दमोह/ जिले में बढ़ती बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए विद्युत मंडल ने वर्ष 2025-26 में बड़े पैमाने पर सघन अभियान चलाते हुए रिकॉर्ड कार्रवाई की है। विभागीय टीमों द्वारा शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लगातार जांच और दबिश की कार्रवाई की जा रही है, जिसके चलते अब तक 2 हजार 446 पंचनामा प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में करीब 5 करोड़ 90 लाख रुपये की वसूली तय की गई है। यह आंकड़े इस बात की ओर संकेत करते हैं कि जिले में बिजली चोरी बड़े स्तर पर हो रही थी, जिस पर विभाग ने अब सख्त रुख अपनाया है।
कार्यपालन अभियंता एम.एल. साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि दर्ज प्रकरणों में से अब तक 2 हजार 150 लोगों से 1 करोड़ 76 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है। शेष प्रकरणों में नोटिस जारी कर राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिन उपभोक्ताओं ने निर्धारित समय में राशि जमा नहीं की है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। विभागीय अमले को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बकाया मामलों में समझौते की बजाय सख्ती से वसूली की जाए।
उन्होंने बताया कि बिजली चोरी के लिए कई तरीके अपनाए जा रहे थे, जिनमें सीधे लाइन डालना, मीटर से छेड़छाड़ करना, बिना कनेक्शन बिजली का उपयोग करना और स्वीकृत लोड से अधिक उपयोग करना शामिल है। विभाग ने ऐसे सभी मामलों पर निगरानी बढ़ाते हुए विशेष टीमों का गठन किया है, जो अचानक जांच कर रही हैं। जांच के दौरान अवैध कनेक्शन मिलने पर मौके पर ही पंचनामा बनाकर प्रकरण दर्ज किया जा रहा है।
पिछले वर्ष 2024-25 की तुलना में इस वर्ष कार्रवाई का दायरा काफी बढ़ाया गया है। वर्ष 2024-25 में 1 हजार 387 लोगों को बिजली चोरी करते हुए पकड़ा गया था, जिन पर 2 करोड़ 6 लाख रुपये की वसूली तय की गई थी। इनमें से 863 लोगों से 1 करोड़ 10 लाख रुपये वसूले गए थे। इसके मुकाबले वर्ष 2025-26 में प्रकरणों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है और वसूली की राशि भी कई गुना बढ़ी है। इससे स्पष्ट है कि विभाग ने इस बार अभियान को अधिक आक्रामक और प्रभावी तरीके से संचालित किया है।
कार्यपालन अभियंता एम.एल. साहू ने दो टूक शब्दों में कहा कि बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ अब किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी से विभाग को आर्थिक नुकसान तो होता ही है, साथ ही ईमानदार उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त भार पड़ता है और विद्युत आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसे में यह केवल विभाग का नहीं बल्कि समाज का भी नुकसान है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अवैध कनेक्शन या मीटर से छेड़छाड़ करते पाए जाने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किए जाएंगे। लगातार अभियान चलाकर ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है और टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जाए।
विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा। शहर और गांवों में विशेष चेकिंग ड्राइव, रात्रि निरीक्षण और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि बिजली चोरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों से सख्ती से निपटा जाएगा।
विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे वैध कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचें। चोरी करते पकड़े जाने पर आर्थिक दंड के साथ कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। विभाग का कहना है कि ईमानदार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
