दमोह, 10 जुलाई। मध्य प्रदेश के दमोह जिला न्यायालय परिसर में जिला अधिवक्ता संघ के वर्ष 2026-28 के निर्वाचन को लेकर लोकतांत्रिक उत्साह चरम पर दिखाई दिया। शुक्रवार को अधिवक्ता संघ के चार प्रमुख पदों के लिए मतदान शांतिपूर्ण, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा रहा है। मतदान के दौरान अधिवक्ता बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करने न्यायालय परिसर पहुंचे और लोकतंत्र के इस महापर्व में उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
इस बार चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की चुनाव प्रणाली की तर्ज पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। पहली बार मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं तथा मतदान की पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण जिला अधिवक्ता संघ के सभा कक्ष में किया जा रहा है। इससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को नई मजबूती मिली है।
निर्वाचन अधिकारी चरणजीत सिंह वाधवा ने बताया कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देशों एवं जिला अधिवक्ता संघ की नियमावली के अनुरूप संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न कराई जा रही है। चुनाव के दौरान सुरक्षा, गोपनीयता और निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखा गया है।
उन्होंने बताया कि जिला अधिवक्ता संघ के कुल 10 पदों में से 6 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन पहले ही हो चुका है, जबकि शेष 4 महत्वपूर्ण पदों के लिए शुक्रवार को मतदान कराया जा रहा है।
मतदाता सूची के अनुसार संघ के मूल 707 मतदाता थे, जिनमें से 122 नाम विभिन्न कारणों से हटाए गए। इनमें कुछ अधिवक्ताओं का निधन, ऑल इंडिया बार एग्जाम (AIBE) उत्तीर्ण नहीं होना तथा संघ का निर्धारित सदस्यता शुल्क जमा नहीं करना प्रमुख कारण रहे। इसके बाद 585 पात्र मतदाता मतदान के लिए अधिकृत रहे।
निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी अंतिम प्रत्याशी सूची के अनुसार चार पदों पर कुल 11 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
अध्यक्ष पद के लिए मुकेश कुमार पाण्डेय, रविकांत ठाकुर एवं सुरेश खत्री के बीच मुकाबला है।
उपाध्यक्ष पद के लिए अनिल कुमार खर, दीपा मिश्रा तथा राजीव सिंह ठाकुर चुनाव लड़ रहे हैं।
सचिव पद पर बसंत कुमार खर एवं हेमन्त पाठक आमने-सामने हैं।

कार्यकारिणी सदस्य (10 वर्ष से कम अनुभव वर्ग) के लिए अभिजीत सिंह ठाकुर, आदर्श मिश्रा एवं विनोद कुमार पटेल चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कमलेश भारद्वाज ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि अधिवक्ता संघ की लोकतांत्रिक परंपरा सदैव मजबूत रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निर्वाचित नई कार्यकारिणी अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा करते हुए संघ को नई दिशा देगी।
वरिष्ठ अधिवक्ता अनुनय श्रीवास्तव ने अधिवक्ता संघ के चुनाव को अधिवक्ताओं के लोकतंत्र का महापर्व बताते हुए कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव किसी भी लोकतांत्रिक संस्था की सबसे बड़ी पहचान है।
चुनाव में महिला अधिवक्ताओं की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। महिला अधिवक्ताओं ने महिलाओं को मिले 33 प्रतिशत आरक्षण का स्वागत करते हुए इसे अधिवक्ता समाज में महिला नेतृत्व को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
निर्वाचन अधिकारी चरणजीत सिंह वाधवा ने बताया कि मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को सुरक्षित सीलबंद रखा जाएगा। सभी चार पदों के लिए मतगणना शनिवार सुबह लगभग 11 बजे से प्रारंभ होगी, जिसके बाद परिणामों की घोषणा की जाएगी।
तकनीकी निगरानी, पारदर्शी व्यवस्थाओं और अधिवक्ताओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी के कारण इस बार का जिला अधिवक्ता संघ चुनाव ऐतिहासिक माना जा रहा है। पहली बार सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और लाइव प्रसारण के बीच हो रहा यह चुनाव पारदर्शी एवं निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया का नया उदाहरण बनकर सामने आया है।
