दमोह, 19 सितंबर 2026। वृद्धजनों के जीवन अनुभव और युवा पीढ़ी की ऊर्जा एवं रचनात्मकता को एक-दूसरे से जोड़ने के उद्देश्य से सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, दमोह द्वारा अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत शासकीय कमला नेहरू महिला महाविद्यालय में इंटर जेनरेशनल बॉन्डिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वृद्धजनों एवं महाविद्यालय की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पीढ़ियों के बीच संवाद, सम्मान, सहयोग और भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें वृद्धजनों और युवा छात्राओं को एक साथ विभिन्न गतिविधियों में सहभागी बनाया गया। इसका उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित न होकर दोनों पीढ़ियों के बीच आपसी समझ विकसित करना और एक-दूसरे के अनुभवों एवं विचारों को साझा करने के लिए अवसर उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम के दौरान वृद्धजनों एवं छात्राओं ने संयुक्त रूप से वृक्षारोपण किया। पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। वृद्धजनों और छात्राओं द्वारा एक साथ पौधे लगाए जाने से कार्यक्रम में पीढ़ियों के बीच सहयोग और समन्वय का भाव भी देखने को मिला।
इंटर जेनरेशनल बॉन्डिंग कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न रचनात्मक एवं जागरूकता संबंधी प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। इनमें रंगोली प्रतियोगिता, पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता एवं भाषण प्रतियोगिता प्रमुख रहीं। छात्राओं ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए सामाजिक सरोकारों और विभिन्न जागरूकता विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्राओं को अपनी कल्पनाशीलता, अभिव्यक्ति और सामाजिक विषयों के प्रति दृष्टिकोण प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में स्किल डेवलपमेंट से संबंधित विभिन्न खेल एवं मनोरंजक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इन गतिविधियों में वृद्धजनों एवं युवा छात्राओं ने साथ मिलकर भाग लिया। खेलों के माध्यम से प्रतिभागियों में आपसी सहयोग, संवाद, सहभागिता और टीम भावना को प्रोत्साहित किया गया। उम्र के अंतर के बावजूद प्रतिभागियों ने एक-दूसरे का उत्साह बढ़ाते हुए गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान वृद्धजनों ने अपने जीवन अनुभवों को युवा छात्राओं के साथ साझा किया। वहीं छात्राओं ने भी आधुनिक समय की चुनौतियों, शिक्षा, रचनात्मक गतिविधियों और युवा पीढ़ी से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। इस संवाद ने कार्यक्रम के मूल उद्देश्य को सार्थक किया और दोनों पीढ़ियों को एक-दूसरे के दृष्टिकोण को समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में शासकीय कमला नेहरू महिला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जे.पी. चौधरी सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। दमोह जनपद से सामाजिक सुरक्षा अधिकारी श्रीमती प्रतीक्षा सिंघई की भी कार्यक्रम में उपस्थिति रही। अतिथियों एवं महाविद्यालय स्टाफ ने आयोजन में सहभागिता करने वाले वृद्धजनों एवं छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने कहा कि समाज में वृद्धजन अनुभव और ज्ञान के महत्वपूर्ण स्रोत हैं, जबकि युवा पीढ़ी नई ऊर्जा, विचार और रचनात्मकता लेकर आगे बढ़ती है। दोनों पीढ़ियों के बीच संवाद स्थापित होने से अनुभव और ऊर्जा का सकारात्मक समन्वय संभव है। ऐसे कार्यक्रम सामाजिक समरसता, पारस्परिक सम्मान और सामाजिक समावेशन की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि वृद्धजनों को केवल सहायता और संरक्षण की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उनके अनुभवों और ज्ञान को युवा पीढ़ी तक पहुंचाना भी आवश्यक है। इसी प्रकार युवा पीढ़ी के विचारों और नई तकनीक एवं बदलते सामाजिक परिवेश की समझ से वृद्धजनों को भी जोड़ने की आवश्यकता है। पीढ़ियों के बीच यह संवाद परिवार और समाज दोनों स्तरों पर सकारात्मक वातावरण तैयार करने में सहायक हो सकता है।
इंटर जेनरेशनल बॉन्डिंग कार्यक्रम में मनोरंजन, रचनात्मकता, पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास और सामाजिक संवाद को एक साथ जोड़ा गया। वृक्षारोपण से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया तो रंगोली, पोस्टर और भाषण प्रतियोगिताओं ने प्रतिभागियों की रचनात्मक अभिव्यक्ति को मंच प्रदान किया। वहीं खेल एवं अन्य गतिविधियों ने प्रतिभागियों को आपसी मेल-जोल और सहयोग का अवसर दिया।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, दमोह द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम वृद्धजनों के सम्मान, युवा सहभागिता और सामाजिक समावेशन की दिशा में एक सार्थक पहल रहा। आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि पीढ़ियों के बीच दूरी कम करने के लिए संवाद और सहभागिता सबसे प्रभावी माध्यम हो सकते हैं। वृद्धजनों के अनुभव और युवा पीढ़ी की ऊर्जा जब एक मंच पर आती है तो समाज के लिए सकारात्मक दिशा और नई संभावनाओं का निर्माण होता है।
