4 मतों से रोमांचक जीत दर्ज कर मुकेश कुमार पांडे बने अध्यक्ष, सीसीटीवी पर लाइव दिखी मतदान और मतगणना प्रक्रिया
परिणाम के बाद न्यायालय परिसर में जश्न, हनुमान मंदिर पहुंचकर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने लिया आशीर्वाद
(डॉ. एल.एन. वैष्णव)
दमोह/मध्य प्रदेश के दमोह जिला अधिवक्ता संघ का वर्ष 2026 का निर्वाचन लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता और सौहार्दपूर्ण वातावरण का अनूठा उदाहरण बनकर सामने आया। मतदान से लेकर मतगणना और परिणाम घोषणा तक पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई गई। इस बार चुनाव की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि मतदान और मतगणना की पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से बार रूम के सभाकक्ष में किया गया। अधिवक्ता पूरी प्रक्रिया को लाइव देखते रहे, जिससे चुनाव को लेकर किसी प्रकार की आशंका या विवाद की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
जिला अधिवक्ता संघ के कुल 588 मतदाताओं में से 548 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सुबह से ही न्यायालय परिसर में मतदान को लेकर उत्साह का माहौल बना रहा। वरिष्ठ अधिवक्ताओं से लेकर युवा अधिवक्ताओं तक सभी ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाई।
अध्यक्ष पद पर कांटे की टक्कर

जिला अधिवक्ता संघ के वर्तमान अध्यक्ष अधिवक्ता कमलेश भारद्वाज के कार्यकाल के बाद हुए चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए अधिवक्ता मुकेश कुमार पांडे और अधिवक्ता सुरेश खत्री के बीच सीधा मुकाबला हुआ। मतगणना पूरी होने पर मुकेश कुमार पांडे को 261 मत प्राप्त हुए, जबकि सुरेश खत्री को 257 मत मिले। मात्र चार मतों के अंतर से मिली यह जीत चुनाव का सबसे रोमांचक क्षण साबित हुई।
निर्वाचन अधिकारी ने दी पारदर्शिता की जानकारी
निर्वाचन अधिकारी चरणजीत सिंह वाधवा ने परिणाम घोषित करते हुए स्पष्ट किया कि अध्यक्ष पद की दोबारा मतगणना नहीं कराई गई। उन्होंने बताया कि केवल मतपत्र पुनः दिखाने की मांग की गई थी। निर्वाचन समिति ने सभी प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सभी मतपत्र दोबारा दिखाए। इसके बाद सभी पक्ष पूरी तरह संतुष्ट हो गए और बिना किसी विवाद के सर्वसम्मति से परिणाम घोषित कर दिए गए।
अन्य पदों पर भी हुए चुनाव

निर्वाचन अधिकारी के अनुसार उपाध्यक्ष पद पर राजीव बद्री सिंह, सचिव पद पर बसंत कुमार खरे तथा कार्यकारिणी सदस्य के रूप में अभिजीत सिंह ठाकुर और विनोद पटेल विजयी घोषित किए गए। इसके पूर्व छह पद निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे। इस प्रकार जिला अधिवक्ता संघ की नई कार्यकारिणी का गठन पूर्ण हो गया।

जीत के बाद न्यायालय परिसर में उत्सव
परिणाम घोषित होते ही न्यायालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल बन गया। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का अधिवक्ताओं, न्यायालय परिवार और शुभचिंतकों ने पुष्पमालाओं से स्वागत किया। समर्थकों ने आतिशबाजी की, मिठाइयां बांटी और एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष मुकेश कुमार पांडे को समर्थकों ने अपने कंधों पर उठाकर जोरदार स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों और जयघोष के बीच समर्थक एवं पदाधिकारी एक साथ नृत्य करते हुए दिखाई दिए। पूरा न्यायालय परिसर बधाइयों और उत्साह से सराबोर नजर आया।
परंपरा का निर्वहन, हनुमान मंदिर में टेका माथा
दमोह न्यायालय की वर्षों पुरानी परंपरा का पालन करते हुए सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने निर्वाचन प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के बाद न्यायालय परिसर स्थित श्री रामभक्त पवनपुत्र हनुमान मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान को फल एवं प्रसाद अर्पित कर सफल कार्यकाल तथा अधिवक्ता समाज की सेवा का संकल्प लिया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुकेश पांडे बोले—यह पूरे अधिवक्ता परिवार की जीत

नवनिर्वाचित अध्यक्ष मुकेश कुमार पांडे ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे अधिवक्ता परिवार की जीत है। चुनाव पूरी मर्यादा, भाईचारे और लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता नए न्यायालय भवन में जूनियर अधिवक्ताओं के लिए बेहतर बैठने की व्यवस्था करना, अधिवक्ता हितों की रक्षा करना तथा अधिवक्ताओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए प्रभावी पहल करना होगी। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं के मार्गदर्शन और नई कार्यकारिणी के सहयोग से संगठन को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।
जूनियर अधिवक्ताओं ने भी दर्ज कराई दमदार उपस्थिति, विनोद पटेल और अभिजीत सिंह बने कार्यकारिणी सदस्य

इस बार के जिला अधिवक्ता संघ चुनाव की एक विशेष उपलब्धि यह भी रही कि युवा और जूनियर अधिवक्ताओं ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यकारिणी सदस्य के पद पर जूनियर अधिवक्ता विनोद पटेल और अभिजीत सिंह ने शानदार जीत हासिल कर नई कार्यकारिणी में स्थान बनाया। दोनों की जीत को युवा अधिवक्ताओं के बढ़ते विश्वास और नेतृत्व में उनकी सक्रिय भागीदारी के रूप में देखा जा रहा है।
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में जूनियर अधिवक्ताओं ने भी दोनों विजयी प्रत्याशियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया। अधिवक्ता समुदाय का मानना है कि नई कार्यकारिणी में अनुभवी और युवा अधिवक्ताओं का संतुलित प्रतिनिधित्व संगठन को और अधिक मजबूत करेगा तथा जूनियर अधिवक्ताओं की समस्याओं और अपेक्षाओं को प्रभावी ढंग से उठाने में मदद मिलेगी।
लोकतांत्रिक परंपराओं का बना प्रेरक उदाहरण
दमोह जिला अधिवक्ता संघ का यह चुनाव इस बात का प्रमाण है कि पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वासपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया किसी भी लोकतांत्रिक संस्था की सबसे बड़ी ताकत होती है। मतदान और मतगणना की लाइव सीसीटीवी मॉनिटरिंग, सभी पक्षों की संतुष्टि, शांतिपूर्ण परिणाम घोषणा और उसके बाद सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया विजय उत्सव इस चुनाव को लंबे समय तक यादगार बनाएगा।
