भोपाल/ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल स्थित स्टेट हैंगर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की आत्मीय अगवानी की। केंद्रीय रक्षा मंत्री रायसेन में आयोजित कृषि महोत्सव, प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ में शामिल होने के लिए ट्रांजिट विजिट पर भोपाल पहुंचे थे। उनके आगमन पर मुख्यमंत्री ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्मृति-चिन्ह भेंट कर प्रदेश की ओर से अभिनंदन भी किया।
स्टेट हैंगर पर औपचारिक स्वागत के दौरान दोनों नेताओं के बीच प्रदेश के विकास, कृषि क्षेत्र में नवाचार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संक्षिप्त चर्चा भी हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदेश में आयोजित कृषि महोत्सव को किसानों के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन आधुनिक खेती, तकनीक और प्रशिक्षण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी प्रदेश सरकार द्वारा कृषि और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देने की बात कही।
संक्षिप्त विश्राम के बाद केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर से रायसेन के लिए रवाना हुए। रायसेन में आयोजित कृषि महोत्सव में किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, आधुनिक उपकरणों, प्राकृतिक खेती और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जानी है। कार्यक्रम में कृषि से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, भोपाल लोकसभा सांसद आलोक शर्मा, विधायक विष्णु खत्री, भोपाल महापौर मालती राय, जिलाध्यक्ष रविंद्र यति सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी केंद्रीय रक्षा मंत्री का स्वागत किया और पुष्प भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
कृषि महोत्सव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी व्यापक तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी अपेक्षित है। इसमें कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी, उन्नत बीजों का प्रदर्शन, जैविक खेती और जल संरक्षण से संबंधित मॉडल भी प्रदर्शित किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार इस आयोजन का उद्देश्य किसानों को नई तकनीकों से जोड़ना और उत्पादन बढ़ाने के लिए व्यवहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
