि निरीक्षण किसी पूर्व सूचना के आधार पर नहीं, बल्कि वास्तविक स्थिति जानने के उद्देश्य से किए जाएंगे।उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति और आमजन के कार्यों का समयबद्ध निराकरण प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।कलेक्टर ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि वे अपने कर्तव्यों को गंभीरता से लें, कार्यालयीन समय का पालन करें और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनकर उनका निराकरण करें।
प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही का संदेश
सोमवार को कलेक्टर के लगातार किए गए औचक निरीक्षणों को प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एक ओर वृद्धाश्रम में पहुंचकर बुजुर्गों की समस्याएं सीधे सुनना और उनकी सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश देना प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है, वहीं जिला सहकारी बैंक में 22 कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर वेतन काटने की कार्रवाई प्रशासन की सख्ती का संदेश देती है।कलेक्टर के इन निरीक्षणों से सरकारी कार्यालयों में यह स्पष्ट संदेश गया है कि अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यालयीन अनुशासन, स्वच्छता और आमजन के कार्यों का समय पर निराकरण प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है।आने वाले दिनों में भी यदि इसी प्रकार आकस्मिक निरीक्षण जारी रहते हैं तो सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली में सुधार देखने को मिल सकता है। कलेक्टर ने साफ किया है कि जनता को बेहतर प्रशासन उपलब्ध कराने के लिए लापरवाही और अनियमितता पर कार्रवाई जारी रहेगी।
